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बिहार के 365 दिन में 22 हजार जघन्य आपराधिक मामले दर्ज

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
November 26, 2018
in गेस्ट ब्लॉग
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बिहार के 365 दिन में 22 हजार जघन्य आपराधिक मामले दर्ज

बिहार सरकार राज्य में कानून व्यवस्था में सुधार के लाख दावे कर ले लेकिन हकीकत यह है कि राज्य के अपराधियों के हाथ में अब एके-47 की पहुंच हो गई है. एक महीना पहले अंडा कारोबारी की हत्या और उससे पहले मुंगेर जिले से कई एके-47 की बरामदगी, तस्करों की गिरफ्तारी और उनके बयानों ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि बिहार में अपराधियों के पास अब देसी कट्टे और बंदूकों को जगह एके-47 ने ले ली है. वहीं, राज्य में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है. पुलिस आंकड़ों पर गौर करें तो बिहार में आपराधिक रेट पिछले साल की अपेक्षा इस बार काफी बढ़ा है.




पुलिस मुख्यालय द्वारा बताए गए आंकड़ों से पता चलता है कि अगस्त, 2017 में संज्ञेय अपराधों की संख्या 20,096 से बढ़कर अगस्त 2018 में लगभग 21,709 हो गई, जो 8 प्रतिशत से अधिक है. यह भी एक तथ्य है कि कानून के शासन के बारे में धारणा लोगों के बीच नकारात्मक हो रही है. वहीं, राज्य में बढ़ते अपराध के ग्राफ को लेकर विपक्ष लगातार नीतीश सरकार पर हावी होता जा रहा है. राज्य में विपक्षी दल नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में कानून—व्यवस्था पूरी तरह से धराशायी हो चुकी है और सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है.

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http://www.pratibhaekdiary.com/wp-content/uploads/2018/11/hatya-ke-virodh-me-shav-ke-sath-pradarshan.mp4

https://youtu.be/COvl7qowDQg
पटना में एक व्यवसायी की हत्या के बाद शव के साथ परिजनों का आक्रोशपूर्ण सड़क जाम, मूकदर्शक बनी प्रशासक

विपक्षी दल सहित आम जनता का कहना है कि बिहार में इस समय लोगों में दशहत का माहौल है और उनमें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता है.




आपको बता दें कि पिछले दो महीना के भीतर बिहार हत्याओं से दहल गया है. कुछ दिन पहले ही 1.5 करोड़ की फिरौती न मिलने पर एक अंडा करोबारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई. यहां चौंकाने वाली बात यह है कि मृतक कारोबारी के परिजन अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए दो दिनों तक पुलिस थाने के चक्कर लगाते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं है.

वहीं, पिछले दिनों मुजफ्फरपुर में पूर्व महापौर समीर कुमार सिंह और उनके चालक को अज्ञात अपराधियों ने सरेराह हत्या कर दी थी. पुलिस जांच में पता चला कि अपराधियों ने समीर की गाड़ी को घेर कर एके-47 से गोलियों की बौछार कर दी थी, जिसमें दोनों की मौत हो गई.




समीर सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि एके-47 की अंधाधुंध गोलीबारी में पूर्व महापौर को 16 गोलियां लगीं, जबकि उनके चालक को 12 गोलियां.

बिहार में अपराधिक घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. पिछले 24 घंटे के दौरान अपराधियों ने कहर बरपाते हुए पिछले महीना 5 हत्या की घटनाओं को अंजाम दे डाला. ये पांचों घटनाएंं पटना के नौबतपुर, अरवल, सीतामढ़ी, औरंगाबाद व मुजफ्फरपुर में हुई हैं. नीतीशजी की नाकामियों से बिहार में एके-47 आम हथियार हो गया है

  • आई. जे. राय





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इतिहास से – दलाली और गुंडई ही है हिदुत्व के ठेकेदारों का पेशा
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