वह छः महीने की बच्ची थी उसका सबसे बड़ा दोष था आदिवासी घरों में पैदा होना वह भूख लगने पर जोर से या आहिस्ता से रोयी थी उसे मां दुध पिलाती उससे पहले गोली मार दी गई इस तरह शांत कर दी गई सत्ता द्वारा बच्ची के पेट की भूख. बच्ची की मां की चीख जंगल में गूंज उठी दिल्ली में बैठकर शांति और सभ्यता पर लंबे लंबे लेख कविताएं लिखने वाले बुद्धिजीवियों तुम बताओ- क्या हथियारों का मुकाबला हथियारों से करने का वक्त नहीं आ गया जल, जंगल और जमीन को लूटेरों से बचाने के लिए ?
  • संदीप कुमार