‘नास्टेल्जिया फॉर दि लाइट’ : एक और 9/11
'नास्टेल्जिया फॉर दि लाइट' : एक और 9/11 मनीष आजाद 9/11 आज एक मुहावरा बन चुका है. 2001 के बाद...
Read moreDetails'नास्टेल्जिया फॉर दि लाइट' : एक और 9/11 मनीष आजाद 9/11 आज एक मुहावरा बन चुका है. 2001 के बाद...
Read moreDetailsहिमांशु कुमार संविधान कहता है कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह वैज्ञानिक समझ का प्रसार करे इसलिए मैं...
Read moreDetailsमाई नेम इज़ सेल्मा : यह सिर्फ़ उस यहूदी महिला की कहानी भर नहीं है… मनीष आजाद 98 साल की...
Read moreDetailsलाख बुरे थे अंग्रेज मगर.., अब इसके आगे कोई भी मजेदार जुमला बनाया जा सकता है. पर कभी आपने सोचा...
Read moreDetailsहेमन्त कुमार झा,एसोसिएट प्रोफेसर, पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय, पटना आधुनिक इतिहास के पन्ने पलट कर देख लीजिए, कोई भी पुनरुत्थानवादी शक्ति ऐसी...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.