Wednesday, July 29, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

संजय शर्मा नहीं रहे…

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
September 24, 2024
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
संजय शर्मा नहीं रहे...
संजय शर्मा नहीं रहे…

संजय शर्मा नहीं रहे. दिल जार जार है. आंखों से आंसू बहते जाते हैं. क्या ही एक जानदार, शानदार शख्स…

शर्माजी, छोटे कद के आदमी थे, मगर ऊंचा म्यार था. पत्रकारिता की दुनिया में जब खबर और पीआर का में अंतर मुश्किल हो, एडिटोरियल और एडवरटोरियल गड्डमड्ड हो गए हों तो शीशे की तरह साफ साफ काला और सफेद दिखाने वालों के छोटे से झुण्ड में संजय शर्मा ऊंचे, अलग दिखते थे.

You might also like

विश्व सर्वहारा क्रांति के दो नये गद्दार : विश्व विजय और सीमा

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

लखनऊ और यूपी से बाहर जो लोग उन्हें नहीं जानते, बता दूं कि तीस साल की पत्रकारिता जो राष्ट्रीय सहारा, स्टार न्यूज और ईटीवी के रास्ते सिरे चढ़ी, उसने फिर एक सांध्य अखबार का रूप लिया. नाम था – 4PM

और फिर करारी हेडलाइन्स और मजबूत आवाज के साथ, दस ही सालों में इस अखबार ने अपना एक नाम बना लिया. छापे पड़े, विज्ञापन मिलने बन्द हुए, तमाम तरह से बाहें मरोड़ी गयी, मगर बन्दे ने समझौता नहीं किया.

पर यह तो स्टेपिंग स्टोन था. अखबार के आगे यूट्यूब चैनल शुरू किया. छोटा सा चैनल, जिसे मैं दो साल पहले देखना शुरू किया. कई लोग इस चैनल पर आते. अशोक वानखेड़े, अभय दुबे, मयूर जानी सहित दर्जन भर लोग जुड़े. कई स्टेट के चैनल बने और देखते ही देखते 4PM छा गया.

इंसान को सफलता के दौर में सबसे ज्यादा सावधान होना चाहिए. और वो अक्सर नॉन बायलॉजिकल बन जाता है. शर्माजी भी हो गए. पहले एक ज्योतिषी को बिठाकर रोज मोदी सरकार गिराने लगे, फ़िर एक म्यूजिक चैनल खोल लिया. चलो ठीक…

फिर नरेटिव बनाने लगे. एकदम धारा के खिलाफ. अडानी को डिफेंड करने लगे. लम्बा वीडियो डाला कि यह देश और विदेशी ताकतें, किस तरह अडानी के खिलाफ षडयंत्र कर रही हैं.

फीड में वीडियो आया, देखा. दस बीस मिनट तक यही सोचा कि कोई मजाक है. फिर अंततः दृश्य खुलकर सामने आया. चश्मदीद हूं, यकीन से कह सकता हूं…मेरे देखते देखते संजय शर्मा, अडानी नामक नाले में डूबकर बह गए.

वैसे अभी भी उनकी आत्मा भटक रही है. नए नए वीडियो बनाकर उनको कोस रहे हैं, जो उन्हें कोस रहे हैं. कोसा कोसी की प्रक्रिया में हम भौचक बैठे हैं. चू कट गया हमारा…

क्योकि यह संजय शर्मा का चैनल नहीं था. यह मेरा चैनल था. मैनें पैसे दिए थे, सब्सक्राइब किया था. मेलबॉक्स में आज भी ‘डेली अपडेट’ सब्जेक्ट से 5-5 एमबी के ईमेल आते हैं.

दुःख यह कि शर्माजी ने कुएं में छलांग अकेले नहीं लगाई. उनके साथ जुड़े दूसरे दर्जन भर रीढ़ वाले पत्रकारों की साख पर बट्टा लगा है. यह उनका भी चैनल था. पैसे भले ही न लगाये हों, पर इन लोगों ने बरसों की कमाई, नेकनामी, 4PM में इन्वेस्ट की थी, डूब गई.

मृतक को लोग भूल जाते हैं, बस वही नहीं भूलता, जिसके पैसे खाकर बन्दा स्वर्ग सिधार गया हो. तो अडानी की स्वर्गिक गोद में अठखेलियां करते शर्माजी तक बात पहुंचें तो उन्हें कहें कि मेरे पैसे लौटा दें. आप मेरा हजार लौटाएंगे, अडानी आपको लाखों देगा.

खैर, आप सबसे दुःख के साथ कहना पड़ रहा है कि वह वाले @Editor_SanjayS नहीं रहे. दिल जार जार है. आखों से आंसू बहते जाते हैं. एक और हीरो, एक अच्छा शख्स…अडानी नामक गंदे नाले में डूब मरा.

  • मनीष सिंह

Read Also –

दीपक चौरसिया : दलाल पत्रकारिता का विद्रुप चेहरा
अर्नब गोस्वामी : कल किसने देखा है ?
मोदी को इंटरव्यू या प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की हिम्मत नहीं है
एनडीटीवी पर अडानी का कब्जा : सूचना के स्रोतों पर अधिकाधिक कब्जा करने की जंग 

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
G-Pay
G-Pay
Previous Post

स्वयं के अभिशप्त युद्धों से अमरीका व इजरायल का अधोपतन

Next Post

आउट ऑफ दिस अर्थ : खनन कम्पनियों व पूंजीवाद के काम करने के तरीकों और जनप्रतिरोध की तीखी पड़ताल

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

विश्व सर्वहारा क्रांति के दो नये गद्दार : विश्व विजय और सीमा

by ROHIT SHARMA
July 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

by ROHIT SHARMA
July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
Next Post

आउट ऑफ दिस अर्थ : खनन कम्पनियों व पूंजीवाद के काम करने के तरीकों और जनप्रतिरोध की तीखी पड़ताल

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

मई दिवस के मौके पर का. शंकर गुहा नियोगी, जिसकी भाजपा सरकार ने हत्या करवा दी

May 1, 2022

Much Maligned Words : शब्दों की सार्थकता उनकी भावों की संप्रेषणीयता में है

September 14, 2024

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

विश्व सर्वहारा क्रांति के दो नये गद्दार : विश्व विजय और सीमा

July 27, 2026
Uncategorized

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
Uncategorized

‘ऑपरेशन कगार के खिलाफ और भारत में जनयुद्ध के समर्थन में लामबंदी जारी रखें’ – ICSPWI इटली

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

July 12, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

विश्व सर्वहारा क्रांति के दो नये गद्दार : विश्व विजय और सीमा

July 27, 2026

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.