Friday, July 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

अफवाहबाज जी-न्यूज एंकर पर कांग्रेस की आक्रामकता बेहतर संकेत है

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
July 5, 2022
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
अफवाहबाज जी-न्यूज एंकर पर कांग्रेस की आक्रामकता बेहतर संकेत है
अफवाहबाज जी-न्यूज एंकर पर कांग्रेस की आक्रामकता बेहतर संकेत है

‘जी न्यूज’ के एंकर रोहित रंजन को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. यह गिरफ्तारी इसलिए हुई क्योंकि आज सुबह ही छत्तीसगढ़ की रायपुर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची थी. दरअसल राहुल गांधी के बयान को तोड़ने-मरोड़ने पर रोहित पर छत्तीसगढ़-राजस्थान में केस दर्ज हुए हैं. दूसरे राज्य की पुलिस उन्हे अपने स्टेट लेकर के न चली जाए इसलिए नोएडा पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर अपने पास जमा कर लिया है, नहीं तो कल तक इस बात की कोई सूचना नहीं थी कि नोएडा पुलिस रोहित रंजन को गिरफ्तार करने वाली है.

बहुत से लोगों को यह जानकारी ही नहीं होगी कि यह मामला क्या है ? दरअसल ‘जी न्यूज’ के प्राइम टाइम प्रोग्राम डीएनए को आजकल रोहित रंजन होस्ट कर रहे हैं. 2 जुलाई को डीएनए में रोहित रंजन ने एक झूठी खबर चलाई थी कि राहुल गांधी ने उदयपुर कांड के अपराधियों को बच्चा कहा है. दरअसल राहुल गांधी ने वायनाड में अपने दफ़्तर पर हुए हमले के लिए आरोपित कुछ कार्यकर्ताओं के बारे में ऐसा कहा था. लेकिन जी न्यूज़ ने इसे राहुल गांधी का उदयपुर कांड के सन्दर्भ में दिया वक्तव्य बता दिया.

You might also like

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

अगले दिन जब यह वीडियो सोशल मीडिया के जरीए सामने आया तो बहुत हंगामा मचा क्योंकि यह खुल्लेआम बोला गया सफेद झूठ था और इस ख़बर को बहुत से बीजेपी के नेता और मंत्री ट्वीट भी कर चुके थे और गोदी मीडिया से जुड़े कई पत्रकार भी इसे आगे बढ़ा रहे थे.

‘जी न्यूज’ ने इस मुद्दे पर माफ़ी मांगकर बात को दबाना चाहा लेकिन इस बार कांग्रेस आक्रामक रुख अपना चुकी थी. कांग्रेस ने इस मामले में कुल 6 राज्यों में पुलिस शिकायत दर्ज करवाई और इसी के लिए आज सुबह रोहित रंजन को गिरफ्तार करने छत्तीसगढ पुलिस पुहंची.

बहुत से लोग यहां ये तर्क देंगे कि माफ़ी तो मांग ली अब गिरफ्तारी क्यों कर रहे हो ? लेकिन क्या माफ़ी मांगने से बात खत्म हो जाती है ? ऐसी ही फेक न्यूज फैलाकर आपने एक नेता को पप्पू साबित कर दिया. आज भी आलू से सोना बनाने वाला बयान उन्हें पप्पू साबित कराने के लिए वायरल कराया जाता है.

इस सन्दर्भ में 2018 में गृह मंत्री अमित शाह का एक बयान आपको जरूर सुनना और समझना चाहिए जो उन्होंने राजस्थान के कोटा में पार्टी कार्यकर्ताओं, शक्ति केंद्र कार्यकर्ताओं और सोशल मीडिया वॉलिंटियर्स को संबोधित करते हुए दिया था. उन्होंने कहा था कि ‘हम जो चाहें वो संदेश जनता तक पहुंचा सकते हैं, चाहे खट्टा हो या मीठा हो, चाहे सच्चा हो या झूठा हो.’

अमित शाह ने आगे उदाहरण देते हुए कहा यूपी चुनाव (2017) के वक्त एक कार्यकर्ता ने व्हाट्सअप पर एक संदेश पोस्ट कर दिया कि अखिलेश यादव ने मुलायम सिंह यादव को चांटा मारा. उन्होंने कहा, ‘यह बात सच नहीं थी लेकिन वो संदेश नीचे से ऊपर और ऊपर से नीचे तक वायरल हो गया. मुझे लोगों के फोन आने लगे और कहने लगे कि उनकी पार्टी से लेकर जनता तक ये बात फैली है कि जो अपने बाप का ना हुआ वो हमारा क्या होगा ?’

अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी कि ऐसा नहीं करना है, यह गलत है लेकिन उन्होंने जिस अंदाज में यह बात कही है वह देखने लायक है. उनका बात का मतलब यह साफ दिख रहा था कि यदि झूठ भी वायरल करना पड़े तो बिलकुल कर देना चाहिए. ‘जी न्यूज’ के एंकर की गिरफ्तारी बिल्कुल उचित है. जब तक ऐसे लोगों को गिरफ्तार कर जेल में नहीं डाला जायेगा, ये सुधरने वाले नहीं हैं.

2

ये ‘जी’ का उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का चैनल है, जो सुबह से नौटंकी किया है कि ‘लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला’, ‘जहां सोनिया सरकार, वहां से अत्याचार’. लेकिन ये नहीं बता रहा है कि क्यों ऐसी नौबत आई ? जब इन्होंने एकदम एजेंडे के साथ किसी शख्स को सुनियोजित तरीके से बदनाम किया, तब तो नहीं सोचा.

‘जी’ के उस शो के बाद अगर राहुल के साथ कुछ हो जाता या आक्रोशित भीड़ अगर कुछ कर देती तो क्या ‘जी’ उसकी जिम्मेदारी लेता ? जानबूझकर किसी को बदनाम करो फिर उसे मानवीय भूल बताओ, अरे वो भूल नहीं तुम्हारी मानसिक गुलामी का नतीजा था.

पत्रकार की गिरफ्तारी का विरोध हम भी करते हैं लेकिन मामला ये है कि एजेंडा चलाने वाले पत्रकार कहलाने का हक नहीं रखते. सरकार के चरणों में बिछ जाने वाले लोकतंत्र का चौथा खंभा होने का अधिकार नहीं रखते.

ना जाने कितने मासूम बेघर हो गए, ना जाने कितनी महिलाएं, बुजूर्ग सरकार की तानाशाही के कारण सड़क पर आ गए, कोरोना में लाखों की मौत हो गई, उनके परिवार कैसे जी रहे हैं, कोरोना में ना जाने कितने बेरोजगार हो गए इस पर आजतक एक बार भी बात नहीं की, हमेशा सरकार के कदमों में साष्टांग दंडवत होकर सरकार का एजेंडा चलाने वालों, तुम लोग पत्रकार नहीं हो और तुम्हारी गिरफ्तारी को पत्रकारों की गिरफ्तारी बताने वाले लोग नासमझ हैं.

जब तुमने सिद्दकी कप्पन और जुबैर जैसे तमाम पत्रकारों को आतंकी, देशद्रोही कहा था तब भी सोचना चाहिए था कि तुम्हारा नंबर भी आ सकता है इसलिए अब भुगतो !

  • गिरीश मालवीय एवं आकाश कुमार

Read Also –

राहुल गांधी को वैचारिक तौर पर स्पष्ट और आक्रामक होना होगा
न्यूज नेटवर्क ‘अलजजीरा’ के दम पर कतर बना वैश्विक ताकत और गोदी मीडिया के दम पर भारत वैश्विक मजाक
राहुल गांधी के खिलाफ न्यूज़ चैनल्स पर झूठ और नफरतों का डिबेट
संघियों के लिए राष्ट्रपति पद जनाक्रोश को शांत करने का साधन 

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

Donate on
Donate on
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

मुझे उम्मीद है फिर भी…

Next Post

अब सिगरेट पीतीं और LGBT का झंडा लहराती मां काली दक्षिणपंथियों के निशाने पर

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

by ROHIT SHARMA
July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

लोकतंत्र के अंतिम किले का पतन : भाजपा की ढाल बना चुनाव आयोग

by ROHIT SHARMA
June 16, 2026
Next Post

अब सिगरेट पीतीं और LGBT का झंडा लहराती मां काली दक्षिणपंथियों के निशाने पर

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

संविधान जलाने और विक्टोरिया की पुण्यतिथि मानने वाले देशभक्त हैं, तो रोजी, रोटी, रोजगार मांगने वाले देशद्रोही कैसे ?

February 12, 2019

आस्था नंगी होकर सड़कों पर क्यूं घूम रही है ?

February 24, 2024

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

Uncategorized

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
Uncategorized

‘ऑपरेशन कगार के खिलाफ और भारत में जनयुद्ध के समर्थन में लामबंदी जारी रखें’ – ICSPWI इटली

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

July 20, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.