राहुल सांकृत्यायन की पुस्तक ‘रामराज्य और मार्क्सवाद’ की भूमिका – ‘दो शब्द’
जब से दुनिया में मार्क्सवाद ने खुद स्थापित किया है और दुनिया भर के मेहनतकशों ने तहे दिल से अपनाया...
Read moreDetailsजब से दुनिया में मार्क्सवाद ने खुद स्थापित किया है और दुनिया भर के मेहनतकशों ने तहे दिल से अपनाया...
Read moreDetailsराम अयोध्या सिंह हिन्दू मानसिकता पत्थर की मूर्ति को भगवान या देवता मानकर उसकी न सिर्फ पूजा करता है, बल्कि...
Read moreDetailsदुनिया में पहले तकनीक आई, बाद में विज्ञान आया. यूरोप के छलांग मारकर आगे बढ़ने का इतिहास तकनीक के पीछे...
Read moreDetailsराजा का मूड उखड़ा हुआ था. उसने मंत्री को तलब किया. मंत्री: क्या हुआ महाराज ? राजा: कुछ मजा नहीं...
Read moreDetails'मुझे तो मां गंगा ने बुलाया है' मां होगी तुम्हारी मेरी तो नहीं है पहले भी नहीं थी हो भी...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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