धार्मिक पर्व और उत्सव : हिंसा, अपराध और भ्रष्टाचार से ध्यान हटाने और छिपाने का षड्यंत्र
जगदीश्वर चतुर्वेदी लोकतंत्र में क़ानून के शासन, संविधान, संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता, भारतीय दंड संहिता एवं प्रशासनिक नियमों का महत्व...
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Read moreDetailsजब जब किया जायेगा स्त्री को निर्वस्त्र और घुमाया जाएगा बनाया जाएगा उसका तमाशा तब तब जाने कितने परिवार जो...
Read moreDetailsइस बार की जनगणना में मातृभाषा का कॉलम नहीं था. स्वाभाविक रूप से देश के लोगों की मातृभाषा नहीं गिनी...
Read moreDetailsचंद्रयान बनाने वाले मज़दूरों (वैज्ञानिकों) को 17 महीने से वेतन नहीं बंगाल की खाड़ी में, आंध्रप्रदेश समुद्री तट के नज़दीक...
Read moreDetailsवह औरत पर्स से खुदरा नोट निकालकर कंडक्टर से अपने घर जाने का टिकट ले रही है उसके साथ अभी...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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