Friday, July 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

भारत के अर्थव्यवस्था की सच्ची तस्वीर

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
November 26, 2020
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

भारत के अर्थव्यवस्था की सच्ची तस्वीर

यह दुर्घटनाग्रस्त ट्रक भारत के अर्थव्यवस्था की सच्ची तस्वीर है यह गलत ड्राइवर चुनने का नतीजा है
अमेरिका की सितंबर तिमाही में आर्थिक विकास दर रिकॉर्ड 33.1% रही है, अमेरिका की अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था कही जाती है वहाँ तिमाही-दर-तिमाही आधार पर दर्ज की गई 33.1% की विकास दर 1947 के बाद सबसे तेज तिमाही विकास दर है।
कोरोना से सबसे पहले प्रभावित होने वाले चीन की अर्थव्यवस्था में भी रिकवरी शुरू हो गयी है चीन की आर्थिक विकास दर सितंबर तिमाही में 4.9% रही, अप्रैल-जून में तिमाही में ही चीन की अर्थव्यवस्था ट्रैक पर वापस आ गई थी दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन ने इस साल की जुलाई-सितंबर तिमाही में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 4.9 फीसदी विकास दर्ज किया ताजा विकास दर के साथ अब चीन ग्लोबल रिकवरी की अगुआई कर रहा है।
फ्रांस की इकोनॉमी में भी जबरदस्त सुधार देखने को मिला है। शुक्रवार को राष्ट्रीय स्टेटस्टिक्स ऑफिस इन्सी (Insee) ने बताया कि सितंबर तिमाही में देश की जीडीपी 18.2% बढ़ी है।
यूरोप की यूरो जोन की इकोनॉमी उम्मीद से बेहतर रिकवर हुई है। यूरो जोन की जीडीपी तीसरी तिमाही में 12.7% की ग्रोथ है। यूरो जोन में कुल 19 देश शामिल हैं, जो करेंसी के रूप में यूरो का उपयोग करते हैं इससे पहले कोरोना महामारी के कारण इस क्षेत्र की जीडीपी में भारी गिरावट देखने को मिली थी। यूरोपियन यूनियन (EU) के स्टेटस्टिक्स विभाग द्वारा जारी डेटा के मुताबिक तीसरी तिमाही में जीडीपी की शानदार रिकवरी हुई है जिनमे इटली, फ्रांस और स्पेन की सबसे अहम भूमिका रही।
यानी दुनिया के सभी बड़े देशो की अर्थव्यवस्था विकास के रास्ते पर लौट आयी है सिवाए भारत की अर्थव्यवस्था के यहाँ इस वित्तवर्ष की दूसरी तिमाही के रिजल्ट अभी आए नही है लेकिन यह तय है कि यह माइनस 8 के आसपास रहेगी …..इस तिमाही में बेहतरी की उम्मीद को भी लॉक डाउन की संभावना ने बर्बाद कर दिया है
जैसे ट्रक सही ट्रेक पर चल रहा था लेकिन सुरँग आने पर जैसे यह ट्रैक से पलट गया वैसे ही भारत की अर्थव्यवस्था भी 2017 के बाद से पटरी से उतर गयी है girish malviya

You might also like

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

मोदी सरकार द्वारा हाल ही में बनाए गए खेती किसानी को बर्बाद करने वाले अमीर पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने वाले कानूनों का विरोध करने के लिए करीब डेढ़ लाख किसान पंजाब और हरियाणा से दिल्ली की तरफ जा रहे हैं
इनमें करीब 30 हजार महिलाएं हैं
मीडिया की मदद से अपने आपको लोकप्रिय बताने वाली मोदी सरकार इस से घबरा गई है
कल रात हरियाणा में करनाल के पास हरियाणा की भाजपा सरकार ने इन किसानों को रोक दिया है
भाजपा सरकार ने हाईवे वाली सड़क को जेसीबी मशीन से खोद दिया है
सरकार द्वारा गिट्टी और रेती से लदे हुए कई सारे ट्रक सड़क पर आड़े करके खड़े कर दिए गए हैं ताकि किसानों की ट्रैक्टर ट्रॉली वहां से ना निकल सके
जैसे युद्ध में दूसरे देश की सेना को रोकने के लिए पुल उड़ा दिए जाते हैं सड़कें खोद दी जाती हैं भाजपा सरकार किसानों को वैसा ही दुश्मन मानकर उन्हें रोकने के लिए उसी तरह की हरकतें कर रही है
भाजपा धर्म का नाम लेकर लोगों को मूर्ख बनाती है और असल में पूंजीपतियों के लिए देश के किसानों मजदूरों छात्रों का सत्यानाश कर रही है
भाजपा का एक ही एजेंडा है किसानी उद्योग शिक्षा हर चीज को पूंजी पतियों के लिए मुनाफा कमाने का जरिया बना दो और जो विरोध करें उसे हिंदू विरोधी राष्ट्र विरोधी साबित करके जेल में डाल दो himansu

किसान मज़दूरों को अब संगठित हो कर भाजपा संघ के सभी पदाधिकारी और नेताओं के विरुद्ध छापामार युद्ध चलाना होगा ।
इसके लिए, हर गाँव शहर में इन तत्वों की पहचान कर उनकी सार्वजनिक मलामत करनी होगी ।
अगर विधायक, सांसद या मंत्री सुरक्षा घेरे में हों तो उनके निकटतम सहयोगियों और परिजनों को निशाने पर लो ।
यही हाल सुरक्षा कर्मियों के परिजनों का करो ।
जो भी ट्रेड यूनियन कल की हड़ताल का विरोध करें , उनके नेताओं की सरेआम फ़ज़ीहत करो ।
ये सब अहिंसक तरीक़े से फ़िलहाल होना चाहिए । याद रखिए, लोकतंत्र में अपनी बात मनवाने के लिए राजनीतिक लड़ाई के चरित्र को समयानुसार बदलना होता है । ख़ून बहाना हर वक़्त ज़रूरी नहीं है ।
संभव है कि फ़ासिस्ट शक्तियाँ संघबद्ध मज़दूर किसानों पर संगठित और खूनी हमला करे । ऐसी स्थिति में क़ानून सम्मत रास्ते से अपनी जान बचाने के लिए बेझिझक हमसावरों की जान लो ।
एक गिरफ़्तारी के विरोध में सैकड़ों गिरफ़्तारियाँ दें । जेलों में जगह कम पड़ जाएगी ।
कुछ हज़ार लोगों का संघर्ष लाखों को प्रेरित करता है; इसलिए वतन आज़ादी के योद्धाओं को आदर से याद करता है ।
फ़ासिस्ट शक्तियों का संपूर्ण सामाजिक, आर्थिक बहिष्कार हो । किसी भी मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा या धार्मिक अनुष्ठान में एक पैसा देना हराम है ।
गोदी मीडीया और बिके हुए अख़बार मत लें । अपने बच्चों को संविधान प्रदत्त अधिकार और कर्तव्यों के बारे ज्ञान दें । लुंपेन बच्चों को एक रुपया हाथ ख़र्च मत दें । उनको नशेड़ी की तरफ़ ट्रीट करें, जिनको इलाज की ज़रूरत है ।
अंत में, एक पैसा भी दिखावे पर ख़र्च न करें । न आप किसी को जानते हैं, न आपको कोई जानता है । हर वैसे सामाजिक, राजनीतिक आंदोलन का हिस्सा बनें जो समाज के आख़िरी आदमी के हक में हों ।
मोदी, मोदी सरकार, संघ , भाजपा राज्य सरकारों के ग़ैर क़ानूनी फ़ैसलों का सम्मान न करें । दुश्मन को ख़त्म करने का एक तरीक़ा उसकी उपेक्षा करना है ; वर्ना जब तक आप लव जिहाद जैसे क़ानून पर या गो कैबिनेट जैसे मुद्दों पर बहस करेंगे, तब तक बैंकों का भट्टा बैठाकर आपकी जमापूंजी चोरों के हवाले कर दिया जाएगा ।
फ़क़ीर के वेश में डाकू खड्ग सिंह भी आता है । बाबा भारती बनने के गधत्व से बचिए । subrato

भारत के अर्थव्यवस्था की सच्ची तस्वीर

मोदी राज में मानव विकास के मामले में भारत की हालत किसी चाय बेचने वाले से भी बदतर हो चुकी है।
G-20 तो क्या G-100 में खड़े होने लायक भी नहीं बचे हैं।
ऐसा नेक काम कोई चाय बेचने वाला ही कर सकता है। saumitra ray

आज संविधान दिवस है
देश की सत्ता पर बैठी हुई पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का मुकदमा सुन रहे जज की हत्या का मामला चर्चा में है
आज एक दूसरे जज की चर्चा करते हैं
उस जज का नाम है प्रभाकर ग्वाल
प्रभाकर ग्वाल छत्तीसगढ़ के सुकमा में जज थे
वे दलित है इसलिए संविधान की ज़रा ज्यादा ही इज्जत करते हैं
छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार सभी कानून और संविधान को रौंदकर आदिवासियों की जमीनों को छीनने में लगी हुई है
इस काम के लिए निर्दोष आदिवासियों को जेलों में ठूंसा जा रहा है
जज प्रभाकर ग्वाल के सामने पुलिस वाले निर्दोष आदिवासियों को नक्सली कह कर लाते थे
मामला सीधा-सीधा दिखाई देता था
जज प्रभाकर ग्वाल पूछते थे कि इनके खिलाफ कितने एफआईआर हैं
पता चलता था कि आज ही पकड़ा है और इससे पहले इन आदिवासियों ने कभी कोई जुर्म नहीं किया
प्रभाकर ग्वाल ने पुलिस को कानून का पाठ पढ़ाया
लेकिन सत्ताधारियों की गुलामी करने वाली और रोज कानून तोड़ने वाली पुलिस जज साहब से कानून कैसे सुनती ?
पुलिस अधीक्षक ने हाई कोर्ट से जज साहब की शिकायत करी
हाईकोर्ट ने संविधान की इज्जत करने वाले जज की रक्षा करने की बजाए लोगों को लूटने और कानून तोड़ने वाली पुलिस की तरफदारी करी
जज प्रभाकर ग्वाल को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बर्खास्त कर दिया
हत्या सिर्फ रात को मार डालने से ही नहीं होती है
कुर्सी पर बैठकर ईमानदार और कानून की रक्षा करने वालों को गुमनामी में धकेल दिए जाने से भी की जाती है
जज प्रभाकर ग्वाल आज भी संघर्ष जारी रखे हुए हैं
हम कानून और संविधान की रक्षा करने वालों को जब सम्मान देंगे तभी सभ्य माने जाएंगे himansu

Read Also –

 

[प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Tags: भारत की अर्थव्यवस्था
Previous Post

भारतीय संविधान का सीधा टकराव अपने ही सामाजिक मूल्यों से है

Next Post

आदिवासियों का धर्म

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

by ROHIT SHARMA
July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

लोकतंत्र के अंतिम किले का पतन : भाजपा की ढाल बना चुनाव आयोग

by ROHIT SHARMA
June 16, 2026
Next Post

आदिवासियों का धर्म

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

रोजा लक्जमबर्ग : एक अद्वितीय विश्व क्रांतिकारी नायिका

July 8, 2023

स्वरा भास्कर : ज़रूरी आवाज़ को एक पल में नकारना सही नहीं

August 27, 2021

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

Uncategorized

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
Uncategorized

‘ऑपरेशन कगार के खिलाफ और भारत में जनयुद्ध के समर्थन में लामबंदी जारी रखें’ – ICSPWI इटली

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

July 20, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.