Monday, September 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

…ये चौकीदार ही चोर है !

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
June 5, 2023
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

क्लाईव डिप्रेशन का मरीज था. एक पल में उत्साही, ऊर्जावान और दूसरे पल उदास, निराश उबा हुआ. अजब सी मृत्युइच्छा थी उसमें…!और यही ताकत भी थी. बड़े से बड़ा खतरा लेने से न चूकता. युद्ध में यह उसकी ताकत थी, तो शांति उसे स्याह अंधेरे में डुबा देती.

सेंट डेविड के किले में ऐसे ही एक पल उसने कनपटी से पिस्तौल लगाई, ट्रिगर दबाया. गोली न चली. दूसरी बार दबाया, गोली न चली. उसके साथी ने पिस्टल छीनकर खिड़की के बाहर फायर किया. धांय ss

You might also like

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

पर ये चन्द्रनगर का फोर्ट था, जिसे फ्रेंच से अभी ही जीता गया. क्लाईव ने अपने 9 अफसरों की बैठक बुलाई. पूछा- क्या हमें तुरन्त सिराजुद्दौला पर हमला करना चाहिए ?

अफसर क्या कहते ? वे तीन महीने पहले मद्रास से चले थे. मुर्शिदाबाद का नवाब, सिराजुद्दौला कलकत्ते पर धावा बोल, फोर्ट विलियम तबाह कर गया था. ब्रिटिश वहां से भगा दिए गए थे.

तब ये लोग मदद के लिए मद्रास से पांच जहाजो में कूच किये. जहाज तूफान में फंस गए. आधी फ़ौज मारी गयी. जो बचे, वो कलकत्ते पर चढ़ आये, किला वापस कब्जा किया लेकिन क्लाईव की भूख मिटी नही. पास में चन्द्रनगर था- फ्रेंच फोर्ट…क्लाईव यहां भी चढ़ बैठा.

भीषण लड़ाई हुई. ब्रिटिश जीत गए. फ्रेंच कोठी पर कब्जा हो गया. अफसर अभी सुस्ता ही रहे थे कि मीटिंग बुला ली गयी. नवाब पर हमला करना है.

अरे, उसकी फ़ौज और हमारी फ़ौज में 1:10 का अनुपात है. पगला गया है कमांडर .. मरेगा ये, हमको भी मरवाएगा. 9 में से 7 ने कहा, अभी हमला करना ठीक नहीं. 2 ने कहा- हमला किया जाये.

क्लाईव भी डेमोक्रेटिक आदमी था. उसने फैसला ले लिया- हमला करेंगे.

मेरा जन्म होने में अभी कुछ 400 साल बचे थे, मगर मेरे भावी बर्थडे की खुशी में 23 जून 1757 को नवाब की सेना प्लासी के मैदान में आई.

आतिशबाजी के लिए फ्रेंच भी उसके साथ तोपें लेकर आये. सामने से क्लाईव भी सदल बल जश्न में शामिल हुआ. तोपें चली, क्लाईव को भागना पड़ा.

मेरा एक अंधविश्वास है. 23 जून को बारिश हो, तो मेरा अगला वर्ष शुभ होता है. क्लाईव का भी शुभ होना था, बारिश हुई. फ्रेंच का गोला बारूद भीग गया.

मगर अंग्रेज सावरकर की तरह हमेशा अपने साथ छतरी रखते थे. उनका बारूद ड्राई रहा. फ्रेंच की लोकेशन पर कीचड़ हो गया था. वे हिल न सके, और ब्रिटिश ने धूमधाम से आतिशबाजी की.

इस जश्न में मीरजाफर वैसे ही शामिल नहीं हुआ, जैसे संघी आजादी के जश्न में शामिल नहीं थे. असल में क्लाईव से पहले ही सेटलमेंट हो चुका था. उसे लास्ट मोमेंट पर पाला बदल, ब्रिटिश की ओर से लड़ना था.

वह अच्छे भारतीय की तरह निष्पक्ष रहा, तटस्थ रहा. मगर यह तटस्थता भी पूरी गद्दारी थी. इनाम मिला- बंगाल की निजामत.

सिराज भागा. मुर्शिदाबाद लौट गया. मीरजाफर के लोगों ने पकड़ लिया. बादशाह को उसके शहर की गलियों।में घसीटा, और मार दिया गया. क्लाईव के आगमन की खबर आई- मुर्शिदाबाद ने उसका विजेताओं की तरह स्वागत किया.

कम्पनी को अबाध ट्रेडिंग राइट मिले. हर सेक्टर, ईस्ट इंडिया इंडिया कम्पनी के हवाले कर दिया गया. जीएसटी 100% माफी हुई. कंपटीटर उखाड़ फेंके गए. बड़े-बड़े सेठ, जमींदार, सूबेदार सब क्लाईव की एक निगाह के लिए कुछ भी खर्च करने को तैयार थे.

मगर क्लाईव नैतिकता से भरा, एक बेहद ईमानदार अफसर था. यानी ऐसा वह अपने लिए लिखता है. उसकी जीत के चर्चे इंग्लैंड तक हो रहे थे. भारत में ब्रिटिश झण्डा गाड़ा जा चुका था.

जब चारों ओर क्लाईव क्लाईव के नारे गूंज रहे थे, ईस्ट इंडिया कम्पनी के डायरेक्टर मि. सुलिवान को लग रहा था कि बंगाल विजय और लूट के माल में कुछ बड़ा झोलझाल है. उसको शक था कि हो न हो…ये चौकीदार ही चोर है.

  • मनीष सिंह

Read Also –

 

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

आदिवासीयत, स्त्री और प्रेम का त्रिकोण: ‘जंगली फूल’

Next Post

इन दिनों…

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

by ROHIT SHARMA
September 6, 2026
गेस्ट ब्लॉग

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

by ROHIT SHARMA
September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

by ROHIT SHARMA
September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

आत्मसमर्पण क्यों करते हैं क्रांतिकारी नेता ? 2019 के एक दस्तावेज में सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति की समझ

by ROHIT SHARMA
August 29, 2026
गेस्ट ब्लॉग

भारत : अवसरवाद, परिसमापनवाद और संशोधनवाद के खिलाफ संघर्ष तेज़ करें !

by ROHIT SHARMA
August 27, 2026
Next Post

इन दिनों...

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

दुनिया में आतंक मचाता अमेरिकी साम्राज्यवाद और उसका पुछल्ला बनता भारत

March 8, 2022

भारी महंगाई और पूंजीपतियों की ‘‘कठिन” ज़िन्दगी

August 13, 2018

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

September 6, 2026
गेस्ट ब्लॉग

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

आत्मसमर्पण क्यों करते हैं क्रांतिकारी नेता ? 2019 के एक दस्तावेज में सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति की समझ

August 29, 2026
गेस्ट ब्लॉग

भारत : अवसरवाद, परिसमापनवाद और संशोधनवाद के खिलाफ संघर्ष तेज़ करें !

August 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

प्रशांत बोस उर्फ किशन दा के बारे में संक्षिप्त जानकारी

August 26, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

September 6, 2026

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

September 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.