Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

भारत में हर बीमारी का एक ही दवा

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
April 17, 2020
in गेस्ट ब्लॉग
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

भारत में हर बीमारी का एक ही दवा

भारत के महान वैज्ञानिक मीडिया कर्मी

You might also like

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

भारत अथाह जाहिल संस्कृति और धार्मिक भावनाओं का देश हैं. इसकी संस्कृति में क्या हैं इसे भी यहांं के नागरिक को मालूम नहीं लेकिन फिर भी गर्व महसूस करने में कोई कमी नहीं करता हैं, जिसे यहांं दो शब्दों का जानकारी नहींं है लेकिन टोटका और मान्यता बहुत ही बेहतर तरीके से पढ़े-लिखे लोगों को समझाने के लिए आतुर है, जिसने न तो कोई ग्रन्थ का अध्ययन किया है लेकिन ज्ञान सदैव बांंटते मिलेंगे और उसकी जाहिलियत की काबिलयत जिसमें सम्पूर्ण गुण मौजूद रहेगा, वैसा ज्ञान का प्रवचन देते रहेंगे.

इस काम में केवल धर्मगुरु ही नहीं शामिल हैंं बल्कि उनके शिष्य और शिष्या भी महारथ हासिल कर लिए हैं सभी धर्मो के लोगो में. भारत में किसी का आगमन हो तो उसका पूजा पाठ, अजान, मिलाद, जलसा, कथा, प्रवचन, प्रार्थना इत्यादि तरीके से स्वागत किया जाता हैं, चाहे वो विज्ञान के द्वारा निर्मित अविष्कार की कोई खोज या फिर बीमारी सबका यहांं धर्म हैं.

बिना धर्म के भारत में आप निवास नहीं कर सकते हैं. जब तक यहांं धर्म का पता नहीं चलता है, तब तक उसका प्रयोग और इलाज करना संभव नहीं है. फिर कोरोना क्या उससे बाहर रह सकता हैं ? अभी तक कोरोना हम भारतवासियों के लिए अपरिचित बीमारी था इसलिए देश परेशान था और सरकार उससे ज्यादा क्योंकि भूखे और पीड़ित की आवाज़ दबे-जुबान से ही सही लेकिन उठने लगी थी.

सबसे ज्यादा इस देश के महान वैज्ञानिक मीडिया कर्मी हैं क्योंंकि सरकार ने जो काम इन्हें सौपा था, उसे करने में सफल नही हो पा रहे थे. ये कोरोना का दवाई खोजने में असफल थे इसलिए जनता का ध्यान हमेशा गुजरात, दिल्ली से पैदल चलने वाले आम गरीब के तरफ खींच रहा था, जिससे सरकार में बैठे लोगोंं को बहुत परेशानी हो रही थी लेकिन भारत के महान वैज्ञानिक मीडियाकर्मी भी ईमानदारी से काम कर रहा था दवाई खोजने का और आखिर वो सफल हुए. इसके लिए सम्पूर्ण भारत की जनता के तरफ से उन्हें हार्दिक बधाई.

कोरोना को पहचान किया गया कि ये इस्लाम धर्म के लोगों के द्वारा फैलता हैं और इसकी उत्पति का केंद्र निजामुद्दीन के मस्जिदों में हैं. इसके परीक्षण के लिए इंदौर के मुस्लिम मोहल्ला का चयन किया गया, जिसमें सरकार को अभूतपूर्व सफलता मिली हैं. सरकार इस दवाई के खोज से ख़ुशी से गदगद हैं और यहांं की जनता उससे भी अधिक.

अब देश के प्रधान 08 बजे आकर ये घोषणा करेंगे कि इतने लम्बे मैराथन खोज के बाद कुछ चीजे देश को बताना चाहता हूंं कि बीमारियों की पहचान उसके कपडे से होती हैं. ये पहले भी मैंने देश से कहा था लेकिन जनता मेरे बातों को नहीं समझी.

जब मध्यप्रदेश में सरकार के गठन में हजारों की भीड़ लॉक डाउन के बाबजूद इक्कठा हुआ तो सभी का घर – घर जा कर कोरोना का सैंपल नहीं लिया गया, जब उतरप्रदेश के मुख्यमंत्री पुरे जोश खरोश में काफिले के साथ अयोध्या में धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया गया तब उसमें शामिल सभी का लोगोंं का सैंपल घर-घर जाकर नहीं लिया गया, कर्णाटक का मुख्यमंत्री एक भव्य शादी कार्यक्रम में हिस्सा लिया लॉक डाउन में तो उस कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों का सैंपल नहीं लिया गया.

आनंदविहार में जब लाखों की संख्या में लोग इक्कठा हुये तो सभी का सैंपल घर-घर जाकर नहीं लिया गया, बिहार के चैत माह में छठ पूजा (दो दिन पूर्व ) का कार्यक्रम हुआ और लगभग 150- 200 लोगों तक एक साथ इक्कठा हुये सम्पूर्ण बिहार में लेकिन सबका घर – घर जाकर सैंपल लेने का काम बिहार में नहीं किया गया ? क्योंकि सबके कपडे से ही देखकर जांंच कर ली गई. ये सभी कार्यक्रमों में जो लोग शामिल थे क्योंकि इनके माथे पर टोपी और दाढ़ी नहीं था इसलिए मीडिया परेशान नहीं हुई. इसलिए देशवासियों आप सभी डरे नहीं और हमारी नयी खोज का इंतजार करे.

अब आप भूख से तड़पते गरीब का दर्द भूल गये होंगे और डूबती ही अर्थव्यवस्था तो आप पिछले एपिसोड में ही भूल गये थे इसलिए मेरे प्यारे देशवासियों, अब आपका फर्ज और कर्तव्य दोनों कहता है कि हर बीमारी का एक ही दवा है हिन्दू मुस्लिम. आप इसका लुत्फ़ उठाये और आने वाले आपके नश्ल को भी इस दवा के बारे में बताये. इसके लिए आपके द्वारा समाज में की गई हिन्दू मुस्लिम चर्चा ही आपका खतरनाक तरीके से मरने की दवा हैं.

मेरे युवा साथी आप भी मान गये होंगे कितने बेसब्री से आप मेरे सरकार का विरोध कर रहे थे. अब ये काम आपका आसान कर दिए और आप अब अपने मोहल्ले के राम रहीम इस नफरत की बाकि जिंदगी एक दुसरे के साथ प्यार के वजाय खून के प्यासे की तरह जीवन गुजारे. मेरा तो खत्म हुआ और आपका शुरू.

  • आशीष नारायण

Read Also –

ताइवान ने पारदर्शिता, टेक्नालॉजी और बिना तालाबंदी के हरा दिया कोरोना को
कोराना की लड़ाई में वियतनाम की सफलता
राष्‍ट्र के नाम सम्‍बोधन’ में फिर से प्रचारमन्‍त्री के झूठों की बौछार और सच्‍चाइयां
मौजूदा कोराना संकट के बीच ‘समाजवादी’ चीन
कोरोना वायरस के महामारी पर सोनिया गांधी का मोदी को सुझाव
स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करके कोरोना के खिलाफ कैसे लड़ेगी सरकार ?

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

प्रधानमंत्री का भाषण : खुद का पीठ थपथपाना और जनता को कर्तव्य की सीख

Next Post

ट्रंप की सनक और पूंजीवाद का नतीजा है अमेरिका में कोराना की महामारी

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

by ROHIT SHARMA
February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

by ROHIT SHARMA
February 24, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमारी पार्टी अपने संघर्ष के 53वें वर्ष में फासीवाद के खिलाफ अपना संघर्ष दृढ़तापूर्वक जारी रखेगी’ – टीकेपी-एमएल की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य के साथ साक्षात्कार

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
Next Post

ट्रंप की सनक और पूंजीवाद का नतीजा है अमेरिका में कोराना की महामारी

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

इन दिनों ‘कट्टर’ से ‘कट्टा’ हो रहा हूं मैं…!

May 27, 2023

अल्पसंख्यकों के दुश्मन मोदी का एक और कारनामा

December 18, 2019

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.