Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home ब्लॉग

धर्मान्ध देश का धर्मान्ध सुप्रीम कोर्ट : भारत बनाम ईरान हिजाब विवाद प्रकरण

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
October 15, 2022
in ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
धर्मान्ध देश का धर्मान्ध सुप्रीम कोर्ट : भारत बनाम ईरान हिजाब विवाद प्रकरण
धर्मान्ध देश का धर्मान्ध सुप्रीम कोर्ट : भारत बनाम ईरान हिजाब विवाद प्रकरण

भारत धर्मान्ध नौटंकीबाजों का देश है. अर्श से खासकर सुप्रीम कोर्ट का जज लेकर फर्श तक ऐसे धर्मान्ध लोग भरे पड़े हैं. मामला हिजाब पर है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के दो जजों की खंडपीठ की खण्ड-खण्ड आदेश आया, फलतः इस खण्डित राय के विकल्प में अब मोदी के ऐजेंट यू. यू. ललित के नेतृत्व में अगली पांच सदस्यीय पीठ बैठेगी और उसमें मोदी के सम्पूर्ण विचारधारा की झलक दिखेगी. मामला इस प्रकार है.

कर्नाटक सरकार ने 5 फरवरी को राज्य के शिक्षण संस्थानों में हिजाब को बैन कर दिया था. ये विवाद इसी साल जनवरी में तब शुरू हुआ था जब एक छात्रा हिजाब पहनकर क्लासरूम जाना चाह रही थी. विद्यालय प्रशासन ने इसकी इजाजत नहीं दी. इससे बाद विवाद होने पर कर्नाटक में प्रशासन को कुछ दिनों के लिए शिक्षण संस्थाओं को बंद करना पड़ा.

You might also like

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

इसके बाद राज्य सरकार ने शिक्षण संस्थानों में हिजाब को बैन कर दिया. इसके बाद ये मामला हाई कोर्ट में गया. जहां हाई कोर्ट ने कहा कि हिजाब इस्लाम का आवश्यक हिस्सा नहीं है. अदालत ने हिजाब बैन करने के राज्य सरकार के आदेश को भी सही ठहराया. कर्नाटक हाई कोर्ट के इसी आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी. इसी मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में बंटा हुआ फैसला आया है.

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले में जहां जस्टिस धूलिया ने हिजाब पर बैन को गलत करार दिया तो जस्टिस हेमंत गुप्ता ने हिजाब पर बैन को जायज ठहराया. अब सीजेआई यूयू ललित इस पर पांच सदस्यीय कोर्ट में विचार करेगा. नोट किया जाये – ‘कोर्ट विचार करेगा.’

हिजाब विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का खण्डित फैसला यह बताने के लिए पर्याप्त है कि भारत में धार्मिक पोशाकों को लेकर कट्टरपंथियों (हिन्दू और मुस्लिम दोनों) अपनी संकीर्णता से बाहर नहीं निकल पाया है. कुख्यात आरएसएस ने हिन्दू कट्टरता को लेकर जहां दुनियाभर में भारत को बदनाम किया है तो वहीं मुस्लिम कट्टरपंथियों ने भी कुछ कम नहीं किया है.

ईरान में हिजाब के खिलाफ महिलाओं का बहादुराना संघर्ष

भारत में जहां एक ओर मुस्लिम महिलाएं हिजाब पहनने के लिए मुस्लिम कट्टरपंथियों के साथ कदम मिलाकर चल रही है तो वहीं मुस्लिम बहुल देश ईरान में मुस्लिम कट्टरपंथियों के विरुद्ध हिजाब के खिलाफ अपनी जान दे रही है. प्राप्त खबर के अनुसार ईरान में 16 सितंबर से हिजाब के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है. इस संघर्ष में अब महिलाओं के साथ पुरुष भी प्रदर्शन में शामिल हो गए हैं. ये प्रदर्शन 15 शहरों में फैल गया है.

वहीं, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें भी हो रही हैं. आंदोलन कर रहे लोगों को रोकने के लिए पुलिस ने गोलियां चलाईं और अब तक मरने वालों की तादाद बढ़कर 31 हो गई है जबकि सैकड़ों लोग घायल भी हुए हैं. यह मामला 13 सितंबर को तब शुरू हुआ जब ईरान की मॉरल पुलिस ने 22 साल की युवती माशा अमीनी को हिजाब न पहनने के आरोप में गिरफ्तार किया और 3 दिन बाद यानी 16 सितंबर को उसकी लाश परिवार को सौंपी गई. यह मामला सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचा और हिजाब के खिलाफ लोगों, खासकर महिलाओं ने हल्ला बोल दिया.

माशा अमीनी के पिता अमजद अमीनी ने BBC से बातचीत में कहा कि पुलिस और सरकार सिर्फ झूठ बोल रही है. मैं बेटी की जान बख्शने के लिए उनके सामने गिड़गिड़ाता रहा. जब मैंने उसका शव देखा तो वो पूरी तरह कवर था. सिर्फ चेहरा और पैर नजर आए. पैरों पर भी चोट के निशान थे. ह्यूमन राइट्स वॉच की न्यूयॉर्क में रहने वाली हादी घामिनी कहती हैं- 2019 से मॉरल पुलिसिंग बेहद सख्त हो गई. इसके हजारों एजेंट्स सादे कपड़ों में भी घूमते रहते हैं. न जाने कितनी महिलाओं को गिरफ्तार कर जेल में डाला गया, उन्हें टॉर्चर किया गया.

अब हिजाब जलाकर महिलाएं प्रदर्शन कर रही है. वे लंबे वक्त से यहां के धार्मिक कानून के खिलाफ आवाज उठा रही हैं. खास बात यह है कि इस बार इन प्रदर्शनों में महिलाओं के साथ-साथ पुरुष भी नजर आ रहे हैं. सैकड़ों पुरुषों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है.  ईरानी महिलाओं ने 20 सितंबर को देश में एंटी हिजाब कैंपेन चलाया और बिना हिजाब के वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट की. इसके बाद दूसरे देशों में रह रही ईरानी महिलाओं ने भी अपने-अपने स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए.

 

Previous Post

जी. एन. साईंबाबा की रिहाई मसले पर हत्यारों-बलात्कारियों के संरक्षक सुप्रीम कोर्ट की साख दांव पर

Next Post

अमेरिका में साठ हिंदू संगठनों के ख़िलाफ़ आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

ब्लॉग

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

by ROHIT SHARMA
March 22, 2026
ब्लॉग

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

by ROHIT SHARMA
December 22, 2025
ब्लॉग

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

by ROHIT SHARMA
November 25, 2025
ब्लॉग

सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा

by ROHIT SHARMA
November 20, 2025
ब्लॉग

‘राजनीतिक रूप से पतित देशद्रोही सोनू और सतीश को हमारी पार्टी की लाइन की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है’ : सीपीआई-माओवादी

by ROHIT SHARMA
November 11, 2025
Next Post

अमेरिका में साठ हिंदू संगठनों के ख़िलाफ़ आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

21वीं सदी का सबसे बड़ा फ्रॉड मोदी के खिलाफ गद्य लिखो, वीडियो बनाओ, जनांदोलन करो

September 2, 2024

जस्टिस लोया की हत्या और हत्यारों-अपराधियों की सरकार

November 25, 2017

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.