राजसत्ता
राज्य हमारी मां नहीं है और नहीं हम उसके बच्चे है कि सिर्फ हमारे रो देने भर से वो हमें...
Read moreDetailsराज्य हमारी मां नहीं है और नहीं हम उसके बच्चे है कि सिर्फ हमारे रो देने भर से वो हमें...
Read moreDetailsउन्नाव के ईत्र और लाल भारतीयों के लहू में प्रतिस्पर्धा के शुभ मुहूर्त पर वे मुझे अनायास ही ढूंढते हैं...
Read moreDetails'नास्टेल्जिया फॉर दि लाइट' : एक और 9/11 मनीष आजाद 9/11 आज एक मुहावरा बन चुका है. 2001 के बाद...
Read moreDetailsहिमांशु कुमार संविधान कहता है कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह वैज्ञानिक समझ का प्रसार करे इसलिए मैं...
Read moreDetailsमाई नेम इज़ सेल्मा : यह सिर्फ़ उस यहूदी महिला की कहानी भर नहीं है… मनीष आजाद 98 साल की...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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