अतीत से प्रेम और ज़ंजीरों में अप्रवासी
अतीत से प्रेम और ज़ंजीरों में अप्रवासी बात 1845 की है. आर्कटिक सर्कल होकर अमेरिका पहुंचने के नए रास्तों की...
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Read moreDetailsमौमिता आलम के ठंडे उत्तरों के पीछे खौलते सवालों की कविता । मूल्य 250/रूपये, प्रकाशन: न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन, अनुवाद: अमिता...
Read moreDetails1 फरवरी 2025 को बीजापुर में हुए माओवादियों के नाम पर फर्जी मुठभेड़ की निंदा, मार डाले 8 ग्रामीण आज...
Read moreDetailsमौजूदा समय में जिस तरह भारत की सर्वाधिक भ्रष्ट और प्रतिक्रियावादी मोदी सरकार सत्ता में है और माओवादियों के ख़िलाफ़...
Read moreDetailsभारत के माओवादियों को भी चीन के लाल सेना की ही तरह घेर कर ख़त्म कर देने के लिए भारत...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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