Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home ब्लॉग

अब खतरे में आम आदमी की जमापूंजी

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
January 5, 2019
in ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

अब खतरे में आम आदमी की जमापूंजी

केन्द्र की मोदी सरकार, जिसने आधार कार्ड आदि के विरोध के नाम पर देश की सत्ता हथियाई थी, ने आधार कार्ड को अनिवार्य बनाकर और बैंक अकाउंट सहित सिम कार्ड व अन्य सेवाओं को आधार नम्बर से जोड़ कर देश को अमेरिका का गुलाम बना दिया है, जिसकी भरपाई भारतवासी न जाने कब तक अपनी गुलामी से चुकाती रहेगी, यह तो भविष्य की बतायेगा, पर बैंकों को खंगालने की इस तरह की घटनायें आये दिन चलती रहेगी, जिससे हम देशवासियों के पास सिवा रोने के इस वेबकूफ मोदी सरकार ने और कोई उपाय नहीं छोड़ा है.

देश के महनतकश आम जनता के खून-पसीने की लाखों करोड़ रूपये की कमाई को चंद औद्योगिक घरानों के भेंट चढ़ाने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (प्रसिद्ध उपन्यास हैरी-पॉटर के खलनायकलॉर्ड वॉल्डमोड के तर्ज पर जिसका नाम नहीं लिया जा सकता) ने जिस तरह ताबरतोड़ आधार कार्ड को मोबाईल सिम और बैंक अकांउट से जोड़ने भयावह साजिश की, वह नोटबंटी और जीएसटी की ही तरह विश्व के इतिहास में कभी नहीं सुना जाने वाला कृत्य बन कर रह गया है. मोदी के इस साजिश का भयावह परिणाम अब देश के सामने आ रहा है, जब आये दिन किसी-न-किसी का बैंक अकाउंट खाली किया जा रहा है.

You might also like

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

यों तो आम जनों के साथ धोखाधड़ी के छोटे-मोटे मामले रोज ही आ रहा है, जिसकी कहीं कोई सुनवाई भी नहीं होती है. परन्तु अब जब यह मामला मुम्बई के एक बड़े कारोबारी के खाते से 1.86 करोड़ रूपये महज फोन कॉल्स के माध्यम से खंगाल लिया गया, तब देशभर में हड़कम्प मच गया. मामला यों है कि मुम्बई के एक कारोबारी के मोबाईल पर एक रात लगातार कई फोन कॉल आये, जिसके बाद उसका मोबाईल काम करना बंद कर दिया. अगली सुबह जब उसने अपने खाते की जांच की तो पता चला कि उसका मोबाईल नम्बर जिस बैंक के खाते से जुड़ा था, उससे करीब 1.86 करोड़ रूपये चंपत हो गये हैं. रिपोर्ट करने और बैंकों की आपाधापी के बाद महज 20 लाख रूपये ही वापस आ पाये.



इस बारदात के बाद अखबारों में इन्टरव्यू देते हुए पटना से ईओयू के साईबर सेल के एस.पी. सुनिल कुमार बताते आम जनों को आगाह करते हुए कहते हैं, ‘‘हैकर अगर आधार नम्बर मांगे तो अपने आधार नम्बर की जानकारी किसी को नहीं देना है.’’ अब जबकि हर सिम कार्ड वाले, बैंक वाले से लेकर होटल और बाथरूम की सेवा तक में आधार कार्ड मांगे जा रहे है, बिना आधार कार्ड के इस देश में हर सेवा को प्रतिबंधित जैसा कर दिया गया है, बिना आधार नम्बर दिये सिम कार्ड, बैंक अकांउट तक बंद किये जा रहे हैं, तब ऐसे में पटना के एसपी द्वारा यह आगाह करना कि आधार नम्बर की जानकारी किसी को नहीं देना है, पूरी तरह वेबकूफाना हिदायत है, जिसका वास्तव में अब कोई आधार नहीं रह गया है.

पिछले दिनों ही आधार कार्ड/नम्बर के प्रबल समर्थक ट्राई के अध्यक्ष ने हेकड़ी दिखाते हुए अपना आधार नम्बर ट्विटर पर सार्वजनिक करते हुए चैलेंज दिया था कि कोई हैक करके दिखाये. इस चैलेंज के कुछ ही घंटे बाद एक हैकर ने इस ट्राई अध्यक्ष की हैकड़ी निकालते हुए उसके निजी जानकारी को सार्वजनिक कर दिया, और उसे हिदायत दिया कि आधार नम्बर से हर वह जानकारी निकाली जा सकती है, जिसको आधार नम्बर से लिंक किया जा चुका है. स्पष्ट तौर पर आधार नम्बर सुरक्षित नहीं है.



अब जब आधार नम्बर को विभिन्न सेवाओं को हासिल करने के नाम पर हर गली-नुक्कड़ों में टांग दिया गया हो और उसे लोगों के बैंक अकाउंट से जोड़ दिया गया हो, तो स्थिति बिल्कुल वैसी ही है, मानो घर में ताले लगाकर चाबी को सार्वजनिक तौर पर टांग दिया गया, फिर वह लोगों को हिदायत जारी करें कि अपने चाबी की रखवाली स्वयं करें, हमारी कोई जिम्मेवारी नहीं है, यह देश की जनता के साथ विश्वासघात के सिवा और कुछ नहीं है.

विदित हो कि आधार कार्ड का सर्वर अमेरिका में स्थित में है, जो आधार कार्ड से जुड़े हमारे तमाम डाटाओं का रखता है. वह उसे नियंत्रित और संचालित भी करता है, अर्थात् देश के तमाम नागरिकों की पहचान और उसके बैंक खाताओं की जानकारी अमरीका के पास है. भविष्य में कभी भारत अगर अमरीका के किसी नीति से असहमत होता है या उसका विरोध करता है, उस स्थिति में अमेरिका इन डाटाओं का इस्तेमाल कर न केवल देश के नागरिकों का बैंक अकाउंट ही खंगाल सकता है, बल्कि उसकी हत्या आदि कर देश को घुटनों पर भी ला सकता है.



केन्द्र की मोदी सरकार, जिसने आधार कार्ड आदि के विरोध के नाम पर देश की सत्ता हथियाई थी, ने आधार कार्ड को अनिवार्य बनाकर और बैंक अकाउंट सहित सिम कार्ड व अन्य सेवाओं को आधार नम्बर से जोड़ कर देश को अमेरिका का गुलाम बना दिया है, जिसकी भरपाई भारतवासी न जाने कब तक अपनी गुलामी से चुकाती रहेगी, यह तो भविष्य की बतायेगा, पर बैंकों को खंगालने की इस तरह की घटनायें आये दिन चलती रहेगी, जिससे हम देशवासियों के पास सिवा रोने के इस वेबकूफ मोदी सरकार ने और कोई उपाय नहीं छोड़ा है.



Read Also –

आखिर कोई धन्नासेठ कैसे बन जाता है ?
70 साल के इतिहास में पहली बार झूठा और मक्कार प्रधानमंत्री
यह सरकार है या डाकू
कांग्रेस और भाजपा एक सिक्के के दो पहलू



[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…]

Previous Post

जीएसटी बिल बनी गले की हड्डी

Next Post

नकदी मुक्त लेन-देन के खतरे

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

ब्लॉग

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

by ROHIT SHARMA
March 22, 2026
ब्लॉग

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

by ROHIT SHARMA
December 22, 2025
ब्लॉग

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

by ROHIT SHARMA
November 25, 2025
ब्लॉग

सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा

by ROHIT SHARMA
November 20, 2025
ब्लॉग

‘राजनीतिक रूप से पतित देशद्रोही सोनू और सतीश को हमारी पार्टी की लाइन की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है’ : सीपीआई-माओवादी

by ROHIT SHARMA
November 11, 2025
Next Post

नकदी मुक्त लेन-देन के खतरे

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

देह

March 20, 2021

तुम तो मधु लिमये हो महुआ !

October 21, 2023

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.