अनकही
बातों के गलियारों से निकल कर जब मैं पहुंचता हूं तुम्हारे अघोर वृष्टि वन में बने कुटिया तक अचानक बदल...
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Read moreDetailsछठ : धार्मिकता के लबादे के नीचे मांग-पत्रों की फेहरिस्त राम अयोध्या सिंह इधर धनतेरस और दीवाली मनी नहीं कि...
Read moreDetailsमोदी का बद्रीनाथ दर्शन की प्रौपेगैंडा शैली हिटलर के प्रचार शैली का अंधानुकरण है 'देश में जब ऐसी आर्थिक दशा...
Read moreDetailsअक्टूबर 2017 में यह लेख राजकिशोर सम्पादित 'रविवार डाइजेस्ट' के मेरे उस समय के नियमित स्तम्भ 'जंतर मंतर' के लिए...
Read moreDetailsऊर्जा संकट ने यूरोप में मचाई हाहाकार, महंगाई और युद्ध (नाटो) का विरोध हुआ तेज़ 1929 की महामंदी के बाद...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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