Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

‘लिन पियाओ का संशोधनवाद अन्य अवसरवादियों से भिन्न और विकसित था’ – उत्तर तालमेल कमेटी, सीपीआई माओवादी

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
February 13, 2026
in गेस्ट ब्लॉग
0
592
SHARES
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
'लिन पियाओ का संशोधनवाद अन्य अवसरवादियों से भिन्न और विकसित था' - उत्तर तालमेल कमेटी, सीपीआई माओवादी
‘लिन पियाओ का संशोधनवाद अन्य अवसरवादियों से भिन्न और विकसित था’ – उत्तर तालमेल कमेटी, सीपीआई माओवादी

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) उत्तर तालमेल कमेटी (NCC) ने 24 जनवरी, 2026 को प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा है कि बलराज उर्फ बच्चा प्रसाद सिंह जोगिंद्र सिंह उर्फ सतीश के विघटनकारी गुट को छोड़कर हमारी पार्टी के नेतृत्व के अंतर्गत जारी कम्युनिस्ट क्रांतिकारी आंदोलन में शामिल हों. जोगिंद्र सिंह उर्फ सतीश मास्टर की दक्षिणपंथी अवसरवादी राजनीति का भंडाफोड़ करो. अवसरवाद-विघटनवाद-संशोधनवाद के खिलाफ संघर्ष जिंदाबाद और मार्क्सवाद-लेनिनवाद-माओवाद का लाल झंडा ऊंचा उठाओ !

प्रिय कामरेडों और दोस्तों,

You might also like

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

हम इस दशक के सबसे तीखेपन वाले दौर में हैं, ऐसे में, हमारी केंद्रीय कमेटी ने बताया है कि साम्राज्यवाद और उनके दौड़ते कुत्ते तीसरे विश्वयुद्ध की तरफ़ बढ़ रहे हैं. यह युद्ध दुनिया और ख़ासकर हमारे जैसे उत्पीड़ित और शोषित देशों में आर्थिक, राजनीतिक संकट को बढ़ाने का काम कर रहा है. इसीलिए ही, दुनिया के लोग क्रांति के लिए पुकार लगा रहे हैं.

दुनियाभर के लोगों और ख़ासकर भारत के लोगों के सपनों को हक़ीक़त में उतारने के लिए हमारी पार्टी क्रांति के तूफ़ानी केंद्र को नेतृत्व प्रदान कर रही है. हमने दुश्मन के भयंकर दमन का सामना करते हुए कई अनमोल माट्टी के लालों को खोया है.

हमारे बहादुर और ऐतिहासिक जन मुक्ति छापामार सेना (PLGA) के कामरेडों के नेतृत्व में जारी संघर्ष फ़िलिस्तीन, वेनेजुएला, फ़िलीपींस की उत्पीड़ित जनता समेत तमाम उत्पीड़ित राष्ट्रीयता व जनता के संघर्ष के साथ एकजुट होकर एक सपने के लिए आगे बढ़ रहे हैं, वह सपना है- साम्राज्यवाद मुक्त समाजवादी-साम्यवादी दुनिया का.

हाल ही में हमारे केंद्रीय कमेटी सदस्य कामरेड गणेश दा, कामरेड अनल दा और कामरेड वप्पाराव समेत अन्य कई कामरेडों ने विश्व सर्वहारा क्रांति और भारतीय क्रांति के लिए अपने प्राणों को न्योछावर कर दिया. हम इन बहादुर शहीदों को सच्ची श्रद्धांजली पेश करते हैं और उनके अधूरे सपने लोगों का जनवादी संघीय गणराज्य भारत के निर्माण को पूरा करने की शपथ लेते हैं.

इस प्रकार के भारत को हासिल करने की कड़ी में, हम अवसरवादी-विघटनवादी-संशोधनवादी तत्वों के ख़िलाफ़ कठोर घृणा व्यक्त करते हैं. हम यह शपथ लेते हैं कि अवसरवादी-विघटनवादी-संशोधनवादी तत्वों से लड़ते हुए मार्क्सवाद-लेनिनवाद-माओवाद का लाल झंडा को हमेशा बुलंद रखेंगे.

हमारी पार्टी ने अपने पार्टी कार्यक्रम में बताया है कि आज के अंतर्राष्ट्रीय कम्युनिस्ट आंदोलन और विश्व सर्वहारा क्रांति के लिए संशोधनवाद, खासकर दक्षिणपंथी अवसरवाद मुख्य ख़तरा है. वर्तमान में दक्षिणपंथी अवसरवादी वे विघटनकारी हैं जो पार्टी को खुली और क़ानूनी बनाना चाहते हैं; इसीलिए वे हथियारबंद संघर्ष से परित्याग कर संशोधनवादी की जिंदगी जीते हैं. इस लाइन की अगुवाई फ़िलहाल सोनू उर्फ़ वेणुगोपाल और बलराज उर्फ़ बच्चा प्रसाद सिंह के द्वारा की जा रही है.

उत्तर भारत में, बलराज उर्फ़ बच्चा प्रसाद सिंह हमारी पार्टी के ख़िलाफ़ एक नेतृत्व का निर्माण कर विघटनकारी खेमे की अगुवाई कर रहा है. इसने हमारी पार्टी से भी गोपनीय होकर नए विघटनकारी ग्रुप का एक केंद्र का गठन कर लिया है. इस ग्रुप द्वारा काम करने की पद्धति लीन पियाओ वाली ही है. लीन पियाओ का संशोधनवाद अन्य अवसरवादियों से भिन्न और विकसित था.

लीन पियाओ ने पार्टी लाइन और नेतृत्व पर हमले करने के लिए षड्यंत्रकारी पद्धति का इस्तेमाल किया. वह गोपनीय ढंग से पार्टी कार्यकर्ताओं और कुछ नेतृत्वकारी कामरेडों से मिलकर उनको पार्टी विरोधी खेमे में शामिल होने के लिए प्रेरित करता था. उसने यह पार्टी कार्यकर्ताओं को व्यक्तिगत लाभ पहुंचाकर उनका विश्वास हासिल किया था.

जब उसने यह षड्यंत्र रचा, तो उसने खुशचेव के आधुनिक संशोधनवाद की मुखरता से ख़िलाफ़त कर पार्टी और कामरेड माओ के करीबी के रूप में अपने आपको पेश करते हुए क्रांतिकारी प्राधिकार का सिद्धांत दिया. उसने कामरेड माओ की प्रशंसा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जबकि छलकपट और खामोशीपूर्वक ढंग से कामरेड माओ को मारने के लिए साजिश रची. यहीं लीन पियाओ का अवसरवाद था.

इसी प्रकार, बलराज ने उत्तर भारत में बैठकें आयोजित करके हमारी पार्टी की केंद्रीय कमेटी के ख़िलाफ़ एक समानांतर केंद्र गठन करने का प्रयास किया. उसने हमारे पोलित ब्यूरो सदस्य और उत्तर भारत के इंचार्ज के ख़िलाफ़ साजिश रची. परंतु उसने दृढ़ता के साथ दावा किया कि वह पार्टी और पार्टी के नेतृत्व में जारी आंदोलन के प्रति वफ़ादार है. वह क्रांतिकारी क़तारों के बीच घुसने का प्रयास कर रहा है और हमारे कामरेडों की पहचान और जगह ढूंढने में दुश्मन की मदद कर रहा है.

वह पार्टी विरोधी विघटनकारी खेमे को और व्यापक करने का भरसक प्रयास कर रहा है. परंतु क्या वह मार्क्सवाद-लेनिनवाद-माओवाद के अमिट प्रहार के सामने टिक सकता है. कामरेड माओ ने कहा है कि ‘किसी भी देश या स्थान पर जहां कोई उत्पीड़न है, वहां प्रतिरोध भी मिलता है, जहां संशोधनवाद है, वहां कोई मार्क्सवादी-लेनिनवादी उसके ख़िलाफ़ संघर्ष करता हुआ भी मिलता है.’ हमें अवसरवाद की सभी झलकों को मिट्टी में गाढ़ना होगा.

हम यहां बलराज के पार्टी विरोधी भूमिगत नेट्वर्क का भंडाफोड़ कर रहे हैं जोकि हरियाणा में जोगिंद्र सिंह उर्फ़ सतीश मास्टर के मुखौटे के अंतर्गत सक्रिय है. यह दर्ज करना ज़रूरी है कि 15-16 नवंबर, 2019 में षड्यंत्रकारी बलराज उर्फ़ बच्चा प्रसाद सिंह ने दिल्ली, पंजाब समेत उत्तर भारत के कुछ कामरेडों के साथ एक सांगठनिक बैठक आयोजित की. इस मीटिंग में हरियाणा के जोगिंद्र सिंह उर्फ़ सतीश शामिल हुए.

इस षड्यंत्र का मालूम होते ही पार्टी विरोधी विघटनकारी खेमे की बैठक में शामिल होने वाले साथियों से इस बारे में आत्मालोचना पेश करने के लिए हमारी पार्टी प्रयास कर रही है. परंतु जोगिंद्र सिंह उर्फ़ सतीश गद्दार बलराज और उसके आदमी दर्शनपाल के साथ एकता को मज़बूत करने में लगा हुआ है. उसने अपना संगठन दर्शनपाल के साथ मिला दिया है.

यह जानना जरूरी है कि हमारी पार्टी ने डॉ. दर्शनपाल को पहले ही निष्कासित कर दिया है. विश्व सर्वहारा के गद्दार डॉ. दर्शनपाल को उसके अपने संगठन के लोगों ने भी निकाल बाहर कर दिया है. यह जनता के बीच में जनांदोलन के विघटनकारियों के ख़िलाफ़ नफ़रत को दर्शाता है. हम उन साथियों को क्रांतिकारी सलाम पेश करते हैं जिन्होंने डॉक्टर दर्शनपाल को अपने जनसंगठन से निष्कासित किया है. यह संघर्ष इतिहास के पन्नों में समर्पणवादियों के ख़िलाफ़ संघर्ष के रूप में दर्ज होगा.

हमारी केंद्रीय कमेटी-पोलित ब्यूरो ने नवंबर 2023 में सभी पार्टी सदस्यों के लिए लिखित रूप से और मौखिक रूप से सभी हमदर्दों तक एक सर्कुलर जारी किया था, जिसमें बलराज उर्फ़ बच्चा प्रसाद सिंह की अगुवाई में आयोजित विघटनकारी बैठक में जाने वाले सभी साथियों से यह अपील की गई कि वे अपना आत्मालोचना पेश करते हुए उचित पार्टी ढांचें में आएं और उनसे यह भी कहा गया कि जो भी भी राजनीतिक-सैद्धांतिक मतभेद हैं, उन्हें जनवादी केंद्रियता के नियमानुसार हल करें.

जब यह अपील पत्र जोगिंद्र उर्फ़ सतीश को दिया गया तो उसने साफ़ मना करते हुए यह कहा कि पार्टी के साथ किसी भी प्रकार की एकता नहीं बनायेंगे और बलराज के विघटनकारी गुट में ही शामिल रहेंगें. इस प्रकार जोगिंद्र उर्फ़ सतीश क्रांतिकारी राजनीति से बहुत दूर चले गए हैं. वह कहते हैं कि मैदानी इलाके में हथियारबंद संघर्ष नहीं हो सकता. असल में, यह अर्थवादी-सुधारवादी संघर्ष की ही दलील है.

वे कहते हैं कि लेनिनवादी भूमिगत पार्टी निर्माण करना वामपंथी दुस्साहसवाद है. चीनी रास्ते से भटकर हरियाणा में जोगिंद्र उर्फ़ सतीश हथियारबंद संघर्ष को तिलांजलि देने का काम किए हैं. यह सब उन्होंने हरियाणा के अंदर हमारी पार्टी के नेतृत्व में चलाई गई एल.ओ.एस. अभ्यास को अपने तरीके से तोड़-मरोड़कर सबक़ लेने की बात से निकाला है.

हालांकि सत्य यह है कि पार्टी को नुक़सान एल.ओ.एस. चलाने या चीनी रास्ते पर चलने से नहीं, बल्कि भूमिगत पार्टी निर्माण व्यवहार में लागू करने में कमज़ोरियों के कारण हुआ, ऐसा हमने 2016 प्लेनम रिपोर्ट में भी चिन्हित किया है. पर जोगिंद्र उर्फ सतीश जैसे अवसरवादी जो ख़तरा देखते ही शासक वर्ग की गोद में जा बैठते हैं, राजकीय दमन के मौके का फायदा उठाकर क्रांतिकारी राजनीति को ही छोड़ बैठते हैं.

अवसरवादी-विघटनवादी-संशोधनवादी तत्वों का यह रुझान कामरेड मार्क्स और कामरेड एंगेल्स के समय से देखा जा सकता है. जब-जब सर्वहारा वर्ग ने ज़्यादा कुर्बानी की मांग की है, तब-तब निम्न पूंजीपति वर्गीय अवसरवादी तत्वों ने धोखा और सिर्फ धोखा ही दिया है. इसका ताज़ा और उत्कृष्ट उदाहरण वेणुगोपाल का हथियारों के साथ दुश्मन के सामने आत्मसमर्पण करना है. जोगिंद्र उर्फ़ सतीश भी इन्हीं का एक अनुयायी है. जोगिंद्र उर्फ़ सतीश, बलराज का ही एक हरियाणवी स्वरूप है.

पार्टी के अंदर अवसरवादी-विघटनवादी-संशोधनवादी नहीं रह सकते. इसीलिए पार्टी संविधान की धारा-27, जो कि यह कहती है कि जो कोई भी पार्टी लक्ष्यों और उद्देश्यों को नकारकर पार्टी के ढांचें व कार्यक्रम का उलंघन करता है, उसपर अनुशासनिक कार्यवाई की जायगी.

पार्टी की नौवीं कांग्रेस-एकता कांग्रेस में तय की गई लाइन से भटकते हुए जोगिंद्र उर्फ़ सतीश ने विघटनवादी खेमे में सक्रियता दिखाई. इसीलिए सतीश पार्टी विरोधी अनुशासनहीनता कर रहे हैं. बलराज के नेतृत्व में चल रहे विघटनकारी संगठन की सदस्यता के कारण हम जोगिंद्र उर्फ़ सतीश को पार्टी की बुनियादी सदस्यता से निष्कासित करते हैं क्योंकि वे पार्टी और विघटनकारी दोनों के साथ नहीं रह सकते.

इसके साथ ही हम जोगिंद्र उर्फ सतीश के संगठन में मौजूद हमारे सभी साथियों से अपील करते हैं कि वे अपने इलाके के उचित पार्टी ढांचें में शामिल हों और अवसरवाद-विघटनवाद-संशोधनवाद के सभी रूप-रंगों के ख़िलाफ़ लड़ाई को तेज करें. याद रखें कि विजय हमारी यानी सच्चे मार्क्सवादी-लेनिनवादी-माओवादी की ही है.

Read Also –

कामरेडस जोसेफ (दर्शन पाल) एवं संजीत (अर्जुन प्रसाद सिंह) भाकपा (माओवादी) से बर्खास्त

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लॉग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लॉग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
G-pay
Previous Post

मैं रहूं न रहूं, पर लड़ाई ज़िंदा रहेगी : एक अपरिचय से परिचय तक की दहला देने वाली मुलाक़ात

Next Post

‘हमारी पार्टी अपने संघर्ष के 53वें वर्ष में फासीवाद के खिलाफ अपना संघर्ष दृढ़तापूर्वक जारी रखेगी’ – टीकेपी-एमएल की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य के साथ साक्षात्कार

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

by ROHIT SHARMA
February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

by ROHIT SHARMA
February 24, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमारी पार्टी अपने संघर्ष के 53वें वर्ष में फासीवाद के खिलाफ अपना संघर्ष दृढ़तापूर्वक जारी रखेगी’ – टीकेपी-एमएल की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य के साथ साक्षात्कार

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
Next Post

'हमारी पार्टी अपने संघर्ष के 53वें वर्ष में फासीवाद के खिलाफ अपना संघर्ष दृढ़तापूर्वक जारी रखेगी' - टीकेपी-एमएल की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य के साथ साक्षात्कार

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

लोकतंत्र, न्यायिक व्यवस्था और हम

March 23, 2018

खुदाई

December 4, 2024

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.