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Home गेस्ट ब्लॉग

सहिष्णु भारत के असहिष्णु ठुल्ले !

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
December 22, 2018
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सहिष्णु भारत के असहिष्णु ठुल्ले !

ज़रा कभी सोचियेगा फुरसत से … कहीं आपकी चुप्पी और ठुल्लों की साम्प्रदायिकता देश को गृहयुद्ध की ओर तो नहीं ले जा रही ? आखिर भारत की असली सहिष्णुता की रक्षा कौन लोग कर रहे हैं ?

1. उर्दू संविधान में उल्लेखित भाषा है, जिसका जन्म भारत में हुआ. उर्दू उत्तर प्रदेश राज्य की हिंदी के बाद दूसरी भाषा है लेकिन भाजपा के लोग अलीगढ़ में एक मुस्लिम पार्षद को उर्दू में शपथ लेने पर पीटते हैं. तुर्रा ये यूपी के ठुल्ले विक्टिम के खिलाफ ही 295ए के तहत मुकदमा लिख लेते हैं.

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2. उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष विधायकों को संस्कृत में तो शपथ दिलवा देते हैं लेकिन मुस्लिम विधायकों को उर्दू में शपथ लेने के कारण पुनः हिंदी में शपथ लेने को बाध्य करते हैं.

3. मेरठ में एक कॉलोनी में रस्तोगी जी ने अपना मकान नोवान को बेच दिया. जब मियां नोवान अपने परिवार तथा सामान के तहत अपने घर में रहने पहुंचे तो स्थानीय बीजेपी नेता जी और हिन्दू पड़ोसी वहां से उन्हें निकालने पहुंच गए. उत्तर प्रदेश के ठुल्ले नोवान को थाने उठा के गए. रस्तोगी जी को भी थाने बुलाया गया और नोवान को पैसे वापिस करने के लिए उन्हें बाध्य किया गया.




4. मध्य प्रदेश के सतना में ईसाई हमेशा की तरह क्रिसमस की तैयारी के तहत रोज़ कैरोल्स गाते हुए प्रभात फेरी निकाल रहे थे. हिंदुत्व के पैरोकारों ने उन्हें पीटा और मध्यप्रदेश के ठुल्लों ने उन्हें थाने में बिठाल लिया. जब कुछ पादरी उनसे मिलने थाने पहुंचे तो उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया. यही नहीं थाना परिसर में खड़ी उनकी गाड़ी को पुलिस के सामने ही थाना परिसर में ठुल्लों की उपस्थिति में दंगाइयों ने आग लगा दी.

5. राजसमंद राजस्थान में अफराज़ूल के हत्यारे के पक्ष में न्यायपालिका पर फहराए झंडे और राजस्थानी ठुल्लों की निष्क्रियता और न्यायपालिका की चुप्पी को भी समझिए.

6. धार्मिक नफरत के तहत रेल में जुनैद की हत्या की गई. मौका-ए-वारदात पर ज़िंदा बच गए उसके भाई व मित्रों की निशानदेही और गवाही के बावजूद हरियाणवी ठुल्लों ने केस को आम अपराध की तरह दर्शाकर धाराओं को नरम किया और हत्यारों को ज़मानत तथा सज़ा में आसानी उपलब्ध कराने वाली ढीली तफ्तीश की.




7. ऐसा ही आपराधिक पक्षपात राजस्थान के ठुल्लों ने पहलू खान के केस में किया ताकि हत्यारे कोर्ट से छूट जाएं.

8. रोहित वेमुला, ऊना दलित कांड, अख़लाक़, जुनैद, नजीब और अनगिनत विभिन्न विधर्मियों के साथ मार-पीट, हत्या, बलात्कार की घटनाओं को भी जोड़ लीजिये, उनमें दिल्ली, कर्नाटक, तमिलनाडु, हैदराबाद, गुजरात किसी भी राज्य के ठुल्लों का चरित्र देख लीजिए.

9. कलबुर्गी, पानसरे, कर्नाटक की लेखिका गौरी लंकेश की हत्या और उसपे जश्न की तस्वीरें भी आप भूले न होंगे. पुलिसिया कार्रवाही की रफ्तार पर भी नज़र रखिये, भले ही सरकार कांग्रेस या तीसरे दल की ही क्यों न हो.

10. दलित लेखक चिंतक कांचा इलैया के साथ सरकारों और दक्षिणपंथी हिंदुत्ववादियों का व्यवहार देखिए. उनकी सुरक्षा में असमर्थ पुलिसियों को भी देखिये.




11. कासगंज दंगे के समय सब कुछ वीडियो में आईने की तरह साफ था कि किसने और क्यों दंगा भड़काया ? ठुल्लों की कार्यवाही की भी रिपोर्ट ले लीजिए.

12. बुलंदशहर की घटना तो अभी हाल ही में हुई है. गौ काटने में हुई दोनों कार्यवाहियां देख लीजिए. पहले के निर्दोष और अब नई गिरफ्तारियां. इसकी तुलना कानून की रक्षा करते एसएचओ की हत्या के मुख्य आरोपियों को पकड़ने में पुलिस की सफलता दर से तुलना कीजिये. अपने साथी के हत्यारे को पकड़ने में असमर्थ पुलिस की बेबसी को समझिए.

कौन माई का लाल कहता है कि भारत अब भी एक सहिष्णु देश है ? आप नसीरुद्दीन शाह की आलोचना कर रहे हैं क्योंकि उसने सच बोल दिया है.




आपको अमिताभ बच्चन पसंद है, अजय देवगन पसंद है, अनुपम खेर पसंद है, सलमान खान भी पसंद है. देश को घोटालों में झोंक चुपचाप माल सीधा करने वाले फ़र्ज़ी देश भक्त आपको पसंद है. आपको चंदन की लकड़ी का स्मगलर बाबा रामदेव पसंद है और किसी देश में तो इतने ज़ुल्म होते तो प्रतिक्रिया में सुनियोजित जवाब मिलना शुरू हो चुके होते. देश की गंगा-जमुनी तहजीब को बचाने के लिए आशंकित सेलिब्रिटी अगर मुसलमान नाम का है तो आपको तकलीफ है. उसके इरादों पर शक है.

ज़रा कभी सोचियेगा फुरसत से … कहीं आपकी चुप्पी और ठुल्लों की साम्प्रदायिकता देश को गृहयुद्ध की ओर तो नहीं ले जा रही ? आखिर भारत की असली सहिष्णुता की रक्षा कौन लोग कर रहे हैं ?

  • फरीदी अल हसन तनवीर





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