गुलामी भारतीयों की सनातन संस्कृति का अभिन्न हिस्सा
धर्म, मूर्खता और भय के त्रिशूल के माध्यम से भारतीय जनमानस में गुलामी इस कदर गहरे समाई है कि यह...
Read moreDetailsधर्म, मूर्खता और भय के त्रिशूल के माध्यम से भारतीय जनमानस में गुलामी इस कदर गहरे समाई है कि यह...
Read moreDetailsजब चीन की कम्युनिस्ट पार्टी अपनी शताब्दी मनाने की तैयारियों में जुटी है, तब बाकी दुनिया के लिए दिलचस्पी का...
Read moreDetailsअगर हर बीमारी का इलाज योगा से हो सकता है तो फिर पतंजलि वाला रामदेव दवा क्यों बनाता है ?...
Read moreDetailsलेख को विस्तार देने से पहले विंस्टन चर्चिल को उद्धृत करना चाहूंगा. विंस्टन चर्चिल ने 1946, ब्रिटिश पार्लियामेंट में भारत...
Read moreDetailsकिसी गांव में एक अम्मा ने अपनी बंद पड़ी 'आटा-चक्की' को खुंटवाने के लिए कारीगर को बुलाया. 'देख भाई जानता...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.