आजादी
आजादी खाने को, पहनने को, चलने को, सोने को, बतियाने को इस तरह का कोई भी दैनिक काम करने को...
Read moreDetailsआजादी खाने को, पहनने को, चलने को, सोने को, बतियाने को इस तरह का कोई भी दैनिक काम करने को...
Read moreDetailsसांप्रदायिक हिंसा, कारपोरेटीकरण व तानाशाही के खिलाफ एकजुट हो-जन अभियान, दिल्ली देश में दो तरह के काम बड़ी तेजी से...
Read moreDetailsडराते हो गिरफ्तारियों से...? डराते हो गिरफ्तारियों से डराते हो जेलों से डराते हो यातनाओं, बंदूकों और हत्याओं से तुम...
Read moreDetailsविनोद शंकर 'बच्चा लाल उन्मेष' की बहुचर्चित कविता 'कौन जात हो भाई ?' आप सब ने पढ़ा ही होगा. आइये...
Read moreDetailsअमेरिकी साम्राज्यवाद का इतिहास पराजयों से भरा हुआ है. कोरियाई युद्ध, वियतनाम युद्ध, अफगान युद्ध में अमेरिकी साम्राज्यवाद ने सदैव...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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