Monday, September 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

देश की अंदरूनी नीति ही आपकी छवि विदेशों में बनाती है

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
June 23, 2020
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

देश की अंदरूनी नीति ही आपकी छवि विदेशों में बनाती है

सुब्रतो चटर्जी

जिस तीस्ता शीतलवाड को मोदी सरकार जेल भेजती है, उसे गुजरात दंगों पर रिपोर्टिंग के लिए ब्रिटिश कोलंबिया यूनिवर्सिटी ने सम्मान के लिए चुना है. सच की कद्र किए बिना कोई भी देश या समाज कभी आगे नहीं बढ़ता.

You might also like

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

यहांं हम दंगाईयों को सर आंंखों पर बिठाकर विश्व गुरु बनने का ख़्वाब पाल रहे हैं. भाजपा के नेताओं द्वारा हत्यारों को माल्यार्पण करने की तस्वीरें दुनिया की नज़रों में भारत की क्या तस्वीर बनाती है, कभी सोचा है ?

हर हत्या और नरसंहार पर बेशर्म ख़ामोशी ओढ़ लेना मोदी जी का स्वभाव है. उनके मौन का सीधा मतलब उनकी सहमति होती है. कुछ लोगों को ये भी लगता है कि ऐसी हत्याएंं उनके द्वारा ही प्रायोजित हैं, जो कि सच है.

राजनीति में व्यक्तिगत आचरण का महत्व 2014 से ख़त्म हो गया है. अब जो जितना ‘नीच’ वह उतना महान ! देवों के देव महादेव ! देश और समाज के निकृष्टतम लोग, जिनका स्थान या तो जेलखाना है या पागल खाना, मीडिया और भ्रष्टतम नौकरशाही और न्यायालय के सहारे करोड़ों मेहनतकश आवाम की नियति के ठेकेदार बने हुए हैं.

मूर्ख होना कोई अपराध नहीं है, अमानुष होना अपराध है. जब भी आप अपराधियों की वकालत करते हैं तो गाहे-बगाहे आप भी अपराधी बन जाते हैं. दोगलापन नहीं चलता; गांंधी और गोडसे के बीच का चुनाव स्पष्ट है.

भीमा कोरेगांंव मामले में झूठे इल्ज़ाम में बंद सारे मानवाधिकार कार्यकर्ता और सफूरा जैसे क़ैदी हमारी व्यवस्था पर कलंक है. आपके देश की अंदरूनी नीति ही आपकी छवि विदेशों में बनाती है, आपकी विदेश यात्राएंं नहीं.

आज चीन के साथ जंग में दुनिया का कोई भी देश हमारे साथ नहीं है. रक्षा मंत्री की रूस यात्रा रूस के व्यापारिक हितों को साधेगा, भले ही यह हमारी सामरिक हितों के लिए हो. अगर सरकार सोचती है कि इस बहाने वह रूस को चीन के विरुद्ध भारत के पक्ष में कर लेगा तो यह बेवक़ूफ़ी है. अंतरराष्ट्रीय संबंधों में उत्कोच नहीं चलता, लेकिन, घूस खाकर देश बेचवा देशभक्तों की इस सरकार को यह बात समझ नहीं आती.

दुनिया भर में इस सरकार के सांप्रदायिक एजेंडा पर थू-थू हो रही है, इसलिए भारत आज अलग-थलग पड़ चुका है. जिस देश में अपने ही जनता के ख़िलाफ़ सरकार जंग छेड़ती है, उस पर कौन विश्वास करेगा, सम्मान तो दूर की बात है.

यूरोप ने नाज़ीवाद का सबसे वीभत्स रूप झेला है. पश्चिमी जगत धुर दक्षिणपंथी हो कर भी नाज़ीवाद का समर्थन नहीं कर सकता. वहांं की जनता विद्रोह कर देगी.

पोस्ट कोरोना काल में पोस्ट ट्रुथ का ज़माना नहीं रहेगा. विश्व भर में राजनीतिक नेतृत्व पर और ज़्यादा मानवीय और समाजवादी होने का दवाब होगा. बढ़ती जन आकांक्षाओं को पूरा करने में जो राजनीतिक विचारधारा समर्थ होगी, वही टिकेगी.

ऐसे बदले हुए परिदृश्य में अगर हम भाजपा और संघ जैसी विचारधाराओं से जुड़े रहे तो हमारी छवि सेप्टिक टैंक के जमाने में सर पर मैला ढोने वाले भंगी की होगी. हमारे प्रधानमंत्री कहते है कि इसमें उनको आध्यात्मिक आनंद आता है, क्या आपको भी आता है ?

अंत में, तीस्ता शीतलवाड को और उनके जैसे सत्य के योद्धाओं को प्रणाम. सत्ता जब सत्य के साथ खड़ी हो तभी सबका कल्याण होगा.

Read Also –

कॉरपोरेटपरस्त राजनीति हाशिए पर धकेल रही है आम आदमी केन्द्रित राजनीति को
चीनियों ने मोदी की मूर्खता और धूर्तता को उजागर कर दिया
द्वंद्वात्मक और ऐतिहासिक भौतिकवाद : उत्पादन (पैदावार) की पहली विशेषता
भारत में नेहरू से टकराता फासीवादी आंदोलन और फासीवादी रुझान 

[प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

कोरोना तेरे नाम पर

Next Post

जियो युनिवर्सिटी : सरकारी संस्थानों की गुणवत्ता के सामने निजी संस्थानों की औकात

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

by ROHIT SHARMA
September 6, 2026
गेस्ट ब्लॉग

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

by ROHIT SHARMA
September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

by ROHIT SHARMA
September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

आत्मसमर्पण क्यों करते हैं क्रांतिकारी नेता ? 2019 के एक दस्तावेज में सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति की समझ

by ROHIT SHARMA
August 29, 2026
गेस्ट ब्लॉग

भारत : अवसरवाद, परिसमापनवाद और संशोधनवाद के खिलाफ संघर्ष तेज़ करें !

by ROHIT SHARMA
August 27, 2026
Next Post

जियो युनिवर्सिटी : सरकारी संस्थानों की गुणवत्ता के सामने निजी संस्थानों की औकात

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

दलित मालिक, सवर्ण रसोईया

October 28, 2024

सोनू-रुपेश का जनता को छोड़कर राज्य को हथियार सौंप देना – यही विश्वासघात है

November 12, 2025

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

September 6, 2026
गेस्ट ब्लॉग

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

आत्मसमर्पण क्यों करते हैं क्रांतिकारी नेता ? 2019 के एक दस्तावेज में सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति की समझ

August 29, 2026
गेस्ट ब्लॉग

भारत : अवसरवाद, परिसमापनवाद और संशोधनवाद के खिलाफ संघर्ष तेज़ करें !

August 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

प्रशांत बोस उर्फ किशन दा के बारे में संक्षिप्त जानकारी

August 26, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

September 6, 2026

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

September 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.