Monday, June 8, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

सहिष्णु भारत के असहिष्णु ठुल्ले !

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
December 22, 2018
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

सहिष्णु भारत के असहिष्णु ठुल्ले !

ज़रा कभी सोचियेगा फुरसत से … कहीं आपकी चुप्पी और ठुल्लों की साम्प्रदायिकता देश को गृहयुद्ध की ओर तो नहीं ले जा रही ? आखिर भारत की असली सहिष्णुता की रक्षा कौन लोग कर रहे हैं ?

1. उर्दू संविधान में उल्लेखित भाषा है, जिसका जन्म भारत में हुआ. उर्दू उत्तर प्रदेश राज्य की हिंदी के बाद दूसरी भाषा है लेकिन भाजपा के लोग अलीगढ़ में एक मुस्लिम पार्षद को उर्दू में शपथ लेने पर पीटते हैं. तुर्रा ये यूपी के ठुल्ले विक्टिम के खिलाफ ही 295ए के तहत मुकदमा लिख लेते हैं.

You might also like

जिन्हें भाजपाई होने पर शर्म आती है, इसलिए खुद को समाजवादी कहते हैं

धरती और औरत, दोनों के प्रति आदिवासी समाज का नजरिया गैर आदिवासी समाज से भिन्न

ममता बनर्जी वही काट रही है जो उसने तीन दशकों में बोया था…

2. उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष विधायकों को संस्कृत में तो शपथ दिलवा देते हैं लेकिन मुस्लिम विधायकों को उर्दू में शपथ लेने के कारण पुनः हिंदी में शपथ लेने को बाध्य करते हैं.

3. मेरठ में एक कॉलोनी में रस्तोगी जी ने अपना मकान नोवान को बेच दिया. जब मियां नोवान अपने परिवार तथा सामान के तहत अपने घर में रहने पहुंचे तो स्थानीय बीजेपी नेता जी और हिन्दू पड़ोसी वहां से उन्हें निकालने पहुंच गए. उत्तर प्रदेश के ठुल्ले नोवान को थाने उठा के गए. रस्तोगी जी को भी थाने बुलाया गया और नोवान को पैसे वापिस करने के लिए उन्हें बाध्य किया गया.




4. मध्य प्रदेश के सतना में ईसाई हमेशा की तरह क्रिसमस की तैयारी के तहत रोज़ कैरोल्स गाते हुए प्रभात फेरी निकाल रहे थे. हिंदुत्व के पैरोकारों ने उन्हें पीटा और मध्यप्रदेश के ठुल्लों ने उन्हें थाने में बिठाल लिया. जब कुछ पादरी उनसे मिलने थाने पहुंचे तो उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया. यही नहीं थाना परिसर में खड़ी उनकी गाड़ी को पुलिस के सामने ही थाना परिसर में ठुल्लों की उपस्थिति में दंगाइयों ने आग लगा दी.

5. राजसमंद राजस्थान में अफराज़ूल के हत्यारे के पक्ष में न्यायपालिका पर फहराए झंडे और राजस्थानी ठुल्लों की निष्क्रियता और न्यायपालिका की चुप्पी को भी समझिए.

6. धार्मिक नफरत के तहत रेल में जुनैद की हत्या की गई. मौका-ए-वारदात पर ज़िंदा बच गए उसके भाई व मित्रों की निशानदेही और गवाही के बावजूद हरियाणवी ठुल्लों ने केस को आम अपराध की तरह दर्शाकर धाराओं को नरम किया और हत्यारों को ज़मानत तथा सज़ा में आसानी उपलब्ध कराने वाली ढीली तफ्तीश की.




7. ऐसा ही आपराधिक पक्षपात राजस्थान के ठुल्लों ने पहलू खान के केस में किया ताकि हत्यारे कोर्ट से छूट जाएं.

8. रोहित वेमुला, ऊना दलित कांड, अख़लाक़, जुनैद, नजीब और अनगिनत विभिन्न विधर्मियों के साथ मार-पीट, हत्या, बलात्कार की घटनाओं को भी जोड़ लीजिये, उनमें दिल्ली, कर्नाटक, तमिलनाडु, हैदराबाद, गुजरात किसी भी राज्य के ठुल्लों का चरित्र देख लीजिए.

9. कलबुर्गी, पानसरे, कर्नाटक की लेखिका गौरी लंकेश की हत्या और उसपे जश्न की तस्वीरें भी आप भूले न होंगे. पुलिसिया कार्रवाही की रफ्तार पर भी नज़र रखिये, भले ही सरकार कांग्रेस या तीसरे दल की ही क्यों न हो.

10. दलित लेखक चिंतक कांचा इलैया के साथ सरकारों और दक्षिणपंथी हिंदुत्ववादियों का व्यवहार देखिए. उनकी सुरक्षा में असमर्थ पुलिसियों को भी देखिये.




11. कासगंज दंगे के समय सब कुछ वीडियो में आईने की तरह साफ था कि किसने और क्यों दंगा भड़काया ? ठुल्लों की कार्यवाही की भी रिपोर्ट ले लीजिए.

12. बुलंदशहर की घटना तो अभी हाल ही में हुई है. गौ काटने में हुई दोनों कार्यवाहियां देख लीजिए. पहले के निर्दोष और अब नई गिरफ्तारियां. इसकी तुलना कानून की रक्षा करते एसएचओ की हत्या के मुख्य आरोपियों को पकड़ने में पुलिस की सफलता दर से तुलना कीजिये. अपने साथी के हत्यारे को पकड़ने में असमर्थ पुलिस की बेबसी को समझिए.

कौन माई का लाल कहता है कि भारत अब भी एक सहिष्णु देश है ? आप नसीरुद्दीन शाह की आलोचना कर रहे हैं क्योंकि उसने सच बोल दिया है.




आपको अमिताभ बच्चन पसंद है, अजय देवगन पसंद है, अनुपम खेर पसंद है, सलमान खान भी पसंद है. देश को घोटालों में झोंक चुपचाप माल सीधा करने वाले फ़र्ज़ी देश भक्त आपको पसंद है. आपको चंदन की लकड़ी का स्मगलर बाबा रामदेव पसंद है और किसी देश में तो इतने ज़ुल्म होते तो प्रतिक्रिया में सुनियोजित जवाब मिलना शुरू हो चुके होते. देश की गंगा-जमुनी तहजीब को बचाने के लिए आशंकित सेलिब्रिटी अगर मुसलमान नाम का है तो आपको तकलीफ है. उसके इरादों पर शक है.

ज़रा कभी सोचियेगा फुरसत से … कहीं आपकी चुप्पी और ठुल्लों की साम्प्रदायिकता देश को गृहयुद्ध की ओर तो नहीं ले जा रही ? आखिर भारत की असली सहिष्णुता की रक्षा कौन लोग कर रहे हैं ?

  • फरीदी अल हसन तनवीर





Read Also –
‘किस किस को कैद करोगे ?’ बढ़ते राजकीय दमन के खिलाफ उठता आवाज
मनुस्मृति : मनुवादी व्यवस्था यानी गुलामी का घृणित संविधान (धर्मग्रंथ)
फासीवाद विरोधी शक्तियों से आह्वान
सेना, अर्ध-सैनिक बल और पुलिस जवानों से माओवादियों का एक सवाल





[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…] 

Previous Post

जब उपलब्धियां गिनाने के लिए सरकार के हाथ खाली हों, तो सरकार क्या करे ?

Next Post

तीन राज्यों के चुनावों में भाजपा-कांग्रेस का वोट प्रतिशत

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

जिन्हें भाजपाई होने पर शर्म आती है, इसलिए खुद को समाजवादी कहते हैं

by ROHIT SHARMA
June 4, 2026
गेस्ट ब्लॉग

धरती और औरत, दोनों के प्रति आदिवासी समाज का नजरिया गैर आदिवासी समाज से भिन्न

by ROHIT SHARMA
May 30, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ममता बनर्जी वही काट रही है जो उसने तीन दशकों में बोया था…

by ROHIT SHARMA
May 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

by ROHIT SHARMA
April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
Next Post

तीन राज्यों के चुनावों में भाजपा-कांग्रेस का वोट प्रतिशत

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

आजादी के 75 साल बाद भी भारत में लोकतंत्र को लागू नहीं कर पाए – हिमांशु कुमार

July 19, 2023

8 नवम्बर, काली रात

November 8, 2019

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

Uncategorized

भारत में अमीरी के प्रति, गैर बराबरी के प्रति गहरी सहनशीलता है

June 7, 2026
Uncategorized

कैसे एक पेपर लीक का मुद्दा घूमते-घूमते ‘हिंदू-मुस्लिम’ तक पहुंच गया ?

June 7, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जिन्हें भाजपाई होने पर शर्म आती है, इसलिए खुद को समाजवादी कहते हैं

June 4, 2026
गेस्ट ब्लॉग

धरती और औरत, दोनों के प्रति आदिवासी समाज का नजरिया गैर आदिवासी समाज से भिन्न

May 30, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ममता बनर्जी वही काट रही है जो उसने तीन दशकों में बोया था…

May 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

भारत में अमीरी के प्रति, गैर बराबरी के प्रति गहरी सहनशीलता है

June 7, 2026

कैसे एक पेपर लीक का मुद्दा घूमते-घूमते ‘हिंदू-मुस्लिम’ तक पहुंच गया ?

June 7, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.