तुम इतने बच्चों को मार कैसे सकते हो ?
तुम इतने बच्चों को मार कैसे सकते हो ? अभी तो उन्होंने नदियों, पहाड़ों और पेड़ों में रंग भरना सीखा...
Read moreDetailsतुम इतने बच्चों को मार कैसे सकते हो ? अभी तो उन्होंने नदियों, पहाड़ों और पेड़ों में रंग भरना सीखा...
Read moreDetailsइजरायल और फिलिस्तीन के विवाद में मोदी की राजनीति और भारतीय पत्रकारिता की अनैतिक नग्नता हेमन्त कुमार झा, एसोसिएट प्रोफेसर,...
Read moreDetailsजगदीश्वर चतुर्वेदी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को यह श्रेय जाता है कि उन्होंने देश के मध्यवर्ग को असभ्यता को शिरोधार्य करने,...
Read moreDetailsलाल जूते वो बच्चे जिन्होंने अभी नहीं सीखा था पांव में जूते पहनना युद्ध की विभीषिका के बीच वो बच्चे...
Read moreDetailsभारत की कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी (सीपीआई-माओवादी) की स्थापना वर्ष 2004 में हुई थी, तबसे यह पार्टी तमाम अवरोधों, उतार-चढ़ाव और अपने...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.