आज की दुनिया को नीतिगत तौर पर राजनेता नहीं, वैश्विक वित्तीय शक्तियां संचालित कर रही है !
आज की दुनिया को नीतिगत तौर पर राजनेता नहीं, वैश्विक वित्तीय शक्तियां संचालित कर रही है ! हेमन्त कुमार झा,एसोसिएट...
Read moreDetailsआज की दुनिया को नीतिगत तौर पर राजनेता नहीं, वैश्विक वित्तीय शक्तियां संचालित कर रही है ! हेमन्त कुमार झा,एसोसिएट...
Read moreDetailsप्रेमी फ़क़ीर होते हैं, मैं शून्य हूं... प्रेमी फ़क़ीर होते हैं. प्रेमी धन कमा नहीं सकता; कमा भी ले, तो...
Read moreDetailsयहां पर कुछ समय बिताऊंगा तुम्हारे साथ काल के इस शिला खंड पर फ़ॉसिल बन कर उभरने तक पिघलता रहूंगा...
Read moreDetailsआर्थिक मंदी : समाजवादी अर्थव्यवस्था का मुकाबला पूंजीवादी अर्थव्यवस्था कभी नहीं कर सकता मौजूदा व्यवस्था के रहते, हमारे देश में...
Read moreDetailsदेश चाहे जिसको सौंप दिया, घर बचा लीजिये, आख़िर बच्चे तो आपके हैं न ... ! 1757 में प्लासी की...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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