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Home गेस्ट ब्लॉग

एक केजरीवाल को मिटाने में पूरी सियासत नंगी हो गई

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
March 2, 2018
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भ्रष्टाचारियों की ही जेब में जा रहा है देश की जनता का दिया हुआ टैक्स का पैसा. देश की जनता के दिए हुए टैक्स के पैसे से अडानी, अंबानी, वीडियोकॉन जैसे उद्योगपतियों का लाखों करोड़ रुपये का सरकारी ऋण माफ करने के साथ-साथ हजारों करोड़ रुपये और दे दिए टैक्स रिबेट के रूप में नरेन्द्र मोदी सरकार और नेहरू-गांधी परिवार की कांग्रेस दोनों ही सरकारों ने. अरबों रुपये मूल्य की सरकारी जमीनें लगभग मुफ्त में दे दी अडानी, अंबानी जैसे उद्योगपतियों को भाजपा और कांग्रेस दोनों ही भ्रष्टाचारी सरकारों ने. सरकार चाहे भाजपा की हो अथवा कांग्रेस की हो, इनके भ्रष्ट मंत्रियों को साथ बनाकर रखो और देश को लूटते रहो, यही तरीका है बड़े-बड़े उद्योगपतियों का लाखों करोड़ रुपये की सम्पत्ति का मालिक बनने का. भ्रष्ट मंत्री अरबों रुपये की घूस खाकर ही बड़े-बड़े उद्योगपतियों को लाखों करोड़ रूपये का लाभ पहुंचा रहे हैं और विजय माल्या, नीरव मोदी जैसों को विदेश में भगा दिया जिन्होंने देश के हजारों करोड़ रुपये लूटे. विदेश में बैठकर आंख दिखा रहे उद्योगपतियों के साथ मिलकर देश को लूट रही हैं भाजपा (एनडीए) और कांग्रेस (यूपीए) ये भ्रष्टाचारी पार्टियां.

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देश की जनता के खून-पसीने से दिया हुआ जीएसटी, टोल-टैक्स, आयकर आदि जैसे टैक्सों से देश के खजाने में जमा पैसा सड़क-बिजली-पानी, सीवरेज, सरकारी अस्पताल और स्कूल, रेलवे आदि जनता की मूलभूत सुविधाओं पर खर्च होना चाहिये परन्तु वह पैसा तो यह भ्रष्टाचारी सरकार और औद्योगिक घराने मिलकर लूटने में लगे हुए हैं.

वहीं दूसरी ओर दिल्ली में जनता का दिया हुआ टैक्स का एक-एक पैसा दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार किसी न किसी रूप में दिल्ली की आम  जनता को ही वापिस करती है. अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में बनी आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार मोहल्ला क्लीनिक बनाकर, सड़क एक्सीडेंट पीड़ितों को तथा आग और तेजाब से जलने वालों को दुर्घटना स्थल के निकटतम बड़े प्राइवेट अस्पतालों में भी सरकारी खर्चे पर निःशुल्क चिकित्सा का प्रावधान करके, प्राइवेट स्कूलों से भी अधिक अच्छे नये सरकारी स्कूल बनाकर जनता को श्रेष्ठ एवं निःशुल्क चिकित्सा और शिक्षा सुविधा मिल सके, इसके लिए काम कर रही है. प्रतिमाह बीस हजार लीटर तक पानी निःशुल्क तथा बिजली बिल आधा कर दिल्ली में आम आदमी की बुनियादी समस्या को हल किया अरविंद केजरीवाल की सरकार ने. सड़कों/पुलों के निर्माण में भ्रष्टाचार को खत्म कर अनुमानित लागत से कम लागत में तैयार करके अरबों रुपये की सरकारी बचत की और बचत के इस पैसों को जनता के ही शिक्षा-स्वास्थ्य आदि जैसे मदों में अरविंद केजरीवाल की सरकार ने खर्च किया जिसे पहले यही अरबों रुपये भाजपा-कांग्रेस की भ्रष्ट सरकार, नेता, अफसर मिलकर खा जाते थे. भाजपा और कांग्रेस के भ्रष्ट मंत्री और अफसर जैसे मध्यप्रदेश, कर्नाटक आदि देश के दूसरे राज्यों में अभी भी खा रहे हैं.

बस यही अन्तर है और यही लड़ाई है भाजपा और कांग्रेस की भ्रष्ट पार्टियों की सरकार और दिल्ली की ईमानदार आम आदमी पार्टी की सरकार में.

इससे पहले कि आम आदमी की प्रचंड ताकत से अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी एक बड़ी राजनीतिक शक्ति बन जाये और बड़े-बड़े भ्रष्टाचारियों, भ्रष्ट औद्योगिक घरानों, नेताओं, अफसरों, दलाल मीडिया आदि के लिये खतरा बन जाये, उससे पहले ही अरविंद केजरीवाल की ईमानदार राजनीति को खत्म करने के प्रयास में सारी भ्रष्ट ताकतें कई तरह के षड़यंत्र करने में लगी हुई है. वहीं देश की आम जनता अपनी पूरी ताकत के साथ अरविन्द केजरीवाल और उनकी सरकार के साथ डटकर खड़ी है. मौजूदा ‘थप्पड़ कांड’ को यह भ्रष्ट नेता, अधिकारियों और दलाल मीडिया जितना ज्यादा उछालेगी अरविन्द केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी की जनता के बीच लोकप्रियता उतनी ही ज्यादा बढ़ती जायेगी क्योंकि इस देश की आम जनता नौकरशाहों के व्यवहार से बुरी तरह परेशान रहती है और वह जानती है कि पुलिस और नौकरशाह किस तरह लोगों के खिलाफ राजनैतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल होती है और उल्टे-सीधे आरोप लगाकर तंग करती है.

-ramesh pujari ke alekh ke adhar pr

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