Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home कविताएं

देश का अपमान

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
February 2, 2021
in कविताएं
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

क्या तब देश का अपमान नहीं होता
जब आंगन में खेलती हुई बच्ची को
पटक दिया जाता है मंदिर में
अपनी वहशियत मिटाने के लिए
मिलकर के नोंच खाने के लिए
फिर भीड़ द्वारा उदघोष किया जाता है
जय श्री राम
जय श्री राम।

क्या तब देश का अपमान नहीं होता
जब जाति की ईर्ष्या में जलकर,
कई घर जला दिए जाते हैं।
धर्म के नाम पर भीड़ द्वारा
कमजोरों को दबोच लिया जाता है
और एक भीड़ द्वारा ही
देश का संविधान
जला दिया जाता है
नौजवान मात्र एक भीड़ बन जाता है
भीडतंत्र के आगे
लोकतंत्र बौना हो जाता है।

You might also like

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

SEDITIOUS RIVER

कौन है श्रेष्ठ ?

क्या तब देश का अपमान नहीं होता,
जब देश की औरतें
इस आधुनिक युग में
अनगिनत असमानताओं,
असुरक्षा और भय युक्त
जीवन से गुज़र रही होती है
देश का अन्नदाता किसान
कर्ज में डूब कर,
देश का नौजवान
बेरोजगारी से शर्मसार होकर,
फांसी पर लटक रहा होता है
जब शराब के ठेके
आपातकालीन स्थिति में भी
खोले जाते हैं
लेकिन विद्यालय बंद कर दिए जाते हैं
शिक्षा को व्यापार बना दिया जाता है।

क्या तब देश का अपमान नहीं होता,
जब देश का अरबों रुपया लेकर
पूंजीपति विदेशों में बैठ जाते हैं
जब देश में सस्ती से सस्ती कीमत पर
मेहनतकश जनता का श्रम लूटा जाता है
जब नौ महीने की गर्भवती
सर पर ईंटें ढो रही होती है
जब जल जंगल जमीन को बेच
कमीशन खाया जाता है।
तब कोई बवाल क्यों नहीं होता।
ये कैसी विडम्बना है।

ये देश हमसे है दोस्तों,
ना कि हम देश से।
तिरंगा हमारी पहचान है,
ना कि हमारी कमजोरी।
देश का अपमान
तिरंगे के गिरने या उठने से नहीं,
बल्कि देश का अपमान
तब होता है
जब देश की जनता की
संवेदनाएं मर जाती हैं
जब मुनाफे की गरमी से
आंखों का पानी सूख जाता है
जब राजनीति को
पैसा कमाने का जरिया
बनाया जाता है
जब भ्रष्टाचार,
राजनीति का आधार बन जाता है,
जब जनता के हकों की हत्या की जाती है,
जब देश एक बाज़ार
और जनता महज़ एक
सामान बन कर रह जाती है।

  • मेघा आर्या

[प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

मोदी बजट : विदेशियों की सरकार, विदेशियों के द्वारा, विदेशियों के लिए

Next Post

गणतंत्र के सामूहिक सपनों की शवयात्राएं

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

by ROHIT SHARMA
March 22, 2026
कविताएं

SEDITIOUS RIVER

by ROHIT SHARMA
September 7, 2025
कविताएं

कौन है श्रेष्ठ ?

by ROHIT SHARMA
July 31, 2025
कविताएं

स्वप्न

by ROHIT SHARMA
June 26, 2025
कविताएं

ढक्कन

by ROHIT SHARMA
June 14, 2025
Next Post

गणतंत्र के सामूहिक सपनों की शवयात्राएं

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

डेढ़ लोगों का बंधक बना लोकतंत्र

December 3, 2021

कारपेट के नीचे की गंदगी

March 15, 2021

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.