Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

अल्पसंख्यकों के दुश्मन मोदी का एक और कारनामा

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
December 18, 2019
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

अल्पसंख्यकों के दुश्मन मोदी का एक और कारनामा

पं. किशन गोलछा जैन, ज्योतिष, वास्तु और तंत्र-मंत्र-यन्त्र विशेषज्ञ

अबकी बार मोदी-कहर के लपेटे में एंग्लो-इंडियंस आये हैं ! ज्ञात रहे आज़ादी के बाद से ही यानि 72 सालों से भारत के संविधान में एंग्लो-इंडियन समुदाय के प्रतिनिधित्व के लिये लोकसभा और विधानसभा में कुछ सीटों को नामित किया जाता रहा है लेकिन मोदी सरकार ने इसमें भी चुपचाप संशोधन पास कर लोकसभा और विधानसभाओं में एंग्लो-इंडियन समुदाय के सदस्यों को नामित करने के प्रावधान को ख़त्म करने का विधेयक भी पारित कर दिया है.

You might also like

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

जब विपक्ष ने विरोध किया तो रविशंकर प्रसाद ने झूठ कहा कि ‘भारत में अब सिर्फ 296 ही एंग्लो-इंडियन बचे हैं और पश्चिम बंगाल में सिर्फ 9 ही लोग एंग्लो-इंडियन समुदाय के हैं जबकि पश्चिम बंगाल से नामित सदस्य बेरी ओ ब्रायन के घर में ही 18 लोग हैं (मने झूठ बोलने की हद है और ये लोग तो संसद में भी सरेआम झूठ बोल रहे हैं). हकीकतन लगभग हर नामित सीट वाले विधान सभा में लगभग 30-40 हजार और पुरे देश में 4-5 लाख लोग इस समुदाय के रह रहे हैं.

असल में एंग्लो-इंडियन वो समुदाय है जिनके पूर्वज किसी न किसी तरह से ब्रिटेन के नागरिक रहे हैं और यह कोई पिछड़ा समुदाय नहीं है बल्कि अच्छे-खासे धनवान और उच्च शिक्षित लोग हैं और इनकी मूल भाषा अंग्रेजी है तथा धर्म से ईसाई हैं (असल में यह संशोधन इसलिये किया गया है क्योंकि इनकी सीटें नामित होती है लेकिन ये किसी पार्टी को जीता नहीं सकते लेकिन पार्टी के आंकड़ों में एक सीट जरूर कम हो जाती है. और बीजेपी ने यही सोचकर संशोधन किया है कि लोकसभा में इनकी दो सीट और विधान सभा में 14 राज्यों में एक-एक सीट है, जो खत्म करने से बीजेपी के काम आ सकती है).

संशोधन लोकसभा में तो बीजेपी का बहुमत होने से पास हो ही चुका है और अगर ये राज्यसभा में भी पास हो जाता है तो फिर लोकसभा और 14 विधानसभाओं में एंग्लो-इंडियन समुदाय के सदस्य नामित नहीं हो सकेंगे और ये समुदाय अपनी बात किसी भी तरह सरकार तक नहीं पहुंचा सकेगा. जबकि संविधान के अनुच्छेद 331 के तहत लोकसभा में एंग्लो-इंडियन समुदाय के दो लोगों को संसद के लिये नामित किया जा सकता है, वहीं अनुच्छेद 333 के तहत इस समुदाय के सदस्यों को विधानसभा में जगह दी जा सकती है.

इस समय लोकसभा की दोनों सीटे खाली है और 14 राज्यों की विधानसभाओं में एक-एक एंग्लो-इंडियन सदस्य हैं, जिसमें आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल शामिल है.

विश्व के किसी भी देश में जब किसी समुदाय को छोटा (अल्पसंख्यक) माना जाता है तो वहां की सरकारें उस समुदाय को विशेष फ़ायदा देती है. लेकिन वर्तमान मोदी सरकार अल्पसंख्यकों को खत्म करने पर तुली हुई है. उसे यहांं की बहुसंख्यक आबादी के लोगों (जो पडोसी देशों में अल्पसंख्यक है) की तो चिंता है, लेकिन देश में रह रहे अल्पसंख्यक नागरिकों की कोई चिंता नहीं है. जबकि देश के संविधान में उन्हें विशेष अधिकार दिया है लेकिन मोदी सरकार उनके अधिकारों पर अतिक्रमण कर रही है.

ब्रिटिश लोगों के जाने के समय फ़्रैंक एंथोनी नामक एंग्लो-इंडियन लेखक ने एक किताब लिखी थी ‘ब्रिटेन्स बिटरेल इंडिया’ (ब्रिटेन का भारत से विश्वासघात) और जो अब हो रहा है वो ‘सेकंड बिटरेल इंडिया’ (भारत के साथ दूसरा विश्वासघात) है, जो मोदी सरकार आम जनता के साथ कर रही है. उस समय तो बाहर के लोगों ने धोखा दिया था लेकिन आज हमारी सरकार ही हमारे साथ विश्वासघात कर रही है.

Read Also – 

अन्त की आहटें – एक हिन्दू राष्ट्र का उदय
असल में CAB है क्या ?
NRC : नोटबंदी से भी कई गुना बडी तबाही वाला फैसला

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…]

 

Previous Post

देश को खून में डूबो रहा है मोदी-शाह की जोड़ी

Next Post

NRC में कैसे करेंगे अपनी नागरिकता साबित ?

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

by ROHIT SHARMA
April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
Next Post

NRC में कैसे करेंगे अपनी नागरिकता साबित ?

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

महिला आरक्षण कानून सामंतवादी सोच की भेंट चढ़ा

November 10, 2023

लोकतंत्र में चलेगी तो केवल मोदी की, चांद, तारे, बादल सब कान खोलकर सुन लो !

June 29, 2022

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.