Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

कलंक कथाः राष्ट्रभक्तों का पत्र मोदी के नाम

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
August 25, 2018
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

मोदी जी, गुलामी के हर कलंक को मिटा दो. फिर चाहे वो इंसान हो, स्थान हो, इमारत हो कुछ भी हो, जो कलंक है, उसको भारत की धरती से – मिटाओ और हमें मिटाने दो, Do and Let Us Do.

You might also like

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

किसी गली का नाम उस्मानपाड़ा, किसी सड़क का नाम औरंगजेब रोड, किसी स्टेशन का नाम मुगलसराय, किसी शहर का नाम औरंगाबाद आज भी क्यों है ? हम देशभक्त राष्ट्रवादियों के इन सवालों की लिस्ट तो अंत हीन है.

गुलामी के कपड़ों में लिपटा “विकास” नहीं चाहिए, विकास भगवा ही चाहिए. अच्छा किया आजकल आपने, विकास और अच्छे दिन जैसी फालतू बातें करना बन्द कर दी हैं.

मोदी जी आपने गांधी, अम्बेडकर, पटेल, भगत सिंह, कर्पूरी ठाकुर, लोहिया आदि के विचारों का रंग गेरुआ और नेहरू का काला कर के दिखा दिया. देश का विश्वास आपके ऊपर जम चुका है.

युवाओं को रोजगार नहीं मिले, किसानों का फांसी पर लटक कर मरना नहीं रुका, भ्रष्टाचार नहीं रुका, महिलाओं की अस्मत की रक्षा नहींं हो सकी, तमाम घोषित योजनाएंं सफलता से जमीन पर नहीं उतर सकीं …, इनकी लिस्ट भी बहुत लंबी है.

कोई बात नहीं, ये आकांक्षायें आज नही कल पूरी हो जाएंगी. पर इनसे भी ज्यादा जरूरी है, गुलामी के हर कलंक को मिटाना. फिर चाहे वो इंसान हो, स्थान हो, इमारत हो, कुछ भी हो. जो कलंक है, उसको भारत की धरती से मिटा दो. Do and Let Us Do. तभी हमारी हजारों साल की प्यास बुझेगी. पांच नहीं जितने साल चाहो ले लो.

सत्तर साल में कई बुजदिल सरकारें आईं और चली गईं, किसी ने कुछ नही किया. मोदीजी अब उम्मीद सिर्फ आपसे है,

हमें यह जान कर अच्छा लगा कि बाजपेयी जी के अस्थियों की राख सबसे ज्यादा स्थानों पर केवल उत्तर प्रदेश की नदियों में जगह-जगह प्रवाहित की जाएंगी. क्या देश के अन्य हिस्सों में प्रवाहित करने के राजनैतिक लाभ-हानि का आंकलन किया जा रहा है ? अटल जी के सम्मान को इस समय राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने का कोई राजनैतिक औचित्य हमें नहीं दीखता ? अपितु खतरा ही दिखता है. पूरे देश में भाजपा विरोधी उनके लुंज-पुंज हिंदुत्व का गुणगान करने लगेंगे ? जो आपके उद्देश्य को भारी नुकसान पहुंचा सकता है.

उनके “लुंज-पुंज हिंदुत्व” ने 2004 में बीजेपी की लुटिया ही डुबो दी थी. वर्ष 2002 में गुजरात में आपके निर्णयों की धार और कलंक मिटाने की दृढ़ता देश देख ही चुका था. वर्ष 2004 में चुनाव की कमान, मोदी जी, यदि आपके हाथों आ गयी होती तो 2014 तक हमें इंतजार न करना होता.

अचानक मेरी नींद टूट गयी, मैं पसीने-पसीने था. रात अभी आधी से ज्यादा बाकी थी. फिर नींद आयी नहीं … कलंक मिटेगा या देश ? सोचता रहा.

– विनय ओसवाल

वरिष्ठ राजनीतिक विचारक एवं विश्लेषक
सम्पर्क नं. 7017339966

Read Also –

हिन्दुत्ववादी फासीवाद का बढ़ता खतरा और हमारे कार्यभार
लिंचिंग : घृणा की कीचड़ से पैदा हिंसा अपराध नहीं होती ?
हरिशंकर परसाई की निगाह में भाजपा
[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…]

[ प्रतिभा एक डायरी ब्लॉग वेबसाईट है, जो अन्तराष्ट्रीय और स्थानीय दोनों ही स्तरों पर घट रही विभिन्न राजनैतिक घटनाओं पर अपना स्टैंड लेती है. प्रतिभा एक डायरी यह मानती है कि किसी भी घटित राजनैतिक घटनाओं का स्वरूप अन्तराष्ट्रीय होता है, और उसे समझने के लिए अन्तराष्ट्रीय स्तर पर देखना जरूरी है. प्रतिभा एक डायरी किसी भी रूप में निष्पक्ष साईट नहीं है. हम हमेशा ही देश की बहुतायत दुःखी, उत्पीड़ित, दलित, आदिवासियों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों के पक्ष में आवाज बुलंद करते हैं और उनकी पक्षधारिता की खुली घोषणा करते हैं. ]

Previous Post

मैं नास्तिक क्यों हूंं ?

Next Post

भारत की सम्प्रभुता आखिर कहां है ?

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

by ROHIT SHARMA
April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
Next Post

भारत की सम्प्रभुता आखिर कहां है ?

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

सोमालियन पार्लियामेंट फासिस्ट आर्किटेक्चर के ध्वंसावशेष का प्रतिरुप है भारत का मोदी निर्मित ‘सेन्ट्रल विष्टा’

June 6, 2023

भाकपा (माओवादी) ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए वरिष्ठ नेता कोबाड गांधी को निष्कासित किया

December 5, 2021

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.