Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home कविताएं

बच्चे फिलिस्तीन के हो या बस्तर के…

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
November 1, 2023
in कविताएं
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
बच्चे फिलिस्तीन के हो या बस्तर के...
बच्चे फिलिस्तीन के हो या बस्तर के…

बच्चे फिलिस्तीन के हो
या बस्तर के
लूटेरे इन पर भी रहम नही करते हैं
और बागियों के बच्चो को तो
ये पेट में ही मार देते हैं
भविष्य का विद्रोही समझ कर

इनका बस चले तो विद्रोहियों का शरीर के
साथ-साथ इतिहास भी मिटा दे
हालांकी ये इसकी कोशिश भी
अपनी पूरी जी जान से करते हैं

You might also like

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

SEDITIOUS RIVER

कौन है श्रेष्ठ ?

जमीन की लड़ाई ही इस दुनिया में
अब तक की सबसे बड़ी लड़ाई है
जमीन पर जिसका कब्जा होगा
उसी का अपने देश और
दुनिया पर कब्जा होगा

साम्राज्यवादियों के लिए
अन्तर्राष्ट्रीय सीमाएं भी कोई मायने
नही रखता है
उनके लिए तो आज भी
पूरी धरती एक चारागाह ही है
जहां वे अपने लाठी के दम पर
एशिया,
अफ्रीका और
लैटिन अमेरिका के किसानों के
फसल लगी खेत में भी
अपनी गाय चरा रहे हैं

फिलिस्तीन में तो इन लुटेरो ने
खेत के साथ-साथ
घर भी कब्जा कर लिया है
और अब घर के मालिक को ही
घुसपैठिया बता रहे हैं
और विरोध करने पर आतंकवादी कह रहे हैं
जबकी पूरी दुनिया जानती है कि
वहां आतंक कौन मचा रखा है !

2

यहूदियों तुम किसकी सन्तान हो
इब्राहीम की
दाऊद की
कार्ल मार्क्स की
रोजा लक्जमबर्ग
या आइस्टिंन की ?
मुझे तो तुम इन सब में से
किसी की सन्तान नही लगते हो

बुरा मत मानना मुझे तो
तुम उसी की संतान लगते हो
जिसने तुम सब का नरसंहार किया था

बस उस में और तुम में फर्क यही है की
वो पूरी दुनिया पर राज करना चहता था
और तुम पूरी दुनिया के यहूदियों के लिए
एक देश बना लिए हो

क्या तुम्हे लोकतंत्र और
जनवाद पर भरोसा नहीं है ?
क्या कोई नस्ल या धर्म
तभी सुरक्षित रहेगा
जब उसका एक अपना देश होगा ?

इस तरह तो जिस नस्ल या धर्म की
इस धरती पर जितनी संख्या है
उतना ही वह अपने लिए जमीन की मांग करेगा
और कोई देश बनाएगा तो कोई महादेश

शायद तुम से ही प्रेरणा ले कर
हमारे देश में भी कुछ लोग
हिन्दू राष्ट्र बनाना चाहते हैं
पर ये सोच परमाणु बम से भी
ज्यादा खतरनाक है
जिसकी आग में ये
पूरी दुनिया ही जल जायेगी

जिस रास्ते पर तुम चल रहे हो
वो जमाना कब का बीत चुका है
काहे तुम ईसा मसीह और
मुहम्मद को कब्र से जगा रहे हो
वो जहां सो रहे है उन्हे सोने दो

ये दुनिया अब किसी पैगम्बर के उपदेश से नहीं
लोकतंत्र और संविधान से चलती है
यहां के खुली हवा में
जितना सांस लेने की आजादी तुम्हें है
उतना ही गाजा के बच्चो को भी है
जिनके उपर तुम बम गिरा कर भी नही छिन सकते !

  • विनोद शंकर

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

आईये, आज आपको गोबर पट्टी की यात्रा पर ले चलते हैं…

Next Post

भारत वाक़ई में मर चुका है…मोदी ने कुलीनतंत्र स्थापित कर दिया है

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

by ROHIT SHARMA
March 22, 2026
कविताएं

SEDITIOUS RIVER

by ROHIT SHARMA
September 7, 2025
कविताएं

कौन है श्रेष्ठ ?

by ROHIT SHARMA
July 31, 2025
कविताएं

स्वप्न

by ROHIT SHARMA
June 26, 2025
कविताएं

ढक्कन

by ROHIT SHARMA
June 14, 2025
Next Post

भारत वाक़ई में मर चुका है...मोदी ने कुलीनतंत्र स्थापित कर दिया है

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

‘लिखे हुए शब्दों की अपेक्षा लोगों को फिल्मों से जोड़ना अधिक आसान है’ – हिटलर

March 19, 2022

विकास का दावा और कुपोषण तथा भूख से मरते लोग

October 4, 2018

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.