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Home गेस्ट ब्लॉग

आधारः ट्राई अध्यक्ष की निकली हेकड़ी

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
July 30, 2018
in गेस्ट ब्लॉग
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आधार की सुरक्षा को लेकर ट्वीटर पर खुलेआम चैलेंज करते हुए जब ट्राई चीफ ने अपना आधार नंबर सार्वजनिक किया तो उन्हें अंदाजा नहीं था कि महज घंटे भर के भीतर हैकर उनकी हेकड़ी निकाल बाहर कर देगा और वह खुद खतरे में आ जायेंगे.

आधारः ट्राई अध्यक्ष की निकली हेकड़ी

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भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के अध्यक्ष आरएस शर्मा ने सोशल नेटवर्किंग साइट ट्वीटर पर अपना 12 अंकों का आधार नंबर साझा करते हुए लिखा था कि आधार को कोई खतरा नहीं है. मैं चैलेंज देता हूं कि कोई मेरी गोपनीय जानकारी लीक करके दिखाए. यह चैलेंज देने और ट्वीटर पर आधार नंबर साझा करने के महज एक घंटे बाद ही हैकर ने उनका पता, आधार से जुड़ा फोन नंबर, ई-मेल आईडी, जन्मतिथि और उनकी व्हाट्सऐप की तस्वीर भी सार्वजनिक कर दी, जो आधार से जुड़ी खामियों की पोल खोल करने का सबसे बड़ा उदाहरण है.

हालांकि जिस इलियट एल्डरसन उपनाम वाले ट्वीटर यूजर ने ऐसा किया वह फ्रांस के एक सुरक्षा विशेषज्ञ का ट्विटर हैंडल ‘एट एफएसओसी131वाई’ है. शर्मा के चैलेंज को स्वीकार कर उन्होंने दिखा दिया कि आधार में कितनी खाामियां है. सुरक्षा विशेषज्ञ ने ट्वीट्स के जरिए शर्मा के निजी जीवन के कई आंकड़े, उनके 12 अंकों की आधार संख्या के माध्यम से जुटाकर जारी कर दिये. हालांकि ऐसा उन्होंने आधार को आईना दिखाने के लिए किया, मगर यह साबित हो गया कि जिसे हमारी सरकार सबसे गोपनीय और हर चीज को आधार से जोड़ने की पहल कर रही है वह कितनी खतरनाक है.

शर्मा के आधार नंबर से हैकर ने उनका निजी पता, जन्मतिथि, वैकल्पिक फोन नंबर आदि तक जारी कर दिए. साथ ही यह जानकारियां लीक करते हुए शर्मा को सचेत किया कि आधार संख्या को सार्वजनिक करने के क्या खतरे हो सकते हैं. एल्डरसन ने शर्मा के ट्वीटर हैंडल पर रिट्वीट करते हुए लिखा, “आधार संख्या असुरक्षित है. लोग आपका निजी पता, वैकल्पिक फोन नंबर से लेकर काफी कुछ जान सकते हैं. मैं यहीं रुकता हूं. मैं उम्मीद करता हूं कि आप समझ गए होंगे कि अपना आधार संख्या सार्वजनिक करना एक अच्छा विचार नहीं है.

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक जिन ट्राई अध्यक्ष आरएस शर्मा की सारी जानकारियां आधार नंबर से लीक की गईं वह आधार के सबसे बड़े समर्थकों में से माने जाते हैं. वो दावा करते रहते हैं कि आधार की विशिष्ट संख्या किसी की निजता का उल्लंघन नहीं करता है तथा सरकार को इस तरह के डेटाबेस बनाने का अधिकार है, ताकि वह सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत नागरिकों को सब्सिडी दे सके.

गौरतलब है कि आधार को लेकर निजता की चिंता के मामले को सर्वोच्च न्यायालय तक लोग ले जा चुके हैं. आम जनता तक को डर है कि उनका 12 अंकों का बायोमीट्रिक नंबर कहीं निजता के लिए हानिकारक तो नहीं है और ट्राई प्रमुख की जानकारियां जिस तरह से आधार नंबर से लीक की गई हैं, उससे यह डर और ज्यादा बढ़ गया है.

फ्रांस सुरक्षा विशेषज्ञ का ट्वीटर हैंडल जो एंडरसन नाम ने चलता है उसने आधार संख्या की मदद से शर्मा के निजी फोटो तक ढूंढ़ निकाले और ट्वीट कर प्रकाशित करते हुए लिखा, “मैं समझता हूं कि इस तस्वीर में आपकी पत्नी और बेटी हैं।”

गौरतलब है कि एंडरसन आधार डेटा प्रणाली की सुरक्षा से जुड़ी खामियों का खुलासा करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने शर्मा से जुड़ी कई सारी जानकारियां और तस्वीरें प्रकाशित की, हालांकि उनमें कई संवेदनशील हिस्सों को ब्लर कर प्रकाशित किया, ताकि शर्मा की निजता को कोई नुकसान न हो. उनके द्वारा प्रकाशित तस्वीरों में शर्मा का पैन कार्ड भी शामिल था, हालांकि उसके नंबरों को एंडरसन ने ब्लर करके ट्वीट किया था.

हलांकि बाद में ट्राई अध्यक्ष शर्मा ने अपनी भूल स्वीकार करते हुए टि्वट किया है कि माफ करियेगा, मैं पुराने जमाने का आदमी हूं. आपकी तरह डिजिटल दुनिया की जानकारी का अधिकारी कैसे हो सकता हूं ?


शर्मा के इस ट्वीट के जवाब पर अनेकों ट्वविट हैंंडल ने आडे हाथ लेते हुए ट्वीट किया. एक ने ट्वीव करते हुए कहा कि आप पुराने जमाने के हैंं इसलिए नहीं जानते कि आधार बेकार है.

बहसों का परिणाम चाहे जो भी हो एक बात तो पूरी तरह स्पष्ट हो गई है कि आधार पूरी तरह असुरक्षित है और कभी भी इसका दुरुपयोग कर किसी भी तरह का नुकसान पहुंचाया जा सकता है. संभव है देश की अर्थव्यवस्था तक बर्बाद हो जाये. केन्द्र की मोदी सरकार बैंक अकाउंट से लेकर तमाम सुविधाओं तक को जिस प्रकार आधार से जबदस्ती लिंक करा रही है, उसका खामियाजा देश और देश की जनता लम्बे दिनों तक भुगतेगी, संभवतया परमाणु बम के हमले से भी ज्यादा भयावह साबित होगा.

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आधार : स्कायनेट के खूनी शिकंजे में

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Tags: आधारशर्मा
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