Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

पुलिसिया उत्पीड़न से त्रस्त आम जन

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
April 21, 2018
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

सत्ता संभालते ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने प्रदेश की पुलिस को फर्जी-एनकाउंटर का एक हथियार सौंपा है. कारण बताया गया कि इससे गुण्डागर्दी बन्द होगी और अपराधी डर से अपराध का रास्ता छोड़ देंगे. पर इसके जो परिणाम निकले हैं, इसकी सच्चाई को बताने के लिए सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही एक आॅडियो ही काफी है. इस आॅडियो ने उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर के नाम पर चल रहे खेल को बेनकाब कर दिया है. एक हिस्ट्रीशीटर और पुलिस अधिकारी के बीच की बातचीत के आॅडियो से खाकी और गुण्डों के बीच की सांठगांठ का पर्दाफाश हो गया है.

You might also like

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

अभी से कुछ दिन पहले की बात है. झांसी में लेखराज नामक हिस्ट्रीशीटर और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई थी. करीब आधे घंटे तक फायरिंग हुई थी, जिसमें लेखराज अपने साथियों और बेटों के साथ सुरक्षित भाग निकला था. इस एनकाउंटर के बाद हिस्ट्रीशीटर लेखराज और माऊरानीपुर थाना प्रभारी सुजीत कुमार की बातचीत ने यह बता दिया कि इस एनकाउंटर के हथियार के बल पर पुलिस की गुण्डागर्दी और वसूली किस प्रकार चैगुनी हो गई है.

ऐसे लाखों उदाहरण सप्रमाण भरे पड़े हैं, जिसमें पुलिस खुद ही अपराधियों से सांठगांठ कर लूट, हत्या, डकैती, किसी का घर-गृहस्थी लूटवाना, अवैध कब्जा करवाना, अवैध खनन आदि जैसे काम करती और करवाती है. साथ ही अपराधियों-बाहुबलियों की जी-हुजूरी कर असली अपराधी को खुले आम अपराध करने की छूट देती है और निर्दोषों को हाजत में उत्पीड़ित कर जेल भेज देती है. इस एनकाउंटर वाले हथियार ने तो उसे इस कदर बेलगाम कर दिया है कि वह जिसे चाहे उसे ठिकाने लगा रही है और जिसे चाहे उसे साफ बचा ले रही है.

उन्नाव बलात्कार कांड में पुलिस के कुकर्मों का उदाहरण देखिए. कानून के मुताबिक बलात्कार का आरोप लगने पर पुलिस को एक एफ.आई.आर. तुरन्त लिखना चाहिए, पर उन्नाव में बलात्कार पीड़ित लड़की ने आरोपियों के खिलाफ शिकायत की, पर पुलिस ने रिपोर्ट लिखने और आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाय साजिश के तहत् उसके पिता की ही हत्या नृशंश तरीके से पीट-पीट कर करा दी. जब कानून कहता है कि नाबालिग से बलात्कार के आरोप पर पास्को लगता है, तो यह धारा संज्ञान में आते ही लग जाना चाहिए था. परन्तु पुलिसिया बेशर्मी यह कि आरोपी विधायक पर यह धारा तब लगा जब पीड़ित के पिता की मौत के बाद मीडिया में हाय-तौबा मचा और इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने स्वतःसंज्ञान लेकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

ऐसा होने पर एफआईआर तो हुई पर तब तक इस केस को सीबीआई के हवाले करके तकनीकि आड़ में विधायक की गिरफ्तारी नहीं होने दी. तब तक विधायक सबूतों को मिटाने के लिए अपने पद और दबंगई का बखूबी इस्तेमाल करने के लिए आजाद और हंसता हुआ बेपरवाह घूमता रहा.

उत्तर प्रदेश सरकार ने विधायक सेंगेर को बचाने के लिए ऐड़ी-चोटी का जोर लगा दिया. पुलिस ने जांच-पड़ताल और कारवाई को ठंढें बस्ते में डाल दिया. पीड़ित लड़की चीख-चीख कर बोलती रही, मुख्यमंत्री से भी गुहार लगाई किन्तु उसकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई. उल्टे लड़की पर लगातार दवाब बनाया जाता रहा कि वह अपना मुकदमा वापस ले लें लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं हुई. फिर विधायक के भाई लड़की के पिता को उठा कर ले गया और उसकी इतनी निर्मम पिटाई की कि वह मर गया.

सवाल उठता है कि यही आरोप किसी आम आदमी पर लगा होता तब भी क्या सरकार की पुलिस इसी तरह गिरफ्तार नहीं करने का तर्क गढ़ती ?

इसी बीच एक वीडियो भी सामने आया जिसमें पुलिस बिना उक्त पीड़ित लड़की के पिता को दिखाये सादे कागज पर अंगूठे का निशान ले रही थी. आम जनता पर पुलिसिया कहर और दबंगों के सागिर्द बनने के कई अन्य मामलों में यह हाल का एक सनसनीखेज प्रकरण है.

नेशनल क्राईम रिकार्ड ब्यूरों के आंकड़े बताते हैं कि 2014 से 2016 के बीच बच्चों के खिलाफ अपराधों में 19.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. केस नेचर्स के तराजू में तौला जाता है. रिकार्ड के अनुसार 2014 में बच्चों के साथ 89 हजार से ज्यादा अपराध हुए और 2016 में एक लाख से अधिक. कई बार तो उन्हें बचाने के लिए आन्दोलन, जुलूस भी निकालते हैं. कुछ पर तो साम्प्रदायिक, धर्म, जाति का मुलम्मा भी चढ़ जाता है.

योगी सरकार एंटी रोमियो स्काॅयड लेकर आयी थी. बलात्कार और महिलाओं के साथ छेड़खानी को मुख्य चुनावी मुद्दा बनाया था लेकिन खुद की पार्टी के विधायक पर जब बलात्कार का आरोप लगा तो सारे नियम-कानून उल्टे पड़ गये. डीजी पुलिस विधायक को ‘माननीय’ विधायक कह रहे हैं और विधायक जी टेलीविजन के कैमरों के आगे मुस्कुराते हुए कहते हैं कि उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है. सत्ता और शासन की हनन में यह सोचते हैं कि ‘कोई उनका क्या बिगाड़ लेगा ?’

हालात बता रहे हैं कि सच के आक्रोश को बाहर निकालने के लिए चीखना बेहद जरूरी है. जब यह चीख – आक्रोश – शासन के कानों को चुभती है, तभी नतीजा निकलता है.

– संजय श्याम

Read Also –

गांधी का “सत्य-आग्रही हथियार” ही सत्ता का संहार करेगा
भाजपा का हाथ बलात्कारियों के साथ

Previous Post

मीडिया पर भाजपा नेता की बेवाक टिप्पणी से ऊपजे सवाल

Next Post

बलात्कार भाजपा की संस्कृति है

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

by ROHIT SHARMA
April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
Next Post

बलात्कार भाजपा की संस्कृति है

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

शब्द

June 28, 2023

किसान आंदोलन और सच्चे गणतंत्र के संघर्ष का हिस्सा बने

January 28, 2021

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.