Monday, June 8, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home ब्लॉग

26 मई को किसान मनायेंगे काला दिवस; हर घर, वाहन व मोर्चों पर लगेंगे काले झंडे, फूंकेंगे मोदी का पुतला

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
May 16, 2021
in ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

171वें दिन लगातार अपनी मांगों पर अडिग किसान आंदोलन के संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से जारी प्रेस नोट में आज कहा गया है कि 26 मई को किसान देश भर में काला दिवस मनायेंगे तथा मोदी का पुतला दहन करेंगे. किसानों की ओर से 26 मई को काला दिवस मनाने के पीछे हिसार में किसानों पर पुलिस के क्रूर व अमानवीय हमला है. खट्टर-दुष्यन्त सरकार को तीखा जवाब देंगे किसान. तीन दालों पर आयात प्रतिबंध हटाना घरेलू उत्पादन व किसानों को हतोत्साहित करेगा.

जारी प्रेस नोट बलवीर सिंह राजेवाल, डॉ दर्शन पाल, गुरनाम सिंह चढूनी, हनन मौला, जगजीत सिंह डल्लेवाल, जोगिंदर सिंह उग्राहां, युद्धवीर सिंह, योगेंद्र यादव, अभिमन्यु कोहाड़ की ओर से कहा गया है कि आज हिसार में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कोरोना हस्पताल के नाम पर एक कार्यक्रम रखा था. किसानों ने पहले ही चेतावनी दे रखी थी कि इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को आने नहीं दिया जाएगा क्योंकि पिछले साल से ही, जब से किसान आंदोलन चल रहा है, किसान विरोधी भाजपा और जजपा का लगातार विरोध हो रहा है व किसानों ने सामाजिक बहिष्कार किया हुआ है. इन नेताओ का कोई भी कार्यक्रम नहीं होने दिया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने इसे अपने घमंड का विषय मानते हुए पूरी सरकारी मशीनरी के सहारे इस कार्यक्रम में आने की तैयारी की. यह किसानों की जीत है कि उस राज्य के मुख्यमंत्री को पुलिस व अन्य सरकारी बल के दम पर अपने राज्य में कार्यक्रम करना पड़ रहा है.

You might also like

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

आज मुख्यमंत्री खट्टर के हिसार आगमन पर कई जगह उनका विरोध किया जा रहा था. किसान भारी संख्या में इक्कठे होकर भाजपा-जजपा के नेताओं का विरोध कर रहे थे. इसी बीच हरियाणा सरकार के आदेशों पर पुलिस द्वारा किसानों पर बेरहमी से लाठियां बरसाई गयी. उन पर आसूं गैस के गोले दागे गए. कई पुलिसकर्मियों ने पत्थरों से भी हमला किया, जिसमें सैकडों किसानों को गहरी चोटें आई है व महिला किसानों के साथ पुलिस बर्बरता हुई है.

संयुक्त किसान मोर्चा इस अमानवीय और गैर-कानूनी कार्रवाई की सख्त निंदा करता है. हरियाणा के किसान संगठनों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हरियाणा के सभी बड़े हाई-वे को 2 घण्टे जाम रखा है. KMP पर भी किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया है. किसान नेताओं का घटनास्थल पर पहुंचना भी जारी है. किसान नेताओं का कहना है कि किसानों की मांगे न माने जाने पर कल हरियाणा के सभी पुलिस थानों का घेराव किया जाएगा.

हिसार में पुलिस बल के सहारे किसानों को दबाने की कोशिश के जवाब में सभी किसान एकजुट है. इस तरह की गतिविधियों के द्वारा किसानों को उकसाया जा रहा है. किसानों के खिलाफ झूठे केस डालकर उन्हें परेशान किया जाएगा परंतु हरियाणा सरकार को संयुक्त किसान मोर्चा की सख्त चेतावनी है कि इस अंहकार को छोड़े व किसानों को परेशान करना बंद करें.

हरियाणा के किसान आगामी कार्रवाई तय कर हरियाणा सरकार को जवाब देंगे. संयुक्त किसान मोर्चा यह स्पष्ट करता है कि हालांकि किसानों का यह आंदोलन केंद्र सरकार के खिलाफ है जो तीन कृषि कानूनों और MSP के सवाल पर केंद्रित है, परन्तु अगर हरियाणा सरकार बीच में किसानों को बदनाम व परेशान करती है तो किसान उन्हें बुरा सबक सिखाएंगे.

भारत सरकार द्वारा तीन दालों पर आयात प्रतिबंधो को हटाना व उन्हें खुली सूची में डालना घरेलू उत्पादन पर गहरा प्रभाव डालेगा. यह किसानों को इनके उत्पादन के लिए हतोत्साहित करेगा व आयात निर्भरता को बढ़ाएगा.

14 मई को हुई संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में किसान नेताओं ने निम्नलिखित निर्णय सर्वसम्मति से लिए हैं –

1. 26 मई को हम दिल्ली की सीमाओं पर अपने विरोध के 6 महीने पूरे कर रहे हैं. यह केंद्र में आरएसएस-भाजपा के नेतृत्व वाली मोदी सरकार के 7 साल पूरे होने का भी प्रतीक है. इस दिन को देशवासियों द्वारा ‘काला दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा. पूरे भारत में गांव और मोहल्ला स्तर पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन होंगे, जहां दोपहर 12 बजे तक किसान मोदी सरकार के पुतले जलाएंगे.

किसान उस दिन अपने घरों और वाहनों पर काले झंडे भी फहराएंगे. इस मौके पर एसकेएम ने सभी जन संगठनों, ट्रेड यूनियनों, व्यापारियों और ट्रांसपोर्टर संगठनों से किसानों की मांगों के समर्थन में काला झंडा धरना प्रदर्शन करने की अपील की है. दिल्ली के सभी मोर्चो पर भी उस दिन विशाल काले झंडे का प्रदर्शन किया जाएगा.

2. एसकेएम ने एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी को लागू करने और 3 काले कानूनों को रद्द करने की अपनी मांगों पर भाजपा को दंडित करने के लिए एक ‘मिशन यूपी और उत्तराखंड’ शुरू करने का फैसला किया है, जिसमें पूरे देश से सभी किसान बलों की रैली होगी. यह कार्यक्रम पूरे भारत के सभी संघर्षशील किसान संगठनों की भागीदारी के साथ शुरू किया जाएगा और इसे इन राज्यों में आयोजित किया जाएगा.

3. एसकेएम की आम सभा ने कोरोना वायरल संक्रमण के शिकार लोगों के लिए उचित और पर्याप्त स्वास्थ्य देखभाल व्यवस्था करने में विफल रहने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकारों की विफलता की कड़ी निंदा की. ऑक्सीजन, अस्पताल में बेड और दवाओं की भारी कमी और कालाबाजारी के कारण अधिकांश मौतें अस्पतालों के बाहर हुई हैं. एसकेएम सरकार से सभी गांवों और ब्लॉकों में इसके लिए उचित और मुफ्त व्यवस्था करने का आग्रह किया है, जिसमें सभी नागरिकों को मुफ्त टीकों का प्रावधान शामिल करने का मांग किया है.

वहीं, हरियाणा के शाहबाद के जजपा के विधायक रामकरण काला को किसानों ने घेर लिया व किसान विरोधी निर्णयों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. किसानों का यह गुस्सा इन्ही नेताओं की किसान विरोधी बयानबाजी और भाजपा का साथ देने के कारण बाहर आ रहा है. खट्टर सरकार सिर्फ जोड़ तोड़ की सरकार रह गयी है व राज्य की जनता में से विश्वास खो चुकी है.

पंजाब के किसान संगठनों ने बैठक कर निर्णय लिया कि वर्तमान किसान आंदोलन के साथ-साथ पंजाब में भी गन्ना किसानों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ लड़ना है. किसान नेताओं का कहना है कि पिछले पांच साल से राज्य में गन्ने का समर्थन मूल्य नहीं बढ़ाया गया है इसलिए कम से कम 350 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए एवं गन्ना किसानों की बकाया राशि उन्हें दी जाए. ऐसा नहीं होने पर पंजाब में भी किसानों के पक्के मोर्चे लगेंगे और हर सुगर मिल के बाहर किसान मोर्चा लगाएंगे.

Read Also –

 

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…]

Previous Post

फेलूदा टेस्टिंग किट बनाम आरटीपीसीआर

Next Post

ढपोरशंख

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

ब्लॉग

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

by ROHIT SHARMA
March 22, 2026
ब्लॉग

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

by ROHIT SHARMA
December 22, 2025
ब्लॉग

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

by ROHIT SHARMA
November 25, 2025
ब्लॉग

सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा

by ROHIT SHARMA
November 20, 2025
ब्लॉग

‘राजनीतिक रूप से पतित देशद्रोही सोनू और सतीश को हमारी पार्टी की लाइन की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है’ : सीपीआई-माओवादी

by ROHIT SHARMA
November 11, 2025
Next Post

ढपोरशंख

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

Jio : भारत के पूरे टेलीकॉम मार्केट को धराशायी करके एकल राज कायम करने की दीर्घकालीन नीति

March 23, 2019

भारतीय शिक्षा व्यवस्था पर स्टीव की तल्ख टिप्पणी

March 5, 2018

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

Uncategorized

भारत में अमीरी के प्रति, गैर बराबरी के प्रति गहरी सहनशीलता है

June 7, 2026
Uncategorized

कैसे एक पेपर लीक का मुद्दा घूमते-घूमते ‘हिंदू-मुस्लिम’ तक पहुंच गया ?

June 7, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जिन्हें भाजपाई होने पर शर्म आती है, इसलिए खुद को समाजवादी कहते हैं

June 4, 2026
गेस्ट ब्लॉग

धरती और औरत, दोनों के प्रति आदिवासी समाज का नजरिया गैर आदिवासी समाज से भिन्न

May 30, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ममता बनर्जी वही काट रही है जो उसने तीन दशकों में बोया था…

May 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

भारत में अमीरी के प्रति, गैर बराबरी के प्रति गहरी सहनशीलता है

June 7, 2026

कैसे एक पेपर लीक का मुद्दा घूमते-घूमते ‘हिंदू-मुस्लिम’ तक पहुंच गया ?

June 7, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.