हमारी जमीन ही नहीं हमारा…
इस देश का नाम उनके पूर्वजों ने रखा भारत उनके ही किसी पूर्वज के नाम पर जिसे मै भी जानता...
Read moreDetailsइस देश का नाम उनके पूर्वजों ने रखा भारत उनके ही किसी पूर्वज के नाम पर जिसे मै भी जानता...
Read moreDetailsडरबन सिंह ऐतिहासिक तौर पर देखा जा सकता है कि पूंजी के लिए प्रजातंत्र ‘इस्तेमाल करो और फेंको’ वाली वस्तु...
Read moreDetailsसुब्रतो चटर्जी आज मैं जो आपको बताने जा रहा हूं उसे सोने के फ़्रेम में मढ़ कर रख लीजिए भविष्य...
Read moreDetailsडार्विन, जिसने सारी पुरानी मान्यता को ध्वस्त कर दिया सृष्टि में तेज आवाजें आ रही थी, मानो सभी ग्रह एक...
Read moreDetailsशेहला रशीद को एन साई बालाजी का पत्र - 'यह हृदय परिवर्तन नहीं हृदयहीनता है' भारत का यह दुर्भाग्य है...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.