Saturday, June 13, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

देश का सारा पैसा जा कहां रहा है ?

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
November 13, 2018
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

देश का सारा पैसा जा कहां रहा है ?

Rs.37,00,00,0,00,000.00 (3 लाख 70 हज़ार करोड़ रुपये). ये आरबीआई का वो पैसा है जिससे वो देश की इकॉनमी को स्थिर रखती है और इस पर कुछ ब्याज भी कमाती है. अब आरबीआई कानून के सेक्शन 7 का इस्तेमाल कर के मोदी जी इस धन को हथियाना चाहते है.

You might also like

मोदी सरकार का योजना जनता की आंखों में धूल झोंकने वाली ‘आंकड़ों की बाजीगरी’ है !

सशस्त्र संघर्ष के समर्थन में गणपति का साक्षात्कार

भारत में अमीरी के प्रति, गैर बराबरी के प्रति गहरी सहनशीलता है

सरकार का कहना है कि देश आर्थिक इमरजेंसी में है और सरकार को इस धन की ज़रूरत है जिससे वो इकॉनमी को संभालेगी. अब सवाल ये है कि अगर देश का विकास हुआ है तो ये इमरजेंसी कहां से आई ? और अगर वाकई में इमरजेंसी है तो देश को बताया क्यों नहीं जा रहा इस इमरजेंसी के बारे में ? क्योंकि ये इमरजेंसी नोटबंदी, जीएसटी और मोदी जी के दोस्तों के 12 लाख करोड़ के एनपीए की वजह से आई है.




2008 की वैश्विक मंदी में भी भारत सरकार को इमरजेंसी का बहाना देकर आरबीआई के पैसे हथियाने की ज़रूरत नहीं पड़ी तो मोदी जी तो सिर्फ पैट्रोल-डीजल पर देश की जनता से 12 लाख करोड़ ज्यादा वसूल चुके है, दूसरी लूट के पैसे अलग, फिर भी मोदी जी को आरबीआई के 3 लाख करोड़ चाहिए ?




ये सारा पैसा जा कहां रहा है ?

अब अगर RBI का पैसा गया तो उसे भी मोदी जी वैसे ही इस्तेमाल करेंगे जैसे देश की तिजोरी के सारे पैसों को किया. सारा पैसा धन्ना सेठों की जेबों में जायेगा. पर उससे भी खराब बात ये होगी कि आरबीआई जिस काम के लिए बनी है वो काम नहीं कर पायेगी.

ये कितना खराब होगा इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अम्बानी का आदमी उर्जित पटेल, जिसे खुद मोदी जी ने आरबीआई गवर्नर बनाया था वो इसे रोकने इस्तीफा देनेकी धमकी दे चुका है.

अगर ये हुआ तो मार्किट और रुपये की गिरावट छोड़ो, आरबीआई पर से दुनिया का भरोसा उठ जाएगा. ये भरोसा बनाने में देश को 70 साल लगे है, ये 1 सेकिंड में खत्म हो जाएगा.




ये रफाल से बहुत बड़ा कांड है पर सवाल सिर्फ 1 है. मोदी सरकार पिछली सारी सरकारों से कई गुना अधिक रुपया जनता की जेबों से काट रही है, चाहे जीएसटी या कई सारे टैक्स-सेस के बहाने या पैट्रोल-डीजल पर हो रही लूट के ज़रिए, तो ये सारा पैसा जा कहां रहा है ? योजनाओं की तो सिर्फ घोषणाएं होती है, किसी योजना में तो पैसा खर्च नहीं हो रहा. अगर खर्च हो रहा है तो सिर्फ पब्लिसिटी पर. फिर सारा पैसा जा कहां रहा है ?




ये पैसा 3 गुना दाम पर खरीदे रफाल के ज़रिए अम्बानी की जेब में जा रहा है. ये पैसा बैंकों के ज़रिए नीरव मोदी, मेहुल चौकसी, विजय माल्या की जेब में जा रहा है. ये पैसा आईएल एन्ड एफएस के ज़रिए संदेसरा और राकेश अस्थाना की जेब में जा रहा है. ये पैसा एनपीए के ज़रिए रुइया, अडानी, टोरेंट, जिंदल की जेबों में जा रहा है. ये सब ऑन पेपर है, सब को दिखता है जो देख-समझ सकता है.

क्या यही है नया भारत ? ये है विकास ? ये सब ऐसे ही चलते रहना चाहिए ? असली विकास की जगह सिर्फ विकास की झूठी पब्लिसिटी ही चाहिए देश को ? इस पब्लिसिटी के लिए देश के गरीबों और मध्यम वर्ग से दुगना टैक्स लूटा जा रहा है ?


  • Read Also –

मोदी का अंबानीनामा : ईस्ट इंडिया कंपनी-II
नागरिकों की हत्या और पूंजीतियों के लूट का साझेदार
… और अब रिज़र्व बैंक पर हमला !
अंबानी की मानहानि यानि चोरों की सीनाजोरी
मगरमच्छ मोदी का आर्तनाद





[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…]




[ लगातार आर्थिक संकट से जूझ रहे प्रतिभा एक डायरी को जन-सहयोग की आवश्यकता है. अपने शुभचिंतकों से अनुरोध है कि वे यथासंभव आर्थिक सहयोग हेतु कदम बढ़ायें. ]
Tags: आरबीआई
Previous Post

भाजपा का सारा कुनबा ही निर्लज्ज और हिन्दू संस्कृति विरोधी है

Next Post

आदिवासी संरक्षित क्षेत्र और ऑस्ट्रेलिया

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

मोदी सरकार का योजना जनता की आंखों में धूल झोंकने वाली ‘आंकड़ों की बाजीगरी’ है !

by ROHIT SHARMA
June 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

सशस्त्र संघर्ष के समर्थन में गणपति का साक्षात्कार

by ROHIT SHARMA
June 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

भारत में अमीरी के प्रति, गैर बराबरी के प्रति गहरी सहनशीलता है

by ROHIT SHARMA
June 10, 2026
गेस्ट ब्लॉग

कैसे एक पेपर लीक का मुद्दा घूमते-घूमते ‘हिंदू-मुस्लिम’ तक पहुंच गया ?

by ROHIT SHARMA
June 10, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जिन्हें भाजपाई होने पर शर्म आती है, इसलिए खुद को समाजवादी कहते हैं

by ROHIT SHARMA
June 4, 2026
Next Post

आदिवासी संरक्षित क्षेत्र और ऑस्ट्रेलिया

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

अल्बर्ट पिंटो

January 13, 2024

अराजनीतिक बुद्धिजीवी

October 8, 2020

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

मोदी सरकार का योजना जनता की आंखों में धूल झोंकने वाली ‘आंकड़ों की बाजीगरी’ है !

June 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

सशस्त्र संघर्ष के समर्थन में गणपति का साक्षात्कार

June 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

भारत में अमीरी के प्रति, गैर बराबरी के प्रति गहरी सहनशीलता है

June 10, 2026
गेस्ट ब्लॉग

कैसे एक पेपर लीक का मुद्दा घूमते-घूमते ‘हिंदू-मुस्लिम’ तक पहुंच गया ?

June 10, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जिन्हें भाजपाई होने पर शर्म आती है, इसलिए खुद को समाजवादी कहते हैं

June 4, 2026
गेस्ट ब्लॉग

धरती और औरत, दोनों के प्रति आदिवासी समाज का नजरिया गैर आदिवासी समाज से भिन्न

June 10, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

मोदी सरकार का योजना जनता की आंखों में धूल झोंकने वाली ‘आंकड़ों की बाजीगरी’ है !

June 12, 2026

सशस्त्र संघर्ष के समर्थन में गणपति का साक्षात्कार

June 12, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.