Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home लघुकथा

वामपंथियों ने इतिहास से लुप्त कर दिया एक कड़वा सच : ममी की पुकार

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
November 17, 2021
in लघुकथा
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

वामपंथियों ने इतिहास से लुप्त कर दिया एक कड़वा सच : ममी की पुकार

वामपंथियों ने इतिहास से लुप्त कर दिया एक कड़वा सच – गोरखपुर के नजदीक एएसआई की खुदाई चल रही थी. वहां एक ममी पाई गई, जो बिल्कुल मिस्री परम्परा के मुताबिक बनाई हुई थी. भारत के इतिहास में ममी का मिलना अपने आपमे एक नई घटना थी, जिससे इतिहास के नए सफहो पर प्रकाश पड़ता.

You might also like

कथाकार व उपन्यासकार कैलाश वनवासी का समकालीन कथा साहित्य में एक जरूरी हस्तक्षेप

UPSC में 301वां रैंक को लेकर जब आकांक्षा सिंह के सपने में आया ब्रह्मेश्वर सिंह

एन्काउंटर

चार फुट की उस ममी के साथ उसके दैनिक उपयोग के सामान थे. ममी को संग्रहालय में रखने की तैयारी हो रही थी. इसके पहले तमाम परीक्षण हो रहे थे, तभी नोटिस किया गया कि ममी के आसपास सूक्ष्म आवृत्ति की ध्वनियां प्रसारित हो रही हैं.

शुरू में इन ध्वनियों को किसी आस-पास के इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट का कम्पन समझा गया, पर शीघ्र ही वैज्ञानिकों की एक टीम इस मामले में दिलचस्पी लेने लगी. ध्वनियों को रिकार्ड किया गया और सैम्पल को एएसआई के अधिकारियों और पुरातत्वविदों ने संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस, चीन के वैज्ञानिकों से साझा किया गया. सभी देशों ने विलक्षण ममी के परीक्षण के लिए अपने शीर्ष वैज्ञानिक भारत भेजे.

ये ध्वनियां बहुत सूक्ष्म आवृत्ति की थी, जिनकी आवृत्ति 30 हर्ट्ज से कम थी. इन्हें केवल उच्च गुणवत्ता वाले ध्वनि उपकरणों द्वारा सुना जा सकता था, मानवीय श्रवण क्षमता द्वारा नहीं.

वैज्ञानिकों ने हाइपरसोनिक साउंड एम्पलीफायर उपकरणों को ममी के बेहद करीब रखा है. करीब 30 देशों के वैज्ञानिक 5 महीने, 24 दिन और 22 घंटे तक रात-दिन देखे बिना ममी से आने वाली आवाज़ों को रिकॉर्ड करते रहे.

ध्वनि सीक्वेंस को रिकॉर्ड कर डिकोड किया गया तो पता चला कि इन आवाज़ों में हज़ारों साल पुरानी भाषा में पूरी मानव जाति के लिए एक संदेश है. जब इस आवाज का अनुवाद किया गया तो ममी का संदेश सुनकर सुनकर दुनिया दंग रह गई.

कोई भी न्यूज चैनल इस खबर को दिखाने के लिए तैयार नहीं है, क्योंकि इस खबर से कई लोगों का हार्ट फेल हो सकता है. ममी, जो किसी भक्त की प्रतीत होती है, कुछ समय से उच्च आवृत्ति की ध्वनि में जोर-जोर से चिल्ला रही है  –

‘अच्छे दिन आने वाले हैं
‘पेट्रोल 30 रुपये लीटर
‘काला धन आएगा
‘तेरी माँ का ^*$^@&#
‘@दरखोद तू देशद्रोही है

इसे व्हाट्सएप ज्ञान न समझना, ये एक ममी की पुकार है.

  • आशुतोष कुमार सिंह

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

बिहार का दलित आंदोलन, नक्सलवाद और ‘प्रशांत बोस’

Next Post

हिंदुत्व, हिन्दू धर्म नहीं है, सावरकर के राजनैतिक दर्शन से उपजा फासिज्म है

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

लघुकथा

कथाकार व उपन्यासकार कैलाश वनवासी का समकालीन कथा साहित्य में एक जरूरी हस्तक्षेप

by ROHIT SHARMA
March 17, 2026
लघुकथा

UPSC में 301वां रैंक को लेकर जब आकांक्षा सिंह के सपने में आया ब्रह्मेश्वर सिंह

by ROHIT SHARMA
March 11, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
लघुकथा

मैं रहूं न रहूं, पर लड़ाई ज़िंदा रहेगी : एक अपरिचय से परिचय तक की दहला देने वाली मुलाक़ात

by ROHIT SHARMA
February 7, 2026
Next Post

हिंदुत्व, हिन्दू धर्म नहीं है, सावरकर के राजनैतिक दर्शन से उपजा फासिज्म है

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

ड्रग्स कारोबारियों का पसंदीदा रूट है गुजरात

May 3, 2022

सोमवार को स्नान के बाद इस कथा को पढ़ें !

July 29, 2022

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.