Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

छत्तीसगढ़ : आदिवासी क्षेत्र को बूटों से रौंदा जा रहा

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
August 23, 2021
in गेस्ट ब्लॉग
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

छत्तीसगढ़ : आदिवासी क्षेत्र को बूटों से रौंदा जा रहा

रिजवान रहमान

छत्तीसगढ़ में जो चल रहा है, उसकी तस्वीर देश आईने में नहीं देखना चाहता. केरल के ऑक्सफोर्ड रिटर्न कांग्रेसी इंटेलेक्चुअल लीडर से लेकर लुटियंस जोन की तरफ लार टपकाते स्वयंघोषित इतिहासकार, ‘हिन्दुइज्म वर्सेस हिंदुत्वा’ के बहस में मशगूल हैं और उसी के समानांतर एक आदिवासी क्षेत्र को बूटों से रौंदा जा रहा. उसके सीने में गोलियां दागी जा रही. उसकी बेटियों को माओवादी बता कर उनका रेप किया जा रहा. यह पिछले कई दशक से, मेरे यह लिखने तक बदस्तूर जारी है.

You might also like

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

30 मई को डिस्ट्रीक्ट रिजर्व गार्ड, वायको पेक्को नाम की आदिवासी लड़की को रात में जबरन घर से उठाकर ले जाती है. अगली सुबह जब उसके परिवार वाले गांव के लोगों के साथ दांतेवाड़ा पुलिस स्टेशन पहुंचते हैं तो उन्हें खबर दी जाती है, वायको पेक्को मर गई. लेकिन वायको पेक्को क्यों मर गई ? इस सवाल का जवाब आर्म्ड फोर्स के इतिहास में है, उसकी कार्यप्रणाली में है. इसका जवाब स्टेट द्वारा मूल निवासियों पर किए जा रहे हमले में है, सुनियोजित वायलेंस में है.

एफआईआर रिपोर्ट के मुताबिक डिस्ट्रीक्ट रिजर्व गार्ड ने वायको पेक्को के साथ रात भर रेप किया था. उसके ब्रेस्ट, उंगलियां, जांघ और माथे को काट दिया था जबकि पुलिस अपने बचाव में डिटेल्स लिखती है, ‘पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) की मेंबर पेक्को माओवादी थी और उस पर दो लाख का ईनाम था. उसकी लाश एक माओवादी विरोधी अभियान के दौरान मिली थी.’

एक आदिवासी लड़की के इस बर्बर मर्डर और रेप पर देश को हिल जाना चाहिए, लेकिन एक रोआं भी खड़ा नहीं हुआ. सोशल मीडिया के हैशटैग एक्सपर्ट भी अनजान हैं या अनजान ही बने रहना चाहते हैं. सोचने पर झटके में समझ आ जाएगा.

इन दिनों वोकल लोगों का नया अड्डा है क्लब हाउस. लेकिन नक्कारखाने की इस तूती में भी छत्तीसगढ़ कहीं नहीं है. क्लब हाउस के इको चैंबर से वायुमंडल में बेतरह ध्वनि प्रदूषण फैल रहा परंतु छत्तीसगढ़ के नाम पर शमशान-सी मुर्दा शांति है.

अपने कमरे का एक कोना पकड़ यह सब देखते हुए, मुझे निज़ार की याद आ रही. शायद निज़ार हमारे मुल्क़ में पैदा होते तो यहां के हालात पर तब भी यही कहतें –

Oh darling,
What kind of nation is this?
This nation that dare not see its body in the mirror

निज़ार की इस कविता से आगे बढ़ते हुए, हिन्दी के सवर्ण प्रगतिशील खेमें में चल रहे ‘हिन्दुइज्म वर्सेस हिंदुत्वा’ के पूरे डिबेट में पेरी एंडरसन की टिप्पणी मानीखेज है. वह अपनी किताब इंडियन आईडियोलॉजी में कहते हैं, ‘हिंदुस्तान में उन्हीं इलाकों में आफ्स्पा लगा हुआ है जो हिन्दू बहुल नहीं है.’

पेरी एंडरसन की यह बात जायज है. कश्मीर से लेकर नोर्थ ईस्ट तक हिन्दू बहुल नहीं है. इसके अलावा छत्तीसगढ़ और झारखंड आदिवासी क्षेत्र है. और इन इलाकों में आर्म्ड फोर्स किस प्रकार काम कर रही, बताना दुहराव होगा.

Read Also –

आदिवासी सुरक्षा बलों के कैम्प का विरोध क्यों करते हैं ?
आदिवासी महिलाओं की हत्या में मशगूल छत्तीसगढ़ पुलिसछत्तीसगढ़ : ‘आदिवासियों को भी विकास चाहिए, लेकिन वैसे नहीं जैसे सरकार चाहती है’
लेधा बाई का बयान : कल्लूरी का “न्याय”
आदिवासी संरक्षित क्षेत्र और ऑस्ट्रेलिया 

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

यह खबर फ्रांस से है

Next Post

UPA के समय के तेल-बॉन्ड के कारण पेट्रोल 110 रुपया लीटर हुआ ?

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

by ROHIT SHARMA
February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

by ROHIT SHARMA
February 24, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमारी पार्टी अपने संघर्ष के 53वें वर्ष में फासीवाद के खिलाफ अपना संघर्ष दृढ़तापूर्वक जारी रखेगी’ – टीकेपी-एमएल की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य के साथ साक्षात्कार

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
Next Post

UPA के समय के तेल-बॉन्ड के कारण पेट्रोल 110 रुपया लीटर हुआ ?

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

26 दिसंबर को सीपीपी की आगामी 53वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी

December 5, 2021

फासिस्ट मोदी सत्ता का एजेंडा – मंदिर और सीएए

March 6, 2024

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.