सच और झूठ के संघी खेल को उजागर करना आज की जरूरत
सच और झूठ के संघी खेल को उजागर करना आज की जरूरत प्रोपगैंडा से सच को झूठ और झूठ को...
Read moreDetailsसच और झूठ के संघी खेल को उजागर करना आज की जरूरत प्रोपगैंडा से सच को झूठ और झूठ को...
Read moreDetailsहिमांशु कुमार फासीवादी कहेगा - गरीब आलसी होते हैं, मेहनती लोग अमीर होते हैं. प्रगतिशील कहेगा - किसान मजदूर लोग...
Read moreDetailsन्यायधीशों ने अपनी आंखों पर बिल्कुल पट्टी नहीं बांध रखी आलीशान हवाई यात्राएं राज्यसभा की सदस्यताएं और मंहगे विदेशी सैर...
Read moreDetailsवह एक तूफानी साल. आंधी ने सारे देश को अपनी चपेट में ले लिया. बादल बिखर गए तूफान टूट पड़ा...
Read moreDetailsआंसुओं का वर्ग : पीड़ितों के आंसू बनाम घड़ियाली / सेलेक्टिव आंसू सुब्रतो चटर्जी मनीष सिसोदिया को अपनी बीमार पत्नी...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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