क्या आप इस समाज को बेहतर बनाने के लिए उतनी मेहनत कर रहे हैं, जितनी जरूरत है ?
क्या आप इस समाज को बेहतर बनाने के लिए उतनी मेहनत कर रहे हैं, जितनी जरूरत है ? हिमांशु कुमार...
Read moreDetailsक्या आप इस समाज को बेहतर बनाने के लिए उतनी मेहनत कर रहे हैं, जितनी जरूरत है ? हिमांशु कुमार...
Read moreDetailsसबसे ख़तरनाक हथियार... युद्ध के डर से मैं ताउम्र उससे दूरी बनाए रखा और इस दूरी बनाए रखने के युद्ध...
Read moreDetailsआजादी चरखे से नहीं आई, यह सच है... छोटा सा अंदाजा लगायें. सन 2024 में देश में 1330 जेलें है,...
Read moreDetailsयॉन मिर्डल और गौतम नवलखा ने जनवरी, 2010 में यह साक्षात्कार सीपीआई (माओवादी) के महासचिव गणपति से लिए थे. गणपति...
Read moreDetailsचित्रा मुद्गल : नाम बड़े और दर्शन छोटे सुब्रतो चटर्जी प्रेमचंद, यशपाल, जैनेंद्र जैन, रागेय राघव, राहुल सांकृत्यायन, कमलेश्वर, धर्मवीर...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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