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मोदी सरकार और अपनी क्रूरता को पहचानिए

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
September 14, 2020
in गेस्ट ब्लॉग
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मोदी सरकार और अपनी क्रूरता को पहचानिए

हिमांशु कुमार, सामाजिक कार्यकर्त्ताहिमांशु कुमार, गांधीवादी कार्यकर्ता

आप इस बात को नकार नहीं सकते कि भारत की इज्जत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत गिरी है. कश्मीरियों का पिछले कई महीनों से जो भयानक दमन किया गया है, लोकतंत्र को कुचला गया है, विधानसभा और जनप्रतिनिधियों को नजरअंदाज किया गया, उन्हें जेलों में डाला गया, नजरबंद किया गया, उसका अंतरराष्ट्रीय बिरादरी पर नकारात्मक असर पड़ा है.

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देश में इतनी बड़ी मजदूरों की आबादी की जो दुर्गति भारत की सरकार ने की है वह भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने देखी है. विपक्ष को जिस तरीके से बेइज्जत किया गया, नेहरू को मुसलमान, सोनिया गांधी को बार डांसर, राहुल गांधी को पप्पू कहा गया.

आज जब हम युद्ध के कगार पर पहुंच गए हैं, ऐसे समय में हमेशा विपक्ष के साथ सरकार बैठकर चर्चा करके आम राय बनाकर कदम उठाती है लेकिन आज भारत के विपक्ष को सत्ताधारी दल ने देशद्रोही और बेवकूफ घोषित किया हुआ है.

सरकार में जो लोग बैठे हैं उनका इतिहास दंगा करने हत्या करवाने और गैरकानूनी कामों में लिप्त रहने का रहा है. इन लोगों से कोई राष्ट्रीय हित में फैसला लेना बहुत मुश्किल है. कभी हम गुटनिरपेक्ष आंदोलन के नेता हुआ करते थे. दक्षिण एशियाई देशों (सार्क) का भारत नेता रहा करता था राजीव गांधी के समय में. आज पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, भूटान सबसे हमने अपने संबंध खराब कर रखे हैं.

जो मुस्लिम बिरादरी हमेशा भारत के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खड़ी थी, चाहे वह यासर अराफात हो या दूसरे मुस्लिम देश, आज वह सब भी बीजेपी की सांप्रदायिकता और इसराइलपरस्ती की वजह से नाराज हैं. देश के भीतर ज्यादातर नागरिकों को भाजपा के लोग देशद्रोही कहते हैं. मुट्ठी भर सांप्रदायिक गुंडों की मदद से आप राष्ट्र को नहीं चला सकते. आज भारत अकेला और दुश्मनों से घिरा हुआ है.

अपनी क्रूरता को पहचानिए. भारत की क्रूर सामाजिक व्यवस्था और वर्तमान मानवीय त्रासदी को समझिए.

जब मार्केट में मंदी थी. उद्योगों का माल नहीं बिक रहा था, उस वक्त मोदी सरकार ने रिजर्व बैंक से 1,75,000 करोड रुपए निकलवाए. सरकार ने वह पैसा उद्योगपतियों को दे दिया ताकि वह अपना घाटा पूरा कर सकें. यह एक गलत कदम था. उद्योगपतियों ने अय्याशी के सामानों में थोड़ा डिस्काउंट दे दिया. जैसे कारें, एसी, फ्रिज मैं थोड़ी-थोड़ी छूट मिली लेकिन जनता के पास खरीदने के लिए पैसा ही नहीं था क्योंकि रोजगार नहीं था.

लोगों को अपने रोजगार की गारंटी नहीं थी तो किस्तों पर भी सामान खरीदने में मिडिल क्लास डर रहा था. वह पूरा पैसा उद्योगपति डकार गए देश को और देश की अर्थव्यवस्था को उसका कोई लाभ नहीं मिला. अगर वह पैसा गांव में मनरेगा या शहरों में दूसरे रोजगारमूलक काम शुरू करने में खर्च किए जाते तो किसानों और मजदूरों की जेब में पैसा जाता. यह करोड़ों गरीब उस पैसे को बाजार में खर्च करते. बाजार में सामान की मांग पैदा होती उद्योग भी चल पड़ते. नए रोजगार पैदा होते. पूरे देश की अर्थव्यवस्था में तेजी आ जाती लेकिन मोदी सरकार ने ऐसा नहीं किया.

कांग्रेस ने चुनाव में ₹6000 प्रति माह हर नागरिक को देने का वादा किया था यदि कांग्रेस जीतती और वह योजना लागू हो जाती तो आज जो भयानक स्थिति दिख रही है वह नहीं होती लेकिन हमें तो मुसलमानों को टाइट करना था और पाकिस्तान को सबक सिखाना था इसलिए पागल बनकर हमने मोदी जी को चुन लिया. अब हालत हमारे सामने हैं जीडीपी माईनस 24 हो गई है. ना मुल्ले टाइट हुए, ना पाकिस्तान सुधरा उल्टे यह देश ही टाइट हो गया.

वैसे भी आप मोदी के भक्त यूं ही थोड़े ही ना बन गए हैं,
उसके बड़े ही ऐतिहासिक कारण हैं. आप गांधी को एवेंयी गाली थोड़े ही देते हैं. उसके भी मज़बूत कारण हैं. आप दलितों को ऐसे ही गाली थोड़े ही देते हैं, उसके भी बहुत मज़बूत कारण हैं. आप मुसलमानों को फालतू में गाली थोड़े ही देते हैं, उसके भी बड़े पुराने कारण हैं.

आप पुलिस और फौज की तारीफ़ क्यों करते हैं ? हम आपको समझाते हैं. आप समझना चाहते हैं इन कारणों को ? आइये आज हम आपको आपके भक्त होने की वजह समझाते हैं.

ध्यान से देखिये आपका जन्म एक ऐसे परिवार में हुआ है जो बड़ी जाति का है. आपका जन्म ऐसे परिवार में हुआ है जो मेहनतकश मजदूर या किसान या कारीगर नहीं है. आपका जन्म एक हिंदू परिवार में हुआ है. अब ध्यान से समाज को देखिये.

इसमें मेहनतकश लोग गरीब हैं और कम मेहनत करने वाले लोग अमीर बने हुए हैं. कम मेहनत करने वाले लोग इसलिए अमीर बने हुए हैं क्योंकि मेहनत करने वालों को मेहनत का फल नहीं दिया जाता और जब भी मेहनतकश अपनी मेहनत का पूरा फल मांगता है, उसे पुलिस पीटती है इसलिए आपको पुलिस अच्छी लगती है.

अमीर इसलिए अमीर हैं क्योंकि पुलिस की बंदूक के दम पर गरीब की ज़मीन छीन कर अमीर को दी जाती है. अमीर उसी पर उद्योग लगाता है और मुनाफा कमाता है. अमीर को बनाने में पुलिस की बंदूक की बहुत ज़रूरत है.

आप अमीर की नौकरी करते हैं इसलिए आप पुलिस के गुण गाते हैं. आपका जन्म बड़ी जाति में हुआ. आपको बिना कुछ किये ही समाज में सामजिक ताकतवर स्थिति जन्म के आधार पर मिल गयी.

आपको समानता की मांग से घबराहट होती है क्योंकि आपको लगता है इससे आपकी ताकतवर स्थिति आपसे छीन ली जायेगी इसलिए आप दलितों को गालियांं बकते हैं. आप मुसलमानों को इसलिए गालियांं देते हैं क्योंकि भारत में हिंदू बहुसंख्यक हैं. बहुसंख्यक होने के नाते हिंदू राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक तौर पर ऊंची हालत में हैं.

आपको डर लगता है कि किसी दिन मुसलमान आपकी जनसंख्या के बराबर हो जायेंगे तो आपकी ताकतवर स्थिति समाप्त हो जायेगी इसलिए आप मुसलमानों की आबादी बढ़ने का मुद्दा उछालते रहते हैं. आपको यह भी लगता है कि अगर हिंदुत्ववादी राजनीति नहीं होगी तो
आपकी राजनैतिक हालत भी दूसरों के बराबर हो जायेगी. आपको अपनी ताकतवर हालत को मुसलमानों द्वारा छीन लिए जाने का डर सताता रहता है इसलिए आप मुसलमानों को गालियांं बकते रहते हैं.

गांधी सभी नागरिकों की बराबरी की बात करते थे इसलिए आप गांधी से नफ़रत करते थे. इसीलिये संघ जो कि हिंदुओं को भारत में सबसे ताकतवर समुदाय की हालत में रखना चाहता था, उसने गांधी को मार दिया. आपको लगता है कि गांधी का विचार फैलेगा तो सबको बराबर मान लिया जाएगा और मुसलमान और दलित भी आपके बराबर माने जायेंगे इसलिए आप गांधी को भी गाली बकते हैं.

मोदी हिंदुओं, अमीरों और बड़ी जाति के लोगों को ताकत देने की राजनीति कर रहा है और आप बड़ी जाति के हैं, अमीर हैं और हिंदू हैं इसलिए आपको लगता है कि मोदी आपके लिए बड़े फायदे की चीज़ है इसलिए आप मोदी भक्त हैं. हम आपकी हालत समझते हैं. आप भी खुद को ठीक से समझ लीजिए.

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