मार्क्स
मार्क्स जब क्रांतियां मार्क्स की आंखों के सामने एक एक कर 'पराजित' हो चुकी थी ! जब मार्क्स का अपना...
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Read moreDetailsधर्म और कार्ल मार्क्स : धर्म के अंत का अर्थ है मनुष्य के दु:खों का अंत जगदीश्वर चतुर्वेदी अनेक लोग...
Read moreDetailsमहान क्रांतिकारी समाजवादी दार्शनिक और चिंतक कार्ल मार्क्स मुनेश त्यागी आज दुनिया के महान क्रांतिकारी कार्ल मार्क्स का पुण्य दिवस...
Read moreDetails'नाटु-नाटु' को ऑस्कर : लोहे के पंजे मख़मल के दस्तानों में ही छुपे रहते हैं सुब्रतो चटर्जी अमरीकी साम्राज्यवाद को...
Read moreDetails'ये क्या जगह है दोस्तों' : एक युद्धरत संस्कृतिकर्मी की पुकार... मनीष आजाद पुस्तक यहां भी उपलब्ध है - भारत...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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