जन्म दिन के अवसर पर वी. पी. सिंह : जो न अपने घर का रहा और न ही घाट का
वी. पी. सिंह : जो न अपने घर का रहा और न ही घाट का ओबीसी के लिए आरक्षण लाने...
Read moreDetailsवी. पी. सिंह : जो न अपने घर का रहा और न ही घाट का ओबीसी के लिए आरक्षण लाने...
Read moreDetailsदास युग में जीने को अभिशप्त है IGIMS के आऊटसोर्सिंग कर्मचारी देश की अर्द्ध सामंती-अर्द्ध औपनिवेशिक चरित्र से भी बदतर...
Read moreDetailsउच्च न्यायालय द्वारा मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) के रूप में मान्यता दिए जाने के बाद से मणिपुर में...
Read moreDetailsश्रम के 12 घंटे, मजदूरों की चेतना और अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की नौटंकी एक फैक्ट्री में मई दिवस के सवाल...
Read moreDetailsRSS / चितपावन ब्राह्मण (यूरेशियन ब्राह्मण) आरएसएस की स्थापना चितपावन ब्राह्मणों ने की और इसके ज्यादातर सरसंघचलक अर्थात् मुखिया अब...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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