Wednesday, July 29, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

माफीवीर सावरकर – एक ‘प्रेम’ कथा

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
July 6, 2021
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

 

माफीवीर सावरकर - एक 'प्रेम' कथा

You might also like

विश्व सर्वहारा क्रांति के दो नये गद्दार : विश्व विजय और सीमा

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

सावरकर और उसकी धर्मपत्नी यमुना बाई के बारे में देश जानता है. सावरकर ने यमुना बाई अर्थात माई से शादी सिर्फ पैसों के लिए की थी और ये बात यमुना बाई को भी पता थी क़्योंकि यमुना बाई के पिता काफी अमीर थे और सावरकर का घर खर्च भी वही चलाते थे. असल में माई मतलब यमुना बाई सावरकर की दूसरी पत्नी थी. पहली पत्नी के बारे में आज कल लोग जानना ही नहीं चाहते या जान बूझकर छुपाया गया है.

2013 में लन्दन से परमानेंट कोर्ट ऑफ़ आर्बिट्रेशन (जहां सावरकर को कैद किया गया था) और राष्ट्रीय संग्रहालय ने मिलकर बुक रिलीज की, जिस में संग्रहालय में रखे गए सावरकर के खत और न्यायमूर्ति M. Beernaert के पास जो खत थे, उन्हीं आधार पर). यमुना बाई से पहले सावरकर की शादी कासाबाई से हो चुकी थी.

सावरकर की लन्दन में महिला मित्र जिसका नाम ज्युडी केट (सर क्रिस्टल रोब की बुक ‘सेरेना हुक’ में इसका उल्लेख किया गया है), जो वहां लाईब्रेरी में एक सफाई कर्मी थी, सावरकर ने उस महिला मित्र का बलात्कार किया था. लेकिन सावरकर ने इस बात को नकार दिया. कोर्ट में केस चला और आरोप साबित हुए. इस वजह से सावरकर को लन्दन जेल की हवा खानी पड़ी.

इस खबर को सावरकर के साथी जो लन्दन में साथ थे भाऊसाहेब रानडे ने खत के द्वारा शिवराम पंत परांजपे को दी. (लोकमान्य टिळक और ‘काळ’ वृत्तपत्र के संपादक शिवराम पंत जिन्होंने सरदार सिंघ राणा की 2000 रुपये की स्कॉलरशिप सावरकर को दिलवाई थी), उसके बाद सरदार सिंघ राणा ने कभी सावरकर की कोई मदद नहीं की.

उधर लाइब्रेरी में सफाईकर्मी के साथ बलात्कार के आरोप में सावरकर जेल में था और इधर भारत में ये अफवाह फैलाई गई कि सावरकर को स्वदेशी आंदोलन के कारण लन्दन में जेल हुई. (अब अगर स्वदेशी आंदोलन ही चलाना था तो वो भारत में चलाया जाता, लन्दन में क्यों ? इसका जवाब आज तक नहीं मिलता).

इधर सावरकर की पहली पत्नी कासाबाई जैसे लंका की पार्वती सावरकर का मित्र शंकरलाल (मुंबई में कपड़ों की दूकान चलता था), सावरकर के लन्दन जाने की बाद उसका घर चलाता था.

ज्युडी केट की खबर जब कासाबाई को लगी तो उसे बहोत दुःख हुआ और उसने सावरकर को छोड़ने का निर्णय ले लिया. ये बात सावरकर के मित्र शंकरलाल कनोजिया को बता दी. कुछ दिनों बाद सावरकर को पता लगा कि कासाबाई और शंकरलाल कनोजिया में प्रेम संबंध है.

कासाबाई और शंकरलाल दोनों एक साथ शंकरलाल के घर में रहने लगे. (कैरेल स्तोडोला की बुक के अनुसार ब्राम्हणों ने उसे धर्म से निष्कासित कर दिया था. उसके एक साल बाद दोनों सूरत, गुजरात के लिए निकल गए.)

सावरकर को पता लगा कि उसकी पत्नी उसके मित्र के साथ भाग गई तो उसे बहुत दुःख हुआ. उसकी पत्नी दूसरे मर्द के साथ भाग गई, ये खबर लोगों तक ना पहुंचे इसकी विनती सावरकर ने अपने रिश्तेदारों से की. (भारत में सावरकर के मित्र माधव गोडबोले और उसकी पत्नी कस्तुरीबाई के खत आज भी लन्दन संग्रहालय में मौजूद है. 1993 में सावरकर के सारे खतों को भारत में इंग्लिश में प्रकाशित किया जाना था, लेकिन विरोध के फलस्वरूप नहीं किया जा सका.)

लन्दन से आने की बाद सावरकर ने दूसरी शादी यमुना बाई अर्थात माई से की. सावरकर की मृत्यु के बाद देश में प्रचार किया गया कि सावरकर ने अपनी सारी संपत्ति अपने बच्चों में नहीं बांटी बल्कि गरीबों में दान कर दी. जो सावरकर दूसरे की स्कॉलरशिप पर लन्दन गया हो, जिसका घर उसका मित्र और ससुर चलता हो, उसके पास कौन-सी संपत्ति थी ?

सावरकर के आज जो वंशज हैं, क्या उन्हें पता है कि वे सावरकर के वंशज हैं या कनोजिया के या फिर किसी और के ?

Read Also –

‘वीर’ सावरकर के 1913 और 1920 के माफ़ीनामों का मूलपाठ
माफीवीर सावरकर ‘वीर’ कैसे ?
शहीद बनाम गद्दार
महात्मा गांधी की हत्या में संघ के डरपोक सावरकर की भूमिका

[प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

फ़ादर स्टेन स्वामी – क्या अपराध है मेरा ?

Next Post

फादर स्टेन स्वामी : अपने हत्यारों को माफ मत करना

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

विश्व सर्वहारा क्रांति के दो नये गद्दार : विश्व विजय और सीमा

by ROHIT SHARMA
July 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

by ROHIT SHARMA
July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
Next Post

फादर स्टेन स्वामी : अपने हत्यारों को माफ मत करना

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

2030 तक भारत में बंधुआ मजदूरी को समाप्त करने के लक्ष्य की जमीनी हकीकत

January 3, 2024

ऑक्सीजन, वेंटिलेटर बेड और चुनाव

April 22, 2021

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

विश्व सर्वहारा क्रांति के दो नये गद्दार : विश्व विजय और सीमा

July 27, 2026
Uncategorized

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
Uncategorized

‘ऑपरेशन कगार के खिलाफ और भारत में जनयुद्ध के समर्थन में लामबंदी जारी रखें’ – ICSPWI इटली

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

July 12, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

विश्व सर्वहारा क्रांति के दो नये गद्दार : विश्व विजय और सीमा

July 27, 2026

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.