Monday, September 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

साम्प्रदायिकता की जहर में डूबता देश : एक दास्तां

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
November 23, 2019
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

साम्प्रदायिकता की जहर में डूबता देश : एक दास्तां

Md. Belalमो. बेलाल आलम, सामाजिक कार्यकर्ता, हेल्पिंग हैंड, पटना

बचपन मे हम सभी कभी पढ़ा और सुना करते थे, ‘मज़हब नही सिखाता. आपस में वैर रखना. हिंदी है हम वतन है हिन्दुस्तान हमारा.’ और हमारा देश चैनों-अमन से बिना किसी जाति-धर्म के एक-दूसरे के दुःख-सुख में साथ रहता था. पर आज के वक्त साम्प्रदायिक राजनीति ने समाज को इस कदर विषाक्त कर दिया है कि जिस सरकार को जनता देश के विकास के लिए चुनी है, वह सरकार अपने हित के लिए जाति और धर्म के नाम पर इंसान को इंसान का दुश्मन बना दिया है.

You might also like

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

हमारे देश में शक और नफरत के नज़र से देखे जाने वाला इंसान और कोई नहीं वो मुसलमान है. मुझे लगता था कि हमारे देश के जो पढ़े-लिखे लोग हैं वे धर्म में भेदभाव नहीं रखते होंगे. पर आज जो मेरे साथ हुआ, इससे ये साबित हो गया कि राजनीतिक साम्प्रदायिक हवाओं ने हमारे देश में धर्म की ऐसी आंधी ला दी है, जिसके बंदिश में पूरा देश आ चुका है.

कल मैं और मेरे एक मित्र अशोक राज पथ, पटना के एक एयरटेल स्टोर पर गया. हम दोनों को अपना पुराना सिम एयरटेल से अपग्रेड कराना था. मैं कुर्ता पहने था और मेरे मित्र पैंट शर्ट में. जैसे ही हम स्टोर में प्रवेश करते हैं कि गार्ड ने पूछा, ‘क्या बात है ?’
मैंने बताया, ‘सिम अपग्रेड करना है.’
गार्ड ने मुझसे पूछा, ‘किसका सिम है ?’
मैंने कहा, ‘मेरा है.’
गार्ड ने पूछा, ‘किसके नाम पर है ?’
मैंने बताया, ‘मेरे नाम पर.’
फिर गार्ड ने पूछा, ‘सिम लाये हैं ?’
मैंने कहा, ‘हांं, लाए हैं.’
फिर पूछा, ‘कहां है ?’
मैंने कहा, ‘मोबाइल में.’
फिर गार्ड ने बोला, ‘। Id proof … है ?’
मैंने कहा, ‘मोबाइल में फ़ोटो है चलेगा ?’
उसने कहा, ‘नहीं.’
मैं समझ रहा था उसके खेल को. फिर मैंने बोला, ‘पैन चलेगा ?’
गार्ड ने बोला, ‘दिखाइए.’

मैंने पैन कार्ड निकाला और उसके हाथ में दे दिया. मेरा पैन कार्ड एक ट्रांसपेरेंट कवर में था. उस गार्ड ने पैन कार्ड को कवर से निकाल कर इस तरह से देखा मानो मैं कोई आतंकवादी था. ये सारा खेल एयरटेल स्टोर के अंदर कस्टमर केयर ऑफिसर के सामने हो रहा था. फिर उसने मेरा मोबाइल मांगा और कोड सेंड किया. फिर उसने मुझे नया सिम दिया.

बगल में मेरे मित्र थे, अब थी उनकी बारी.
उनसे पूछा, ‘सिम लाये हैं ?’
मेरे मित्र ने कहा, ‘हांं.’
गार्ड ने पूछा, ‘Id लाये हैं ?’
मित्र ने बोला, ‘नहीं.’
गार्ड ने बोला, ‘किसके नाम पर है ?’
मेरे मित्र ने अपना नाम बताया. फिर मेरे मित्र ने बोला, ‘नहीं हो पायेगा न ? id नहीं है. पर देखिए.’

बिना कुछ बोले एयरटेल स्टोर वाले ने उसे नया सिम इशू कर दिया. शायद आप समझ गए होंगे. मेरे मित्र हिन्दू थे और मैं मुस्लिम.

इस प्रकार की घटना ये दर्शाती है कि मुसलमानों के प्रति क्या मानसिकता बना दिया है देश में साम्प्रदायिक राजनीति करने वाले कर्णधारों ने. बात यहीं खत्म नहीं होती है. सिम मिलने के बाद एक्टिवेशन काउंटर पर एग्जीक्यूटिव ने मेरा मोबाइल 10 से 15 तक ले कर रखा, जबकि मेरे मित्र का मोबाइल बिना छुए एक्टिवेट कर दिया गया.

एयरटेल स्टोर वाले अगर वेरिफिकेशन सिस्टम बनाते हैं तो वह सभी के लिए समान होना चाहिए, न कि किसी एक जाति या धर्म के लिए अलग. मैं शर्मिन्दा हूं समाज के ऐसे लोगों से जो समाजिक या व्यवसायिक कार्योंं में भी जातिवाद करते हैं. एक अच्छी सोच समाज और देश को आगे बढ़ा सकती है, तो एक बुरी और साम्प्रदायिक सोच देश को गुलामी के दलदल में भी धंसा देगी.

Read Also –

तुरंत कुचलिये इस सांप का फन
साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल : बादशाह अकबर का पत्र, भक्त सूरदास के नाम
कट्टरतावादी मूर्ख : मिथक को सत्य का रूप देने की कोशिश
बाबा रामदेव का ‘वैचारिक आतंकवाद’
हिंदुस्तान के बेटे बहादुरशाह जफर
मुसलमान एक धार्मिक समूह है जबकि हिन्दू एक राजनैतिक शब्द

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…]

Previous Post

तुरंत कुचलिये इस सांप का फन

Next Post

फासिस्ट शासक के निशाने पर जेएनयू : कारण और विकल्प

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

by ROHIT SHARMA
September 6, 2026
गेस्ट ब्लॉग

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

by ROHIT SHARMA
September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

by ROHIT SHARMA
September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

आत्मसमर्पण क्यों करते हैं क्रांतिकारी नेता ? 2019 के एक दस्तावेज में सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति की समझ

by ROHIT SHARMA
August 29, 2026
गेस्ट ब्लॉग

भारत : अवसरवाद, परिसमापनवाद और संशोधनवाद के खिलाफ संघर्ष तेज़ करें !

by ROHIT SHARMA
August 27, 2026
Next Post

फासिस्ट शासक के निशाने पर जेएनयू : कारण और विकल्प

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

भाजपा का भ्रष्टाचार के साथ अदानी का एकाधिकार विकास

May 16, 2022

पॉलिएस्टर प्रिंस’ और ‘कोल किंग’: भारत के दलाल पूंजीपति वर्ग का एक जैसा फॉर्मूला

March 2, 2024

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

September 6, 2026
गेस्ट ब्लॉग

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

आत्मसमर्पण क्यों करते हैं क्रांतिकारी नेता ? 2019 के एक दस्तावेज में सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति की समझ

August 29, 2026
गेस्ट ब्लॉग

भारत : अवसरवाद, परिसमापनवाद और संशोधनवाद के खिलाफ संघर्ष तेज़ करें !

August 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

प्रशांत बोस उर्फ किशन दा के बारे में संक्षिप्त जानकारी

August 26, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

September 6, 2026

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

September 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.