संविधान
अगर इस देश का संविधान गरीबों ने बनाया होता तो सबसे पहले वे रोटी पर कानून बनाते कि कोई इसके...
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Read moreDetails‘काले अध्याय’ : नियति के आईने में इतिहास और वर्तमान मनीष आजाद 2015 में मनोज रूपड़ा का चर्चित उपन्यास ‘काले...
Read moreDetailsलुगदी साहित्य का अपने दौर में सबसे ज़्यादा बिकने वाला नाम - गुलशन नंदा 'गुलशन नंदा' यानि हिन्दी में पल्प...
Read moreDetailsखलक खुदा का, मुलुक बाश्शा का हुकुम शहर कोतवाल का... हर खासो-आम को आगाह किया जाता है कि खबरदार रहें...
Read moreDetailsअयोध्या में 22 लाख 23 हजार दीप जलाने का विश्व रिकॉर्ड बनाया जा रहा था, उसी समय उत्तराखण्ड में चारधाम...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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