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नाटो का हथियार फुस्स, यूक्रेन का गेम ओवर

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
May 12, 2024
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नाटो का हथियार फुस्स, यूक्रेन का गेम ओवर
नाटो का हथियार फुस्स, यूक्रेन का गेम ओवर

भारतीय समयानुसार सुबह साढ़े पांच बजे रूसी सेना ने यूक्रेन के खारकीव इलाके में पूर्ण कब्जा की घोषणा कर दी. इस तरह से रूस ने यूक्रेन के 5वें राज्य पर रूसी झंडा फहरा दिया है. इसके बाद राजधानी कीव, रूसी सेना के निशाने पर है. भारतीय रक्षा विशेषज्ञों ने समाचार चैनलों के माध्यम से इसे यूक्रेन का ‘end of game’ करार दिया है.

रक्षा विशेषज्ञों ने यह भी आशंका जताई है कि हाल ही में अमरीका द्वारा 61 अरब डॉलर की सैन्य मदद में जानबूझकर देरी की जा रही है. कहा जा रहा है यूक्रेन में मात्र पिछले एक महीने हुए 1 लाख 11 हजार सैनिकों की मौत की बात को जेलेंस्की सार्वजनिक करने से बच रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जेलेंस्की ने यूक्रेनी नागरिकों के लिए युद्ध में भाग लेने को अनिवार्य कर दिया है.

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18 मई से लागू होने जा रहे विशेष सैन्य आपरेशन के तहत जेलेंस्की ने घोषणा कर दी है कि जो भी नागरिक युद्ध में भाग नहीं लेगा, उसकी संपत्ति जब्त कर ली जायेगी और बैंक खाते सीज कर दिए जायेंगे. यूक्रेन में सैन्य भगदड़ का आलम ये है कि कई इलाकों में सेना ने लड़ने से साफ मना कर दिया है.

यूक्रेन में पहुंचे फ्रांसिसी सैनिकों पर हमला कर रूसी सेना ने 13 फ्रांसिसी सैनिकों को ढेर कर दिया है. पुतिन ने यूक्रेन की जिस तरह से चौतरफा घेराबंदी कर रखी है, उस हिसाब से यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि नाटो अब यूक्रेन को हथियार देने के वादे से पीछे हटने में ही भलाई समझ रहा है.

रूसी विजय दिवस ‘विक्ट्री-डे’ पर रूस के मास्को में नाटो के कबाड़ हो चुके कथित अभेद्य टैंकों की प्रदर्शनी से शर्मसार नाटो के लिए जेलेंस्की पूरी तरह गले की हड्डी बन चुका है. बेलारूसी खुफिया एजेंसी ने एक चौंकाने वाली रिपोर्ट कि नाटो द्वारा पहुंचाई गई यूक्रेन में नये हथियारों की पूरी खेप रूसी मिसाइलों ने तबाह कर दी, से पेंटागन से लेकर ब्रुसेल्स तक हड़कंप मच गया है.

साफ बात ये है कि यूक्रेन के पास अब हथियार रखने की जगह भी नहीं बची है, दूसरी तरफ जेलेंस्की यूक्रेनी नागरिकों में अंधराष्ट्रवाद को भरने में कोई कोताही नहीं बरत रहे हैं. बहरहाल, अब 80 फीसदी सच्चाई ये है कि रूस का मनचाहे इलाकों पर कब्जा हो चुका है और यह बात नाटो अमरीका को बिल्कुल पहले से पता थी कि जेलेंस्की यह युद्ध कभी नहीं जीत सकता.

हाल-फिलहाल नाटो ने पुतिन को पोलैंड पर सैन्य कार्रवाई का अंदेशा जताया है जबकि क्रेमलिन ने इसे खारिज कर दिया है. हालांकि क्रेमलिन ने युद्ध विस्तार से मना तो नहीं किया है लेकिन यूक्रेन के पुनर्निर्माण पर जरूर जल्दी फैसला लेने की बात कही है, इसके बाद जेलेंस्की का क्या होने वाला ये बहुत सस्पेंस की बात तो नहीं है लेकिन दुनिया का एक ‘श्रापित राष्ट्र प्रमुख’ जेलेंस्की का राजनीतिक जीवन अब लगभग खत्म हो चुका है.

  • ए. के. ब्राईट

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