Friday, July 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

रोहिणी अंगदान करके कितने ही परिवारों के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गई हैं

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
December 6, 2022
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
रोहिणी अंगदान करके कितने ही परिवारों के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गई हैं
रोहिणी अंगदान करके कितने ही परिवारों के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गई हैं
रविश कुमार

आज रोहिणी आचार्य पर लिखने का मन कर रहा है. एक बेटी ने अपने पिता के लिए किडनी दी है. वैसे तो सभी संतानें देने से पीछे नहीं हट रही थी मगर जिस तरह से रोहिणी आचार्य ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव के लिए किडनी दी है, वह अनुकरणीय है. लालू जी का परिवार राजनीतिक रहा है. जितना मैंने रोहिणी के ट्वीट फोलो किए हैं, उससे लगता है कि इस बेटी के लिए लालू जी केवल पापा हैं.

मैं रोहिणी से कभी मिला नहीं जबकि रिपोर्टिंग के दौरान लालू जी के घर जाने के कई अवसर मिले हैं. तेजस्वी तो राजनेता हैं, उनसे मुलाक़ात है लेकिन जिस तरह से रोहिणी ने ट्विटर पर अपने पिता के प्रति स्नेह का इज़हार किया है, वह काफ़ी अलग है. उसमें आत्मप्रचार नहीं है.

You might also like

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

उसका कोई राजनीति महत्व नहीं है, उसमें केवल बाप और बेटी का रिश्ता है. अपने पिता के प्रति इस प्यार को देख मैंने ट्विटर पर रोहिणी को फ़ॉलो कर लिया. मुझे नहीं पता कि रोहिणी उम्र में हमसे बड़ी हैं या छोटी, अगर छोटी हैं तो मेरी तरफ़ से ख़ूब सारा प्यार. हम पिता-पुत्री के स्वस्थ होने की कामना करते हैं.

रोहिणी केवल अपने पिता के प्रति प्रेम का इज़हार नहीं कर रही हैं बल्कि अंगदान करके कितने ही परिवारों के लिए प्रेरणा बन रही हैं. अंगदान को लेकर कितने बुरे ख़्याल समाज में फैले हैं. जिस तरह से रोहिणी ने अपने किडनी देने की जानकारी दी है, सामान्य पिता की तरह सिंगापुर में स्वागत किया है, उसके कारण समाज के बड़े हिस्से में किडनी देने को लेकर कुछ झिझक टूटी होगी.

किडनी देने का फ़ैसला किसी के लिए आसान नहीं होता. इसे लेकर किसी के बारे में राय बनाना मुश्किल है. आप सीधे नहीं कह सकते कि इंकार करने वाला ग़लत ही है. इसके कई कारण होते हैं. अस्पताल, डॉक्टर का भरोसा कम होता है, पैसा नहीं होता है. और भी चीज़ें हैं. कई बार किडनी देने के नाम पर घर बिखर जाता है. मरीज़ अस्पताल में पड़ा हुआ है और बाकी सदस्यों में झगड़ा चल रहा होता है. इसके अलावा भारत में अंगदान को लेकर कई क़ानूनी समस्याएं भी हैं.

सिंगापुर में ज़रूर बेहतर व्यवस्था होगी जिसके कारण लोग वहां ट्रांसप्लांट के लिए जाते हैं. भारत में भी होता ही है और यहां के डॉक्टर कम काबिल नहीं है लेकिन वहां के डॉक्टर से ही कोई क्यों कराने जाता है, इसकी जानकारी मुझे नहीं. लेकिन अगर वहां कोई चीज़ अच्छी है तो उसकी नक़ल भारत में भी होनी चाहिए ताकि बाक़ी लोगों को भी लाभ मिले.

फ़िलहाल रोहिणी आचार्य ने दिल जीत लिया है. ईश्वर उन्हें और उनके प्यारे पिता को जल्दी स्वस्थ करे और मज़बूत रखे. समाज में अंगदान को लेकर जागरूकता का सिलसिला बढ़ता रहे. सबमें हौसला आए.

Read Also –

 

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

फुटबाल विश्व कप : प्रवासी मजदूर और साम्राज्यवादी लुटेरे

Next Post

मेरे बच्चे मुग़ालते में जी रहे हैं

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

by ROHIT SHARMA
July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

लोकतंत्र के अंतिम किले का पतन : भाजपा की ढाल बना चुनाव आयोग

by ROHIT SHARMA
June 16, 2026
Next Post

मेरे बच्चे मुग़ालते में जी रहे हैं

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

तस्वीरों में जीवन का सफर

June 9, 2020

नस्लीयराष्ट्रवाद : बहुदलीय संविधानवाद से एकदलीय सर्व-सत्तावाद की ओर

May 5, 2018

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

Uncategorized

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
Uncategorized

‘ऑपरेशन कगार के खिलाफ और भारत में जनयुद्ध के समर्थन में लामबंदी जारी रखें’ – ICSPWI इटली

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

July 20, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.