Tuesday, August 18, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

भाजपा एकदम ईमानदार दल है, कैसे ?

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
July 7, 2023
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
भाजपा एकदम ईमानदार दल है, कैसे ?
भाजपा एकदम ईमानदार दल है, कैसे ?

शुक्र है भगवान का कि मैं वीडियो नहीं बनाता, पोस्ट लिखता हूं, वरना आर्कमिडीज की तरह मुझे भी आप नंगे राजा की तरह दौड़ते देखते. बहरहाल, आज मुझे वो रहस्य मिल गया है, जिसकी गवेषणा करने में बड़े-बड़े लोग आज तक सर खपा रहे हैं.

सवाल यह था कि भाजपा एकदम ईमानदार दल है. इसका नेता ईमानदार है, कार्यकर्ता ईमानदार है, मंत्री ईमानदार है, संतरी ईमानदार है. दरअसल, अगर मां बाप ईमानदार न हो तो भाजपाण्डू पैदा होने से इनकार कर देता है. ऐसा शुद्ध ईमानदार पार्टी है बीजेपी…!!!

You might also like

भागलपुर, विशेष केन्द्रीय कारा (तृतीय खण्ड) में बंद एक प्रशासनिक बन्दी प्रमोद मिश्रा का पत्र

विश्व सर्वहारा क्रांति के दो नये गद्दार : विश्व विजय और सीमा

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

फिर तमाम करप्ट नेता भाजपा से जा चिपकते क्यों हैं ? सवाल यह है कि एक ईमानदार पार्टी की गोद मे भारत के तमाम घोषित करप्ट नेता (जिन्हें सीबीआई और ईडी जेल में डालने वाली ही होती है) कि अगले पल वो भाजपा के मंत्री, उपमुख्यमंत्री या मुख्यमंत्री बने नजर आते हैं. बड़ा ही उलझाने वाला सवाल है. टब में नहाते हुए मैं यही सोच रहा था.

और सोचते सोचते मेरी निगाह चुम्बक पर गई. अब चुम्बक वहां क्या कर रहा था, यह मुझे नहीं पता. मगर उसे देखकर मेरे दिमाग में बिजली कड़की, जोर की झन्नाहट के साथ मुझे सब समझ में आ गया.

असल में आठवीं कक्षा का विज्ञान का चुम्बक वाला चेप्टर याद आ गया. आप अगर व्हाट्सप यूनिवर्सिटी से एंटायर एमएमसी नहीं किये, तो पता होगा कि चुम्बक के समान सिरे रिपेल करते हैं, और असमान सिरे एट्रेक्ट करते हैं.

हां ! बूझ गए आप. न समझने वालों के लिए- दरअसल चुम्बक का धनात्मक ध्रुव, दूसरे चुम्बक के धनात्मक ध्रुव के सामने आए, या ऋणात्मक ध्रुव दूसरे चुम्बक के ऋणात्मक के सामने पड़ जाए तो एक दूसरे से दूर भागते हैं, विकर्षण होता है. लेकिन धनात्मक के सामने ऋणात्मक आये, तो दोनो चप्प से चिपक जाते हैं. भयंकर एट्रेक्शन होता है.

वैसे ही पूर्ण ‘भ्रष्टाचार निगेटिव भाजपा’ के सामने जैसे ही पूर्ण ‘भ्रष्टाचार पॉजिटीव नेता’ आता है, वो चप्प से चिपक जाता है. दोनों का बंधन मोदी-शाह की तरह अटूट होता है. उधर कांग्रेस करप्ट है, इसलिए सब करप्ट नेता उससे दूर हो रहे हैं.

सिम्पल !!! समझ गए न ?? यूरेका !! यूरेका !!!

2

आज मैं सोच रहा था कि एस. जयशंकर बुद्धिमान आदमी हैं. हरदीप पुरी बुद्धिमान आदमी हैं. हिमांता बिश्वसरमा बुद्धिमान आदमी है. मगर फिर मुझे ध्यान आया, बुद्धिमत्ता के अलावे इनमें एक और समानता है. वो ये कि इनमें एक्को भाजपाई नहीं है.

हां जी ! जयशंकर और पुरी एक्स ब्यूरोक्रेट हैं. हिमंता, एक्स कांग्रेसी हैं. ऐसे ही महाराष्ट्र के सीएम शिंदे बुद्धिमान हैं, भाजपा के नहीं हैं. कर्नाटक के बोम्मई सीएम थे, जनता दल के एक्स सीएम बोम्मई के पुत्र. हाल में महाराष्ट्र का डिप्टी सीएम ये एनसीपी से लाये.

अब सवाल यह है कि देश भर में भाजपा के 300 सांसद हैं, और हजारों विधायक !!! फिर इन्हें मंत्री, मुख्यमंत्री बनाने के लिए कांग्रेसियों और ब्यूरोक्रेट को बुलाने की जरूरत क्यों होती है ? यह विचार करने मैं टब में बैठ गया. फिर काफी मग्गे पानी मुंडी में डालने पर बात समझ में आयी.

असल में इनका वोटर वर्ग है गधा. इन्हें अपने जैसा गधा, निकम्मा, बकलोल, नफरती और बकवासी आदमी चाहिए होता है. तो चुनाव जीतने के लिए उन्हीं के जैसे आदमी को टिकट दिया है. वो धूमधाम से जीत भी जाते हैं. लेकिन जब सरकार चलानी हो तो बुद्धिमान आदमी चाहिए. बाहर से लेना पड़ता है. ब्यूरोक्रेसी से, दूसरे दलों से, कांग्रेस से…

मजबूरी में कुछ पार्टी वालों को दिखावटी मंत्री बनाना पड़ता है. मंत्रालय के काम से दूर बिजी रखने को उन्हें ट्विटर पर राहुल गांधी को गरियाने की ड्यूटी दे दी जाती है. एकाध पाकिस्तान का वीजा देने के लगा दिए जाते हैं, बाकी जेसीबी लेकर गद्दार खोजते फिरते हैं.

मछली काजू कतली से नहीं फंसती. गोबर से निकला केंचुआ देखकर ही मुंह मारने आती है. ऐसे में मोदी जी का दोष नहीं. उनके वोटर बेस का है. वो अपने जैसों को जिताते हैं, जो लोग किसी काम के नहीं होते. यूरेका…!!!

  • मनीष सिंह

Read Also –

गुजरात फाइल्‍स : अफसरों की जुबानी-नरेन्द्र मोदी और अमि‍त शाह की शैतानी कार्यशैली
मणिपुर हिंसा : नीरो नहीं, नरेन्द्र मोदी नीचता और क्रूरता का सबसे घृणास्पद मिसाल है !
आपके डीएनए में क्या है, सारी दुनिया जान गई !!
फकीरचंद का परिवारवाद
निरंजन टाकले का विस्फोटक खुलासा: संघ के आंतकवादी चाल-चरित्र, मालेगांव और समझौता बम ब्लास्ट

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

देखो-देखो नशे में धुत्त हत्यारा आदिवासी युवक पर मूत रहा है…

Next Post

बेलसोनिका मजदूर आन्दोलन : लोकतंत्र की आड़ में सरकार की मज़दूर विरोधी चेहरा बेनकाब

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

भागलपुर, विशेष केन्द्रीय कारा (तृतीय खण्ड) में बंद एक प्रशासनिक बन्दी प्रमोद मिश्रा का पत्र

by ROHIT SHARMA
August 7, 2026
गेस्ट ब्लॉग

विश्व सर्वहारा क्रांति के दो नये गद्दार : विश्व विजय और सीमा

by ROHIT SHARMA
July 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

by ROHIT SHARMA
August 7, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
Next Post

बेलसोनिका मजदूर आन्दोलन : लोकतंत्र की आड़ में सरकार की मज़दूर विरोधी चेहरा बेनकाब

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

महिला दिवस पर एक नजरिया : एक दिन के सम्मान का औचित्य क्या ?

March 11, 2019

मोदी के विकास मतलब है गैस, डीजल और पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि

October 18, 2021

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

भागलपुर, विशेष केन्द्रीय कारा (तृतीय खण्ड) में बंद एक प्रशासनिक बन्दी प्रमोद मिश्रा का पत्र

August 7, 2026
गेस्ट ब्लॉग

विश्व सर्वहारा क्रांति के दो नये गद्दार : विश्व विजय और सीमा

July 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

August 7, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
Uncategorized

‘ऑपरेशन कगार के खिलाफ और भारत में जनयुद्ध के समर्थन में लामबंदी जारी रखें’ – ICSPWI इटली

July 12, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

भागलपुर, विशेष केन्द्रीय कारा (तृतीय खण्ड) में बंद एक प्रशासनिक बन्दी प्रमोद मिश्रा का पत्र

August 7, 2026

विश्व सर्वहारा क्रांति के दो नये गद्दार : विश्व विजय और सीमा

July 27, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.