Monday, September 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home कविताएं

नून रोटी

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
May 11, 2025
in कविताएं
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

सदाशिव के ध्यान में
एक निहित वक्रोक्ति है

जिस समय तुम
किसी दिशा पटानी के
तिर्यक में
बरमूडा में भटके हवाई जहाज़ सा
गोते लगाते हो
मैं एक आग में झुलसी हुई
स्त्री का चेहरा
अपने हाथों में ले कर
किसी नंदन वन की सैर पर हूं

You might also like

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

SEDITIOUS RIVER

कौन है श्रेष्ठ ?

पूछोगे नहीं मुझसे
कितनी घृणा है मुझे मुझ पर
जितनी मुझे तुमसे है ?

घृणा के इस संतुलन में
प्रेम की किरणें
उस ऊंचे चिनार के माथे पर सुसज्जित है
जिसके नीचे मैं सो जाता हूं
थके हुए योद्धा की तरह

युद्ध के कारण से बेख़बर
एक अदद नून रोटी की तलाश में

मेरे बचपन की भूख बेख़बर थी
उस आवर्ती सच्चाई से
जिसके घाघरे के फैलते दायरे में
समाई हुई है कई जरासंध प्रज्ञा
आधी रात के बाद
सबके अलक्ष्य में
आवर्जना के स्तूप पर सूंघते
भूखे कुत्तों की तरह

निशा चर परिव्राजक
नियति के बुद्ध हैं
या
वेंटिलेटर पर पड़े
नून रोटी की रिपोतार्ज लिखते हुए
बुझते हुए कंदील की रोशनी में
पत्नी के बिके हुए कंगन की चमक देखते हुए
मृत्यु के नृत्य पर थिरकते हुए
संवाद दाता की आख़िरी सांसे हैं
समझेगा कौन ?

मुझे मालूम है कि
यहां पर मैं एक व्यतिक्रम नहीं
एक नियम की ऐसी चर्चा कर रहा हूं
जो तुमसे छीन लेंगी
तुम्हारी रातों की नींदें
अगर तुम्हारे अंदर अब भी बचा हो
आदमी नुमा कुछ

उपरोक्त पंक्तियों में
एक विशाल शिलाखंड में टकरा कर
डूब जाना
समुंदर की अतल गहराइयों में
महज़ एक संयोग नहीं था दोस्त

हम भी लिख सकते हैं मुक़द्दर अपना
वक़्त की तरह
बशर्ते कि यक़ीन हो

वो यक़ीन
जो हरेक झुलसी हुई औरत में है कि
एक दिन मेरे जैसा कोई मिलेगा
और संवारेगा उसे त्वचा के नीचे

तुम्हें लगता होगा कि
मैं भटकता रहा हूं
युद्ध और प्रेम के बीच
लेकिन, मेरे नितांत निजी क्षणों में
दोनों का अर्थ एक ही है

मैं देख रहा हूं
पृथ्वी के एक भाग में
एथेंस के सत्यार्थी को मरते हुए
और दूसरे भाग में
मेरी स्त्री को
संध्या प्रदीप के लिए
रूई के फाहों को
अपनी ऊंगलियों के पोरों पर
कल की उम्मीद सा
उमेठते हुए

चल हट

मौत के बाद
नून रोटी की ज़रूरत क्या है

लेकिन इस अवज्ञा में
सच कहां है

बता सकती हो अदिति ?

  • सुब्रतो चटर्जी 

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लॉग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लॉग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate

Previous Post

दिल्ली में कम्युनिस्ट

Next Post

छत्तीसगढ़ में सिक्योरिटी फोर्सज द्वारा मारे गये 22 इंसानी लाशें किसकी है ?

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

by ROHIT SHARMA
March 22, 2026
कविताएं

SEDITIOUS RIVER

by ROHIT SHARMA
September 7, 2025
कविताएं

कौन है श्रेष्ठ ?

by ROHIT SHARMA
July 31, 2025
कविताएं

स्वप्न

by ROHIT SHARMA
June 26, 2025
कविताएं

ढक्कन

by ROHIT SHARMA
June 14, 2025
Next Post

छत्तीसगढ़ में सिक्योरिटी फोर्सज द्वारा मारे गये 22 इंसानी लाशें किसकी है ?

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

रामायण की ‘आदर्श स्त्री’ : अग्निपरीक्षा, परित्याग और भूमिप्रवेश

June 25, 2024

संविधान जलाने और विक्टोरिया की पुण्यतिथि मानने वाले देशभक्त हैं, तो रोजी, रोटी, रोजगार मांगने वाले देशद्रोही कैसे ?

February 12, 2019

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

September 6, 2026
गेस्ट ब्लॉग

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

आत्मसमर्पण क्यों करते हैं क्रांतिकारी नेता ? 2019 के एक दस्तावेज में सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति की समझ

August 29, 2026
गेस्ट ब्लॉग

भारत : अवसरवाद, परिसमापनवाद और संशोधनवाद के खिलाफ संघर्ष तेज़ करें !

August 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

प्रशांत बोस उर्फ किशन दा के बारे में संक्षिप्त जानकारी

August 26, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

September 6, 2026

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

September 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.