Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

अब अंग्रेजों के हवाले काशी विश्वनाथ मंदिर

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
November 8, 2021
in गेस्ट ब्लॉग
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

अब अंग्रेजों के हवाले काशी विश्वनाथ मंदिर

पीएम मोदी जी ने अपने संसदीय क्षेत्र बनारस के काशी विश्वनाथ मंदिर का संचालन लंदन कि एक कंपनी को सौंप दिया, जिस के मालिक अंग्रेज हैं. अब मंदिर के सभी निर्णय वे अंग्रेज करेंगे, जिन्हें मोदी जी ने अपने विशेष आमंत्रण पर भारत बुलाया है.

You might also like

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

1942 में देश में भारत छोडो का आंदोलन चला था और आज मोदी जी अंग्रेजों को वापिस बुला कर जमा जमाया करोड़ों रुपये का धंधा भी उन्हें सौंप रहें हैं. मंदिर में दान दक्षिणा व चढावे का सारा हिसाब अंग्रेजों के पास रहेगा, किसे पुजारी रखना है किसे नहीं, ये सब उन्होंने ने तय करना है. इन परिस्थितियों को मध्यनजर रखते हुए वहां के पंडे-पुजारियों में रोषपूर्ण माहौल का बनना जायज है.

मोदी जी के इस फैसले को देखते हुए देश भर के बडे-बडे मंदिरों के पंडे-पुजारियों में अपने रोजगार को लेकर डर का माहौल बनना भी लाजमी है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत के कुछ ही मंदिरों की कमाई देश के कुल बजट से कई गुणा अधिक है.

मंदिरों में दिया गया दान देश की अर्थ-व्यवस्था के लिए बहुत अधिक घातक है. यदि मंदिरों में किये गये दान का सारा पैसा सरकुलेट होता तो देश की अर्थ-व्यवस्था बहुत ऊपर होती और देश के सभी लोग खुशहाल सम्पन्न व समृद्ध होते लेकिन देश के अधिकांश पढे-लिखे लोग भी इस अहम मुद्दे पर ना कभी चर्चा करते ना ही ध्यान नहीं देते.

मोदी जी की गिद्ध नजर मंदिरों में दिये जाने वाले दान दक्षिणा व चढावे पर टिकी हूई है जिस की शुरुआत उन्होंने अपने ही संसदीय क्षेत्र बनारस से करके अपने मालिकों के प्रति वफादारी निभाई है. देश के मंदिरों की जमीन और उन्हें बनाने में आम जनता का पैसा खर्च होता है, फिर आम जनता से पूछे बिना अकेला मोदी अंग्रेजों की एक कंपनी को यह मंदिर कैसे सौंप रहा है ? यह सवाल सारे देश के लिए है.

देश के पंडे-पुजारियों में आगे बढ कर उस से सवाल करने की हिम्मत नहीं है और ना ही यह वर्ग सडकों पर आकर आंदोलन कर सकता क्योंकि इन कामों के लिए इन्होंने हमेशा एससी-एसटी-ओबीसी का समय-समय पर इस्तेमाल किया है. मंदिरों के पंडे-पुजारी दलितों को मंदिरों में प्रवेश नहीं करने देते. कई मंदिरों म़ें उन के प्रवेश को लेकर उन्हें मारने पिटने के विडिओ भी वायरल होते रहते हैं, उन्हें अछूत कहा जाता है.

अपने ही देश म़ें विदेशी आर्यों द्वारा स्वयं के लिए ऐसा तिस्कार असहनीय पीड़ा से भरा होता है जिसे भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी सहन किया है. अब मोदी जी काशी विश्वनाथ मंदिर को अंग्रेजों के हवाले मंदिर कर रहें है, क्यों नहीं पंडे-पुजारी मोदी के खिलाफ सडकों पर आ रहे ? क्या केवल दलितों को मारने के लिए शेर बनते हैं ?

क्या कभी किसी ओबीसी के सुशिक्षित व्यक्ति को देश के किसी बडे मंदिर का मेन कर्ताधर्ता या पुजारी बनाया है ? नहीं. क्योंकि ऐसी तुम्हारी सोच ही नहीं है, तभी ये सब लोग आज तुम्हारे साथ नहीं खडे हैं और मोदी को इस का भरपूर फायदा मिल रहा है. देखते हैं अब इन पंडे पुजारियों की मदद करने कौन सा काल्पनिक देवता सामने आता है ?

देश के सभी एससी-एसटी-ओबीसी के लोगों के लिए यह एक सबक होना चाहिए. यदि ये सभी काल्पनिक देवी-देवता मिलकर भी इन पंडे -पुजारियों के काम नहीं आए तो फिर अंधभक्तों तुम्हारे काम कैसे आएंगे ? इस विषय पर गहराई से सोचना.

मोदी के इस फैसले को देखते हुए सभी पंडे-पुजारियों को कोई नया काम-धंधा ढूंढ लेना चाहिए क्योंकि अब तक पंडे-पुजारी जो धंधा करते आ रहे हैं, वह भविष्य में चलने वाला नहीं है. वैसे भी ऐसा काम किसी धंधे की श्रेणी में नहीं आता बल्कि भोले भाले लोगों को झूठ तूफान बोल कर यह ठगने का काम है. उन की खून-पसिने की कमाई को छल कपट से छिनने का काम है और ऐसे धूर्तों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही होनी चाहिये.

आज देश का मूलनिवासी वर्ग जागरूक हो चुका है. आने वाले समय में ये लोग इन पंडे-पुजारियों के बहकावे में आने वाले नहीं हैं बल्कि झूठ बोल कर किसी के साथ धोखेबाजी करके उस का पैसा एंठने वालों के खिलाफ 420 या अन्य केस दर्ज भी होंगे.

Read Also –

 

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

शराबी बुजुर्ग – ‘अब कोई बांझ नहीं कहेगा’

Next Post

TRIPURA IS BURNING

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

by ROHIT SHARMA
February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

by ROHIT SHARMA
February 24, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमारी पार्टी अपने संघर्ष के 53वें वर्ष में फासीवाद के खिलाफ अपना संघर्ष दृढ़तापूर्वक जारी रखेगी’ – टीकेपी-एमएल की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य के साथ साक्षात्कार

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
Next Post

TRIPURA IS BURNING

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

संविधान की शपथ लेकर सरकार में बैठे हो गुंडे बदमाशों की तरह काम मत करो

July 17, 2023

तुलसी और कबीर को रांगेय राघव ने ऐसे देखा…

September 16, 2024

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.