Monday, September 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

पाठ्यक्रम में बदलाव : बौद्धिक रूप से पंगु, नैतिक रूप से कंगाल और राजनीतिक सामाजिक चेतना शून्य समाज संघियों का लक्ष्य

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
April 4, 2023
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
Subrato Chatterjeeसुब्रतो चटर्जी

गोबरपट्टी की राजधानी यूपी के बच्चे अब सिर्फ़ चापरासी की नौकरी योग्य. इतिहास से 22वीं से 19वीं सदी तक का तुर्को अफ़ग़ान और मुग़लिया पीरियड ख़त्म. गोबरपट्टी की राजधानी के अभिभावक गाय, गोबर, गोमूत्र, गंगा, गायत्री की आराधना में इतने डूबे हुए हैं कि उनको कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता है कि उनके बच्चे चापरासी बनने लायक़ भी नहीं रहेंगे आने वाले दस सालों में ।

मुस्लिम घृणा के नाम पर ये महान गोबरपट्टी के पुजारी एक ऐसे व्यक्ति को अपना नायक मान चुके हैं जिसे देखते ही किसी भी सभ्य व्यक्ति के मुंह में बलगम आ जाए. कभी ग़ौर से उस चेहरे को देखिए. कितना घिनौना ! कितनी नकारात्मक सोच और कर्म ! कितनी जाहिलियत ! कितना घृणास्पद ! थू: !

You might also like

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

जहां-जहां ये लोग बैठे हैं, सबके चेहरों को गौर से देखिए. सारे के सारे धुरंधर क्रिमिनल, मूर्ख, षड्यन्त्रकारी, विभाजनकारी, चोर, शातिर अपराधी, हत्यारे और घृणित !

Face is the index of mind, Shakespeare कहते थे. बात अब वहां तक सीमित नहीं है. अब किसी किसी व्यक्ति का चेहरा एक पूरे समाज के एक बड़े हिस्से की Collective Consciousness का प्रतिनिधित्व करता दिखता है.

यह सामुद्रिक शास्त्र के परे का विषय है. आप बहुत गौर से इन नरपिशाच लोगों के चेहरों को देखिए और देश के उन बड़े भू-भाग में रहने वाले इनके मतदाताओं या समर्थकों का राजनीतिक सामाजिक चरित्र को देखिए, दोनों समान रूप से घिनौने मिलेंगे. क्या ये महज़ संयोग है ? बिल्कुल नहीं.

हिंदी, गुजराती और अन्य प्रदेशों के अंदर भी समाज का एक बड़ा हिस्सा कुपढ़, अनपढ़, लंपटों के झुंड में तब्दील कर दिया गया है. इसमें हमारे हुक्मरानों का ही दोष है, जनता का नहीं.

एक पूर्व शिक्षक और सामान्य व्यक्ति होने के नाते मुझे मालूम है कि पांच साल से पैंतीस साल तक का मस्तिष्क हमेशा कुछ नया जानने और सीखने के लिए उत्सुक रहता है. ऐसी उम्र में अगर उसे गोदान दिया जाए तो भी वह पढ़ेगा और अगर नहीं मिले तो मस्तराम भी पढ़ेगा, लेकिन पढ़ेगा ज़रूर.

80 के दशक के बाद पूरे देश और ख़ासतौर पर गोबरपट्टी, गुजरात और कुछ और जगहों में जिस तरह से समूची शिक्षा व्यवस्था का विध्वंस योजनाबद्ध तरीक़े से किया गया है, उसका नतीजा आज समाज और देश के संपूर्ण लंपटीकरण में देखा जा सकता है.

ऐसे में अगर लंपटों का अनियंत्रित झुंड पंद्रह सोलह साल के बच्चों को दंगाई बना दें तो कोई आश्चर्य की बात नहीं है, जैसा कि हमने हाल में बिहार में देखा है.

यह सब एक योजना के तहत किया जा रहा है. पहले ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को अच्छी शिक्षा से वंचित किया गया और अब पाठ्यक्रमों में कुत्सित बदलाव लाकर शिक्षा से ज्ञान को अलग करने की साज़िश की जा रही है.

गोबरपुर विश्वविद्यालय में गुलशन नंदा और राणु की किताबों को पॉपुलर साहित्य के नाम पर पढ़ाने का निर्णय भी इसी दिशा में एक कदम है. बौद्धिक रूप से पंगु, नैतिक रूप से कंगाल और राजनीतिक सामाजिक चेतना शून्य एक समाज संघियों के पीछे ही लामबंद हो सकती है. हम इसी सत्य के साथ जीने को अभिशप्त हैं.

Read Also –

मुगलों का इतिहास हमेशा आपकी छाती पर मूंग दलेगा, चाहे जितना छुपा लो !
अब हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई : भाषा के नीम हकीम और मेडिकल शिक्षा
मुगलों ने इस देश को अपनाया, ब्राह्मणवादियों ने गुलाम बनाया
वेद-वेदांत के जरिए इस देश की रग-रग में शोषण और विभाजन भरा हुआ है

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

50 पुलिस वालों की मौजूदगी में घर लूटा और जलाया गया

Next Post

धर्म और भगवान की उत्पत्ति

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

by ROHIT SHARMA
September 6, 2026
गेस्ट ब्लॉग

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

by ROHIT SHARMA
September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

by ROHIT SHARMA
September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

आत्मसमर्पण क्यों करते हैं क्रांतिकारी नेता ? 2019 के एक दस्तावेज में सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति की समझ

by ROHIT SHARMA
August 29, 2026
गेस्ट ब्लॉग

भारत : अवसरवाद, परिसमापनवाद और संशोधनवाद के खिलाफ संघर्ष तेज़ करें !

by ROHIT SHARMA
August 27, 2026
Next Post

धर्म और भगवान की उत्पत्ति

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

मरी चिरैया

June 8, 2023

जाति-वर्ण की बीमारी और बुद्ध का विचार

May 13, 2024

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

September 6, 2026
गेस्ट ब्लॉग

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

आत्मसमर्पण क्यों करते हैं क्रांतिकारी नेता ? 2019 के एक दस्तावेज में सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति की समझ

August 29, 2026
गेस्ट ब्लॉग

भारत : अवसरवाद, परिसमापनवाद और संशोधनवाद के खिलाफ संघर्ष तेज़ करें !

August 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

प्रशांत बोस उर्फ किशन दा के बारे में संक्षिप्त जानकारी

August 26, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

September 6, 2026

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

September 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.