Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

नाटो इस्राएल की बर्बरता के बावजूद फिलिस्तीन हमास की जीत सुनिश्चित

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
October 15, 2023
in गेस्ट ब्लॉग
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
नाटो इस्राएल की बर्बरता के बावजूद फिलिस्तीन हमास की जीत सुनिश्चित
नाटो इस्राएल की बर्बरता के बावजूद फिलिस्तीन हमास की जीत सुनिश्चित

पश्चिमी मीडिया के मुताबिक इस्राइली हमले में गजा पट्टी में विनाशकारी हमले जारी हैं. आज यानि रविवार सुबह 4 बजे तक 2300 से अधिक हमास नागरिकों की मौत हो चुकी है, जिसमें 800 बच्चे, 500 महिलाएं होने का दावा किया जा रहा. हालांकि देश दुनिया के मीडियाई हलकों में मरने वालों की संख्या 5 हजार तक भी बताई जा रही है. गजा में हालात बेहद वीभत्स और अनियंत्रित हैं. चीख, चीत्कारों के कर्कश स्वर में मनुष्य होने की सारी परिभाषाएं निश्चेत हो चुकी हैं.

फिलिस्तीन को ‘एक देश’ की मान्यता सबसे पहले 1988 में भारत ने दी. उसके बाद ही बाकी दुनिया ने भी अपनी मान्यता दी. इस बीच प्रधानमंत्री मोदी ने भी अप्रत्याशित तौर पर इस्राएल का समर्थन कर दिया था, जिससे रूस, चीन, उत्तर कोरिया सहित दुनिया के अमन पसंद देशों ने भारत की आलोचना की, इसके तुरंत बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने प्रधानमंत्री मोदी के बयान को ‘ये आधिकारिक बयान नहीं है’ कहकर पल्ला झाड़ लिया और फिलिस्तीनी हमास को मान्यता देने वाली पूर्व की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए इस्राएल पर मानवाधिकारों की उपेक्षा का आक्षेप जड़ दिया.

You might also like

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

फिलिस्तीन हमास की कार्यवाही को भारत ने ‘आत्मरक्षा’ कहकर एक तरह से अमरीका नाटो को चिढ़ाते हुए रूस चीन के खेमे में स्वयं को आबद्ध किया है. वैसे भी यूक्रेन युद्ध में नाटो अमरीका की बुरी हार के बाद अमरीका में अब सीधे तौर पर गीदड़-भभकी देने की कुव्वत नहीं बची है. यहां तक कि नाटो संगठन के बहुत सारे देश अमरीका से दांये बांये होने लगे हैं.

ब्रिटेन खुफिया एजेंसी एमआई-6 व इस्राएल खुफिया एजेंसी मोसाद ने इस्राएल की कार्यवाही को सही ठहराते हुए हमास के हमले को रूस के इशारे पर किया गया हमला करार दे रहे हैं. हालांकि अमरीकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने हमास के हमले को ईरानी साजिश कहा है. अब मामला जो भी है हमास की राजधानी हमास गजा का 40 फीसदी हिस्सा इस्राइली बारूदी हमलों में मलबे में तब्दील हो चुका है.

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस समय भारी आलोचना की मार झेल रहे हैं और इस्राइली नागरिकों ने नेतन्याहू के गजा पर हमले को कायराना करतूत कहा है. उधर उत्तर कोरिया, रूस, भारत, चीन, ईरान, बेलारूस ने फिलिस्तीन हमास के संघर्ष को जायज ठहराते हुए एक तरह से इस्राएल को और भड़का दिया है. रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने गजा पट्टी पर इस्राइली हमलों को नाकाबिले बर्दाश्त कहा है, जिसका सीधा मतलब है पुतिन फिलिस्तीन की धरती से नाटो की शेष तबाही के लिए कमर कस चुके हैं.

वैसे दक्षिण कोरिया सरकार के खुफिया इनपुट के हिसाब से हमास इस्राएल युद्ध पुतिन की रणनीति का हिस्सा है. यूक्रेन युद्ध से नाटो-अमरीका को दूसरी जगह उलझाने के लिए बेलारूस, ईरान ने इस पर रूस की मदद की है. अमरीका, यूक्रेन युद्ध को समर्थन देने के कारण पहले से ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर समर्थन खो रहा है और अमरीका में होने जा रहे राष्ट्रपति चुनावों के चलते पुतिन ने अमरीका को इतनी बुरी तरह फंसा दिया है, जहां अब रुकने का मतलब सिर्फ और सिर्फ परमाणु युद्ध है.

और इस मामले में भी पुतिन ने वाशिंगटन डीसी को औकात में रहने की नसीहत देकर यह जाहिर कर दिया है कि अमरीकी राष्ट्रपति जो-बाइडेन अमरीकी नागरिकों को किसी भी हालत में परमाणु हमले से नहीं बचा सकते हैं. आत्मरक्षा के लिए भले ही नाटो-अमरीका रूस पर परमाणु हमले करेंगे लेकिन तब तक पुतिन दुनिया के एक हिस्से अमरीका को निर्जन भूभाग में तब्दील कर चुके होंगे.

रूस यूक्रेन युद्ध की एक ताजा खबर के अनुसार रूस ने यूक्रेन के जेपोरेजिया व खारकीव क्षेत्र में लगभग रूसी झंडा गाड़ दिया है. हालांकि बाहरी हिस्सों में हमले जारी हैं. ताजा रूसी हमलों में ब्रिटेन, फ्रांस से यूक्रेन को मिले हथियारों की नई खेप के 45 फीसदी हिस्सा, रूसी हमलों में तबाह हो गया है. ब्रिटेन प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने चिढ़ते हुए जेलेंस्की को हर तरफ से असफल नेता कहा है. ऋषि सुनक ने रूसी हमलों को यूक्रेनी सेना की मिलीभगत तक कह दिया है.

बीते दो दिनों के अंदर 971 यूक्रेनी सैनिकों की मौत हो चुकी है और 1349 सैनिक घायल बताए जा रहे हैं. शनिवार दोपहर दो बजे रूसी सेना ने खारकीव के एक सुरंग पर हमला कर एक ही हमले में 188 यूक्रेनी सैनिकों की जान ले ली. बहरहाल युद्ध जारी है और युद्ध काल में विश्वसनीय आंकड़ों की उम्मीद कतई नहीं की जा सकती. द्वितीय विश्व युद्ध के एक अमेरिकी कर्नल साइरिस हिक्सन के अनुसार ‘मैं दावा करता हूं कि कोई युद्धरत देश अगर कहता है कि उसके 5 सैनिक शहीद हो गए हैं और 5 घायल हैं तो आप इसे चार गुना समझा करें.’

  • ऐ. के. ब्राईट

Read Also –

आतंकवादी देश इजरायल के खिलाफ फिलिस्तीनी जनता का शानदार प्रतिरोध
जेरूसलम, दुनिया के आगाज़ की ही नहीं अंजाम की दास्तां कहता है

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

‘कैमूर बाघ अभ्यारण्य’ के नाम पर जल-जंगल-जमीन को लूटने की साजिश बंद करो – RYO (पंजाब)

Next Post

‘भारत से इतनी अधिक फिलिस्तीन विरोधी दुष्प्रचार क्यों आ रहा है ?’ – अलजजीरा

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

by ROHIT SHARMA
February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

by ROHIT SHARMA
February 24, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमारी पार्टी अपने संघर्ष के 53वें वर्ष में फासीवाद के खिलाफ अपना संघर्ष दृढ़तापूर्वक जारी रखेगी’ – टीकेपी-एमएल की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य के साथ साक्षात्कार

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
Next Post

'भारत से इतनी अधिक फिलिस्तीन विरोधी दुष्प्रचार क्यों आ रहा है ?' - अलजजीरा

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

जब मैं पाकिस्तान का नामोनिशान मिटाने पाकिस्तान पहुंचा

October 9, 2023

केन्द्र को न अर्थव्यवस्था की चिंता है और न ही गिरते रुपये की, उसे तो सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने की फिक्र है – नरेन्द्र मोदी

October 11, 2022

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.